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सांस लेने लायक नहीं रह गई बागपत की हवा

Fri, 02 Nov 2018 01:32 AM IST
Updated Fri, 02 Nov 2018 01:32 AM IST
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सांस लेने लायक नहीं रह गई बागपत की हवा
बागपत। दिल्ली और हरियाणा से सटे बागपत की हवा सांस लेने लायक नहीं है। रेड जोन में शामिल हो चुके जिला बागपत में पुराने वाहन, पराली और ईंट भट्टे लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा सबसे अधिक है। प्रदूषण होने के कारण श्वांस और अस्थमा के रोगियों को सांस लेना भी भारी होने लगा है। दीवाली पर स्मॉग फैलने से मुसीबत और अधिक बढ़ेगी। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने लोगों को जागरूक करने के लिए पहल शुरू कर दी है।
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यूपी के 15 जिले प्रदूषण की जकड़ में हैं। इसमें बागपत जिला पांचवें स्थान पर है। एक्यूआई 401 रिकॉर्ड किया है। जिले की हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई है। प्रदूषित वातावरण अस्थमा के मरीज, बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं के लिए परेशानी भरा है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी होगी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राज सिंह ने बताते हैं कि प्रदूषित वातावरण स्वास्थ्य व्यक्ति को भी रोगी बना देगा। बच्चों में होने वाली खांसी इसका ही परिणाम है। इसके लिए सजग रहने की जरूरत है। पिलाना सीएचसी के प्रभारी डॉ. यशवीर सिंह कहते हैं कि प्रदूषण खतरनाक स्तर तक बढ़ रहा है। लोग जागरूक बनें और प्रदूषण से निपटने के लिए पहल करें।
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रुमाल बांधे या मास्क पहनकर निकले घर से
बागपत। घर से निकलते समय मुंह पर मास्क या कपड़ा पहनकर निकले। इससे प्रदूषित वातावरण में फैले वायरस शरीर में प्रवेश नहीं करेंगे। वाहन बढ़ते प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं। प्रतिबंधित वाहन बंद होने चाहिए। इनसे निकलने वाला धुआं मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रहा है। ऐसी फैक्ट्रियों पर भी नकेल कसी जाए जो आबादी के बीच चल रही है और प्रतिबंधित है। ईंट भट्ठों में रबड़, टायर और प्रदूषित सामग्री जलाई जाती है इससे पर्यावरण प्रदूषित हो गया है।
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हरियाणा की पराली ने खड़ी कर दी मुसीबत
बागपत। वर्तमान समय में हरियाणा से धान की पराली खरीदकर ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से क्षेत्र में लाई जा रही है। गौरीपुर मोड़ होते हुए बड़ौत और इसके बाद पराली को मेरठ ले जाया जा रहा है। रात के समय जाम रहने के अलावा कई जगह इस पराली को जलाया जा चुका है। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे और मेरठ-बड़ौत मार्ग के ग्रामीण पराली से परेशान हैं।


सुबह और शाम टहलना कर दें बंद : डॉ. विभाष
बागपत। सीएचसी बागपत के अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत ने कहा कि वातावरण पूरी तरह प्रदूषित है। सुबह और शाम के समय लोगों को टहलना खतरे से खाली नहीं है। दोपहर में भी मुंह पर मास्क या कपड़ा लगाकर निकाले चाहिए। बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिला हो सके घरों से न निकले।

प्रदूषण से बचाव के लिए ज्यादा करें पानी का सेवन
बागपत। सीएचसी पिलाना के अधीक्षक डॉ. यशवीर कहते हैं कि प्रदूषित वातावरण है। वायरस हवा के जरिये मुंह से होते हुए शरीर में समां जाते हैं। इसका उपाय केवल पानी का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा पानी पीने से पेशाब के जरिये वायरस बाहर निकाल जाते हैं। हरी सब्जियां, ताजे फल का सेवन करना चाहिए, क्योंकि धूल और प्रदूषित वायरस खाने के जरिये ही शरीर में पहुंचता है।

