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मलाना आरिफ उल हक चुने गए राबता मदारिस इस्लामिया के जिलाध्यक्ष
Updated Tue, 09 Oct 2018 01:13 AM IST
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बड़ौत (बागपत)। ओसिक्का गांव में स्थित मदरसा इस्लामिया फुरकानिया में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राबता मदारिस इस्लामिया के अध्यक्ष कारी शौकत की अध्यक्षता में जनपद बागपत के मदरसों के जिम्मेदारों का चुनाव हुआ। इसमें वोटिंग के माध्यम से फूंस वाली मस्जिद के इमाम और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिला महासचिव मौलाना आरिफ उल हक को जिलाध्यक्ष चुना गया।
जिलाध्यक्ष बनने के बाद मौलाना आरीफ उल हक ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा मदरसों को मरकज दारुल उलूम देवबंद से जोड़ने की कोशिश होगी और मदरसों में देवबंद मरकज के मुताबिक तालीम देने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि देवबंदी विचारधारा का दहशतगर्दी से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। दुनियावी तालीम हमारे समाज और दुनिया में रहने को जरूरी है परंतु इसके साथ-साथ दीनी तालीम की भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मजहबे इस्लाम में ईमान बहुत बड़ी दौलत है। इस मौके पर मुफ्ती अब्बास, मुफ्ती अय्यूब, मौलाना रियाज, मौलाना यामीन, मौलाना यासीन, मौलाना दिलशाद, मौलाना अब्बास, कारी साबिर, कारी अब्दुल वाजिद, मौलाना इस्लाम आदि रहे।
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जिलाध्यक्ष बनने के बाद मौलाना आरीफ उल हक ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा मदरसों को मरकज दारुल उलूम देवबंद से जोड़ने की कोशिश होगी और मदरसों में देवबंद मरकज के मुताबिक तालीम देने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि देवबंदी विचारधारा का दहशतगर्दी से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। दुनियावी तालीम हमारे समाज और दुनिया में रहने को जरूरी है परंतु इसके साथ-साथ दीनी तालीम की भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मजहबे इस्लाम में ईमान बहुत बड़ी दौलत है। इस मौके पर मुफ्ती अब्बास, मुफ्ती अय्यूब, मौलाना रियाज, मौलाना यामीन, मौलाना यासीन, मौलाना दिलशाद, मौलाना अब्बास, कारी साबिर, कारी अब्दुल वाजिद, मौलाना इस्लाम आदि रहे।
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