{"_id":"5bf46725bdec22695d3611b5","slug":"101542743845-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 87 चर्म शोधन इकाइयों को भेजे नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 87 चर्म शोधन इकाइयों को भेजे नोटिस
Updated Wed, 21 Nov 2018 01:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोघट (बागपत)। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भड़ल गांव में संचालित 87 चर्म शोधन इकाइयों का संचालन बंद कराने के लिए नोटिस भेजा। साथ ही सक्षम अधिकारी को इकाइयों को मिलने वाली बिजली, पानी व अन्य सुविधाओं को तत्काल प्रभाव से बंद करने और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने के निर्देश दिए हैं।
भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों को लेकर दोनों पक्षों ने लंबे समय तक धरना दिया। एक पक्ष के लोगों का धरना एडीएम ने खत्म कराया, जबकि संचालकों का धरना जारी है। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ के अधिकारियों ने 30 जुलाई 2017 से 19 अक्तूबर 2018 तक इकाइयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इकाइयों से दूषित पानी प्रवाहित होता मिला। इसके शुद्धिकरण की व्यवस्था भी स्थापित नहीं की। पेयजल व तालाब के पानी की नमूने लिए। इसमें प्रदूषित प्रचालकों की मात्रा बोर्ड के निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य पर्यावरण अधिकारी पारस नाथ ने भड़ल गांव में संचालित 87 चर्म शोधन इकाइयों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के नोटिस जारी कर दिए। इसमें इकाइयों को मिलने वाली बिजली, पानी व अन्य सुविधाओं को तत्काल प्रभारी से बंद कर दिया जाए। इकाई संचालकों को 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड 15 दिन में बोर्ड के खाते में जमा कराने को भी कहा है।
बिजली व जल निगम को पत्र भेजा
दोघट (बागपत)। एसडीएम बड़ौत आशीष कुमार ने बताया कि इकाइयों को मिलने वाली बिजली व पानी बंद कराने के लिए विद्युत निगम और जल निगम के अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन
न्यायालय का खटखटाएंगे दरवाजा
दोघट। भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के संचालकों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। इकाई संचालकों ने कहा देश की आजाद के बाद से इकाइयां संचालित हैं। कारोबार बंद होने से परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं और अब उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड जमा करने का नोटिस दिया है। उनका शोषण किया जा रहा है। निर्णय लिया कि नोटिस के विरोध में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। 22 नवंबर से दो लोग भूख हड़ताल करेंगे। इस मौके पर कृष्ण, सुनील, धर्मेंद्र, रविंद्र, रामदास, ओमपाल, बाबूराम, जितेंद्र, अशोक, संजीव सैनी, नरेश, श्यामो देवी, बाला देवी, रामवती, सरोज, संतोष, अमीकोर, अतरकली, बफी, नारो, राजबाला, सीमा आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों को लेकर दोनों पक्षों ने लंबे समय तक धरना दिया। एक पक्ष के लोगों का धरना एडीएम ने खत्म कराया, जबकि संचालकों का धरना जारी है। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ के अधिकारियों ने 30 जुलाई 2017 से 19 अक्तूबर 2018 तक इकाइयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इकाइयों से दूषित पानी प्रवाहित होता मिला। इसके शुद्धिकरण की व्यवस्था भी स्थापित नहीं की। पेयजल व तालाब के पानी की नमूने लिए। इसमें प्रदूषित प्रचालकों की मात्रा बोर्ड के निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य पर्यावरण अधिकारी पारस नाथ ने भड़ल गांव में संचालित 87 चर्म शोधन इकाइयों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के नोटिस जारी कर दिए। इसमें इकाइयों को मिलने वाली बिजली, पानी व अन्य सुविधाओं को तत्काल प्रभारी से बंद कर दिया जाए। इकाई संचालकों को 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड 15 दिन में बोर्ड के खाते में जमा कराने को भी कहा है।
विज्ञापन
बिजली व जल निगम को पत्र भेजा
दोघट (बागपत)। एसडीएम बड़ौत आशीष कुमार ने बताया कि इकाइयों को मिलने वाली बिजली व पानी बंद कराने के लिए विद्युत निगम और जल निगम के अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन
न्यायालय का खटखटाएंगे दरवाजा
दोघट। भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के संचालकों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। इकाई संचालकों ने कहा देश की आजाद के बाद से इकाइयां संचालित हैं। कारोबार बंद होने से परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं और अब उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड जमा करने का नोटिस दिया है। उनका शोषण किया जा रहा है। निर्णय लिया कि नोटिस के विरोध में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। 22 नवंबर से दो लोग भूख हड़ताल करेंगे। इस मौके पर कृष्ण, सुनील, धर्मेंद्र, रविंद्र, रामदास, ओमपाल, बाबूराम, जितेंद्र, अशोक, संजीव सैनी, नरेश, श्यामो देवी, बाला देवी, रामवती, सरोज, संतोष, अमीकोर, अतरकली, बफी, नारो, राजबाला, सीमा आदि उपस्थित रहे।