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बागपत में बहती यमुना के बीच से खनन परिवहन

Sun, 24 Jun 2018 01:00 AM IST
Updated Sun, 24 Jun 2018 01:00 AM IST
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बागपत में बहती यमुना के बीच से खनन परिवहन
बागपत। निवाड़ा के यमुना खादर में पॉकलेन और जेसीबी मशीनें उतारे जाने का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। ग्रामीणों ने कहायदि गांव में जबरन खनन किया तो आंदोलन शुरू करेंगे। निवाड़ा में हंगामे के बाद खनन ठेकेदारों ने बहती हुई यमुना नदी के बीच से रेत लदे वाहन गुजारने शुरू कर दिए हैं। जबकि कच्चे रास्ते की शिकायत के बाद प्रदूषण विभाग की टीम दो बार जांच कर चुकी है और एनजीटी में 10 जुलाई को सुनवाई हैं। एनजीटी के फैसले से पहले ही बहती यमुना नदी से रास्ता बना दिया और फिर से मशीनरी यमुना खादर में उतार दी है। ग्रामीणों ने कहा यदि प्रशासन ने सुनवाई नहीं की तो कमिश्नर दफ्तर पर आंदोलन करेंगे।
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शुक्रवार की रात में निवाड़ा गांव के किसानों को भनक लगी कि उनके खेतों में खनन शुरू कर दिया है। सैकड़ों ग्रामीण यमुना खादर पहुंचे और मशीनों पर चढ़कर खनन रुकवा दिया। यहां देर रात तक हंगामा रहा। दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। इसके बाद यहां खनन कर रहे लोग मशीनरी लेकर चले गए। ग्रामीणों ने कहा निवाड़ा से खनन परिवहन के लिए रास्ता बनाने की तैयारी थी, इससे ग्रामीणों ने नाकाम कर दिया। उधर, खनन ठेकेदार पक्ष के लोगों ने खनन परिवहन के लिए बहती हुई यमुना नदी के बीच से फिर से खनन परिवहन शुरू कर दिया। पहले जिस जगह कच्चा रास्ता था, उनकी जगह से फिर से खनन के लिए परिवहन शुरू कर दिया। बहती यमुना के बीच जेसीबी उतारकर कच्चा रास्ता दुरुस्त कराया और यहीं से परिवहन चल रहा है। जिला खनन अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने कहा उनकी जानकारी में मामला नहीं है।
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किससे इशारे पर बनाया जा रहा रास्ता
बागपत। एनजीटी में कच्चे रास्ते की शिकायत के बाद केंद्रीय प्रदूषण विभाग की टीम ने दो बार गौरीपुर में छापेमारी की। कच्चा रास्ता हटवा दिया गया था। प्रशासन का कहना था कि जहां पर रास्ता है, यहां पर गौरीपुर का रकबा है और यह नदी क्षेत्र नहीं है, लेकिन इन दिनों नदी की धारा यहीं से बह रही है। प्रदूषण विभाग की टीम को एनजीटी में रिपोर्ट देनी है और इस पर 10 जुलाई को सुनवाई होगी। इससे पहले ही फिर से बहती यमुना के बीच से परिवहन शुरू कर दिया। पहले सोनीपत के गढ़ मिर्कपुर में से रास्ता बनाया, लेकिन सोनीपत प्रशासन ने सख्ती कर दी। इसके बाद निवाड़ा से रास्ता बनाने की कोशिश की, इसका ग्रामीणों ने विरोध किया। अब फिर से यमुना के बीच से से परिवहन किया जा रहा है।
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बदरखा में ग्रामीणों ने खोद दी सड़क, रेत के ट्रक रोके
छपरौली (बागपत)। रेत से भरे ओवरलोड ट्रकों से बदरखा के ग्रामीणों को जीना मुहाल हो गया है। सड़क में गड्ढे कर दिए है। शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। विरोध के चलते ग्रामीणों ने रास्ते में गड्ढा खोद दिया। जिससे ओवर लोड वाहनों का आवागमन बंद करा दिया।

छपरौली थाना क्षेत्र के बदरखा गांव में शासन से रेत खनन के लिए पट्टा हुआ। यहां पर बालू लेने आने वाले ट्रक ओवर लोड होकर चल रहे हैं। इससे लोगों का परेशानी हो रही है। सड़क टूटने लगी है, वहीं दुर्घटनाएं बढ़ गई है। वहीं नियम के विरुद्ध खनन किया जा रहा है। रात में दस जेसीबी मशीन यमुना से रेत निकालती है जो पूरी तरह गैरकानूनी है। अनुमति से ज्यादा खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों को भारी असुविधा हो रही है। रेत से निकालने वाले पानी से जलभराव की समस्या हो रही है। ग्रामीण प्रशासन से इसकी शिकायत कर चुके हैं। आश्वासन दे दिया जा रहा है, लेकिन अफसर कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों ने ओवरलोड ट्रकों पर प्रतिबंध लगाने के लिए खनन वाले रास्ते पर गहरा गड्ढा खुदवा दिया, ताकि यहां से प्रतिबंधित वाहन न गुजरे। पुलिस के आने से पहले ही सभी लोग मौके से चले रहे। ठेकेदार ने ग्रामीणों की शिकायत पुलिस से की।
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