सुबह और शाम को होता है स्मॉग हावी
बागपत। बाल रोग विशेषज्ञ एवं एसएनसीयू इंचार्ज डॉ. राज सिंह ने बताया कि पर्यावरण में फैला स्मॉग केवल सुबह और शाम को प्रभावी होता है। जिस समय सर्दी होती है, तभी हावी हो जाता है। धूप निकालते ही इसका असर कम होना शुरू होता है। दिसंबर और जनवरी माह में इसका प्रकोप ज्यादा होगा।

प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों की होगी जांच, फर्जी प्रमाणपत्र बनाने वाले जाएंगे जेल
बागपत। दिल्ली और गाजियाबाद में प्रदूषण जांच केंद्रों पर फर्जी तरीके से जारी किए गए वाहन चालकों को प्रमाणपत्र प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिले में संचालित 24 प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों पर छापेमारी होगी। इसके लिए जल्द अभियान चलेगा। निरंतर बढ़ रही वाहनों की संख्या से वातावरण प्रदूषित हो रहा है। प्रतिबंधित वाहन भी धड़ल्ले से दौड़ रहे है। जबकि बंद करने के लिए फरमान जारी हो चुके है, लेकिन असर नजर नहीं आ रहा है। प्रदूषण अनकंट्रोल होने की एक वजह प्रदूषण नियंत्रण केंद्र भी है। इनके द्वारा ऐसे वाहनों को भी सही प्रमाणपत्र दिए जाते है, जिनसे अधिक धुआं निकलता है। गाजियाबाद और दिल्ली में इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने दुकानों पर पहुंचकर अभियान चलाया तो इसका खुलासा हुआ। यहां पर धड़ल्ले से वाहनों को गलत वाहनों के भी सही प्रमाणपत्र बना रहे हैं। अब जिला स्तर पर भी प्रशासन इसके लिए अलर्ट हो गया है। जिले में संचालित होने वाले 24 प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों की जांच होगी। इसके लिए उपसंभागीय परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी। एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव ने कहा कि शहर को प्रदूषण मुक्त बनाया जाएगा। शासन और प्रशासन के आदेशों का पालन होगा। क्षेत्र के सभी प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों की जांच कराई जाएगी। कार्रवाई के लिए एआरटीओ प्रवर्तन को लिखा जाएगा।
एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष राजपूत ने बताया कि दिल्ली और गाजियाबाद में फर्जी प्रदूषण प्रमाणपत्र बनाने का खुलासा हुआ। इसके बाद जिले में 24 प्रदूषण नियंत्रण केंद्र चल रहे हैं, इनकी जांच होगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं प्रतिबंधित वाहनों के खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा।


नियम विरुद्ध भट्ठे के निर्माण पर रोक लगाई
बागपत। सैदपुर में नियम विरुद्ध लगाए जा रहे भट्ठे की शिकायत के बाद जिला पंचायत के अपर मुख्य विकास अधिकारी ने कार्य को रोकने के निर्देश दिए है। अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि प्रधान रामबीरी ने नियम विरुद्ध भट्ठे लगाने की शिकायत की। इस पर जांच बैठाई। जांच टीम से मिली आख्या के अनुसार भट्ठा नियम विरुद्ध निर्माण बताया। नई भट्ठे के संचालन के लिए जिला पंचायत बागपत में उपविधि लागू है। इसके विपरीत कार्य किया जा रहा है। जबकि भट्ठा निर्माण कार्य प्रारंभ करने पर एक माह पूर्व आवेदन कर अनुज्ञा पत्र प्राप्त किया जाना होता है। भट्ठा मालिक द्वारा न तो आवेदन किया और न ही कार्यालय द्वारा अनुज्ञा पत्र प्राप्त किया। आदेशित किया तत्काल निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। निर्माण कार्य नहीं रोका तो उपविधि के अनुसार कार्रवाई होगी।
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