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कानून पढ़ें, जानकारी रखें और पालन करें : एसपी
Updated Sat, 25 Aug 2018 01:20 AM IST
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बागपत। अमर उजाला फाउंडेशन ने स्कूली बच्चों को कानून की जानकारी देने के लिए पुलिस की पाठशाला का आयोजन सर्वोदय पब्लिक स्कूल अग्रवाल मंडी टटीरी में किया। इसमें एसपी जयप्रकाश ने बच्चों को कानून पढ़ने, कानून की जानकारी रखने और पालन करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि समाज में अनुशासन और लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए कानून बनाए गए। भारतीय दंड संहिता बनने से पहले मान्यताओं और समाज पर आधारित कबीले, राजा, बादशाह या फिर अंग्रेजी शासनकाल के नियमों का पालन होता था। वर्तमान में भारतीय दंड संहिता देश के प्रत्येक नागरिक के लिए लागू हैं, इसका पालन हर व्यक्ति को करना चाहिए। शिक्षा के साथ जीवन में अनुशासन और कानून के पालन से व्यक्ति आगे बढ़ता है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा रहती है। उन्होंने कहा बच्चे खुद कानून की जानकारी रखे और अपने अभिभावकों और आसपास के लोगों को भी इसके विषय में जानकारी दें।
पाठशाला में एसपी ने यूं बताई धाराएं
धारा अर्थ सजा
302 हत्या उम्रकैद / फांसी
364 अपहरण उम्रकैद
304 गैर इरादतन हत्या 10 साल की सजा
307 हत्या का प्रयास 10 साल की सजा
376 बलात्कार 10 साल की सजा
323-26 मारपीट 10 साल की सजा
506 धमकी सात वर्ष की सजा
354 छेड़छाड़ पांच साल की सजा
452 घर में मारपीट सात साल की सजा
420 ठगी/धोखाधड़ी सात साल की सजा
पुलिस को कॉल करें, मित्र समझें
बागपत। एसपी जयप्रकाश ने बच्चों से कहा कि पुलिस से डरें नहीं, मित्र समझें। आसपास किसी भी अपराध की जानकारी मिलती है या सड़क पर दिखता है तो तुरंत पुलिस को कॉल करें। फोन नंबर 100 डायल का उपयोग कर सकते हैं, जिस पर सूचना देने वाले को गोपनीय रखा जाता है।
बेटियां डरें नहीं, 1090 पर कॉल करें
बागपत। एसपी जयप्रकाश ने कहा कि महिलाओं के साथ घर, घर के बाहर या स्कूल में हिंसा या आपत्तिजनक व्यवहार के मामले सामने आ सकते हैं। महिलाएं या बेटियां डरें नहीं, बल्कि हौसले से काम लें और हेल्प लाइन नंबर 1090 के अलावा 181 पर कॉल करें। काल पर सूचना देने पर गोपनीयता रखी जाएगी। इसके अलावा निकट के थाने में सूचना दें, वहां भी गोपनीयता रहेगी। संबंधित थाने या एसपी को पत्र के माध्यम से भी अवगत करा सकते हैं।
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बड़ों ने डराया, फिल्मों ने खराब की छवि
बागपत। एसपी जयप्रकाश ने कहा कि अंग्रेजी शासन में और उसके बाद सालों तक बच्चों को पुलिस से डराया जाता था। लोग पुलिस से डरते थे। कई पीढ़ियों का पालन पोषण उसी डर में हुआ, जिसका नतीजा है कि आज भी लोग पुलिस से डरते हैं। इसके अलावा फिल्मों ने पुलिस की छवि खराब की है। ढेरों चीजें गलत दिखाई जाती है।
बच्चों के सवाल और एसपी के जवाब
राहुल मानव : पुलिस अधिकतर मामलों को रफा दफा क्यों कर देती है।
एसपी : ऐसी सोच बन गई। थाने पहुंचते ही या मुकदमा दर्ज होते ही अधिकतर लोग समझौते की बात करने लगते हैं। सिफारिशें पहुंचती है। घरेलू या छोटे मामलों को सुलह के आधार पर निपटाने का प्रयास होता है।
मानसी : पुलिसकर्मी स्वयं ट्रिपल राइडिंग करते हैं। हेलमेट नहीं पहनते, इस पर कार्रवाई क्यों नहीं होती है।
एसपी : कानून सबके लिए बराबर है। पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभियान चलता है और कार्रवाई भी की जाती है। कानून किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। बागपत में भी कार्रवाई के मामले हैं।
योगदा : पुलिस की छवि आम आदमी को परेशान करने की क्यों बन गई है।
एसपी : इस छवि को तोड़ने के लिए खुद पुलिस स्कूलों में जा रही है। कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। बच्चों को पुलिस लाइन और कोतवाली में लाया जा रहा है। बच्चों को पुलिसिंग की प्रक्रिया समझाई जा रही है। हकीकत में ऐसा नहीं है।
तनु : स्कूल आने जाने के समय पर लड़कियों को पूरी तरह पुलिस सुरक्षा क्यों नहीं मिल पाती है।
