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बाल विवाह करने वालों के सामाजिक सामाजिक बहिष्कार का एलान
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:49 AM IST
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अमीनगर सराय (बागपत)। डौला गांव में सर्व समाज की पंचायत का आयोजन किया। इसमें बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह नहीं किया जाना चाहिए। बाल विवाह करने वालों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया।
डौला गांव में समाजसेवी मनीष विश्वकर्मा के आवास पर आयोजित पंचायत में सर्व समाज के लोग शामिल हुए। इसमें विश्वकर्मा ने कहा कि शिक्षा के अभाव में लड़कियां कम उम्र में ही अभिभावकों के दबाव में आकर शादी को तैयार हो जाती है। जिसका दुष्परिणाम ताउम्र भुगतना पढ़ता है शादी के लिए सरकार ने लड़कियों की उम्र कम से कम 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित की है। इसके बाद भी लोग कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। कम उम्र में शादी की वजह मां से जन्मे बच्चे कुपोषण और जन्म के समय कम वजन जैसी बीमारियों से पीड़ित होते है। इसी कारण से आज देश जनसंख्या वृद्धि की समस्याओं से जूझ रहा है। इसके बाद पंचायत में निर्णय लिया यदि गांव में कोई भी समाज का व्यक्ति बाल विवाह करेगा, उसका सामाजिक बहिष्कार होगा। इस निर्णय का सभी ने हाथ खड़े करकर समर्थन किया। इसके अलावा गांव की समस्या पर भी चर्चा की। इसका समाधान के लिए अधिकारियों से मिलने का निर्णय लिया। इसमें एडवोकेट अनिल दिवाकर, रमेश चंद शब्बीर, अली, दिनेश शर्मा, महेश चंद, विनोद, जयसिंह, संजय, दीपक, चमन सिंह, सुरेश, नरेंद्र, कमल सिंह, सोहन पाल, राहुल अमित, सूरजपाल, रोहित, अमन, महिपाल, सोहनबीर, चंद्रपाल, मुकम्मिल, विक्रांत, रिजवान, अमरीश, विनोद शर्मा आदि रहे।
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डौला गांव में समाजसेवी मनीष विश्वकर्मा के आवास पर आयोजित पंचायत में सर्व समाज के लोग शामिल हुए। इसमें विश्वकर्मा ने कहा कि शिक्षा के अभाव में लड़कियां कम उम्र में ही अभिभावकों के दबाव में आकर शादी को तैयार हो जाती है। जिसका दुष्परिणाम ताउम्र भुगतना पढ़ता है शादी के लिए सरकार ने लड़कियों की उम्र कम से कम 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित की है। इसके बाद भी लोग कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। कम उम्र में शादी की वजह मां से जन्मे बच्चे कुपोषण और जन्म के समय कम वजन जैसी बीमारियों से पीड़ित होते है। इसी कारण से आज देश जनसंख्या वृद्धि की समस्याओं से जूझ रहा है। इसके बाद पंचायत में निर्णय लिया यदि गांव में कोई भी समाज का व्यक्ति बाल विवाह करेगा, उसका सामाजिक बहिष्कार होगा। इस निर्णय का सभी ने हाथ खड़े करकर समर्थन किया। इसके अलावा गांव की समस्या पर भी चर्चा की। इसका समाधान के लिए अधिकारियों से मिलने का निर्णय लिया। इसमें एडवोकेट अनिल दिवाकर, रमेश चंद शब्बीर, अली, दिनेश शर्मा, महेश चंद, विनोद, जयसिंह, संजय, दीपक, चमन सिंह, सुरेश, नरेंद्र, कमल सिंह, सोहन पाल, राहुल अमित, सूरजपाल, रोहित, अमन, महिपाल, सोहनबीर, चंद्रपाल, मुकम्मिल, विक्रांत, रिजवान, अमरीश, विनोद शर्मा आदि रहे।
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