एसपी : पुलिस लड़कियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बड़ौत, खेकड़ा और बागपत के स्कूलों के बाहर पुलिस सादे कपड़ों में गश्त करती है। एंटी रोमियो स्कवॉयड है। इसके बाद भी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
पुलिस कप्तान का किया अभिनंदन
बागपत। सर्वोदय पब्लिक स्कूल के प्रबंधक जयचंद दरोगा, प्रधानाचार्य महक सिंह हुड्डा ने एसपी जयप्रकाश का अभिनंदन किया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किए।
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पाठशाला में एसपी ने यूं बताई धाराएं
धारा अर्थ सजा
302 हत्या उम्रकैद / फांसी
364 अपहरण उम्रकैद
304 गैर इरादतन हत्या 10 साल की सजा
307 हत्या का प्रयास 10 साल की सजा
376 बलात्कार 10 साल की सजा
323-26 मारपीट 10 साल की सजा
506 धमकी सात वर्ष की सजा
354 छेड़छाड़ पांच साल की सजा
452 घर में मारपीट सात साल की सजा
420 ठगी/धोखाधड़ी सात साल की सजा
पुलिस को कॉल करें, मित्र समझें
बागपत। एसपी जयप्रकाश ने बच्चों से कहा कि पुलिस से डरें नहीं, मित्र समझें। आसपास किसी भी अपराध की जानकारी मिलती है या सड़क पर दिखता है तो तुरंत पुलिस को कॉल करें। फोन नंबर 100 डायल का उपयोग कर सकते हैं, जिस पर सूचना देने वाले को गोपनीय रखा जाता है।
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बेटियां डरें नहीं, 1090 पर कॉल करें
बागपत। एसपी जयप्रकाश ने कहा कि महिलाओं के साथ घर, घर के बाहर या स्कूल में हिंसा या आपत्तिजनक व्यवहार के मामले सामने आ सकते हैं। महिलाएं या बेटियां डरें नहीं, बल्कि हौसले से काम लें और हेल्प लाइन नंबर 1090 के अलावा 181 पर कॉल करें। काल पर सूचना देने पर गोपनीयता रखी जाएगी। इसके अलावा निकट के थाने में सूचना दें, वहां भी गोपनीयता रहेगी। संबंधित थाने या एसपी को पत्र के माध्यम से भी अवगत करा सकते हैं।
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बड़ों ने डराया, फिल्मों ने खराब की छवि
बागपत। एसपी जयप्रकाश ने कहा कि अंग्रेजी शासन में और उसके बाद सालों तक बच्चों को पुलिस से डराया जाता था। लोग पुलिस से डरते थे। कई पीढ़ियों का पालन पोषण उसी डर में हुआ, जिसका नतीजा है कि आज भी लोग पुलिस से डरते हैं। इसके अलावा फिल्मों ने पुलिस की छवि खराब की है। ढेरों चीजें गलत दिखाई जाती है।
बच्चों के सवाल और एसपी के जवाब
राहुल मानव : पुलिस अधिकतर मामलों को रफा दफा क्यों कर देती है।
एसपी : ऐसी सोच बन गई। थाने पहुंचते ही या मुकदमा दर्ज होते ही अधिकतर लोग समझौते की बात करने लगते हैं। सिफारिशें पहुंचती है। घरेलू या छोटे मामलों को सुलह के आधार पर निपटाने का प्रयास होता है।
मानसी : पुलिसकर्मी स्वयं ट्रिपल राइडिंग करते हैं। हेलमेट नहीं पहनते, इस पर कार्रवाई क्यों नहीं होती है।
एसपी : कानून सबके लिए बराबर है। पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभियान चलता है और कार्रवाई भी की जाती है। कानून किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। बागपत में भी कार्रवाई के मामले हैं।
योगदा : पुलिस की छवि आम आदमी को परेशान करने की क्यों बन गई है।
एसपी : इस छवि को तोड़ने के लिए खुद पुलिस स्कूलों में जा रही है। कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। बच्चों को पुलिस लाइन और कोतवाली में लाया जा रहा है। बच्चों को पुलिसिंग की प्रक्रिया समझाई जा रही है। हकीकत में ऐसा नहीं है।
तनु : स्कूल आने जाने के समय पर लड़कियों को पूरी तरह पुलिस सुरक्षा क्यों नहीं मिल पाती है।
एसपी : पुलिस लड़कियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बड़ौत, खेकड़ा और बागपत के स्कूलों के बाहर पुलिस सादे कपड़ों में गश्त करती है। एंटी रोमियो स्कवॉयड है। इसके बाद भी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
पुलिस कप्तान का किया अभिनंदन
बागपत। सर्वोदय पब्लिक स्कूल के प्रबंधक जयचंद दरोगा, प्रधानाचार्य महक सिंह हुड्डा ने एसपी जयप्रकाश का अभिनंदन किया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किए।