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मोदी ने गन्ना किसानों की नब्ज पकड़ी, लेकिन जरूरत इलाज की
Updated Mon, 28 May 2018 01:12 AM IST
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बागपत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेस्ट यूपी के किसानों की नब्ज पकड़ी। बकाया भुगतान न होने से परेशान किसानों के दर्द को साझा किया। इलाज बताया कि आर्थिक सहायता के लिए गन्ना किसानों के खातों में साढ़े पांच रुपये प्रति क्विंटल दिए जाएंगे। इससे उम्मीद जरूर बंधी, सवाल है कि दर्द का इलाज कब से शुरू होगा। आलू किसानों के लिए प्रधानमंत्री संपदा योजना में छह हजार करोड़ रुपये के निवेश का एलान किया। जीएसटी के नाम पर किसानों से झूठ बोलने और अफवाह फैलाने की बात कहते हुए विपक्ष को घेरने की कोशिश की।
वेस्ट यूपी की चीनी मिलों पर गन्ना किसानों के हजारों करोड़ रुपये बकाया हैं। अकेले बागपत के किसानों की बात करें तो करीब सात सौ करोड़ रुपये वेस्ट यूपी की 14 चीनी मिलों पर बकाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस समस्या से अंजान नहीं है। यही वजह है कि खेकड़ा की जनसभा में कहा कि आर्थिक सहायता चीनी मिलों के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में जाएगी। कब और कैसे इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। आलू किसानों के लिए छह हजार करोड़ रुपये के निवेश की बात संतोषजनक है, लेकिन इसके लिए क्या पैमाना होगा, बाद में पता चलेगा।
बिजली बिलों की समस्या पर राहत की उम्मीद में बैठे किसानों के हाथ खाली ही रहे। पीएम ने विपक्षियों पर हमला बोला कि कुछ लोग किसानों पर जीएसटी की बात का भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। ग्रामोदय से भारत उदय की कल्पना पर काम। किसानों के लिए बजट याद दिलाया। कहा कि किसानों को लागत का डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य भी सुनिश्चित करना तय किया है। चेताया कि किसानों को गुमराह करने वालों की अगर किसान शिकायत करेंगे तो कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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वेस्ट यूपी की चीनी मिलों पर गन्ना किसानों के हजारों करोड़ रुपये बकाया हैं। अकेले बागपत के किसानों की बात करें तो करीब सात सौ करोड़ रुपये वेस्ट यूपी की 14 चीनी मिलों पर बकाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस समस्या से अंजान नहीं है। यही वजह है कि खेकड़ा की जनसभा में कहा कि आर्थिक सहायता चीनी मिलों के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में जाएगी। कब और कैसे इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। आलू किसानों के लिए छह हजार करोड़ रुपये के निवेश की बात संतोषजनक है, लेकिन इसके लिए क्या पैमाना होगा, बाद में पता चलेगा।
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बिजली बिलों की समस्या पर राहत की उम्मीद में बैठे किसानों के हाथ खाली ही रहे। पीएम ने विपक्षियों पर हमला बोला कि कुछ लोग किसानों पर जीएसटी की बात का भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। ग्रामोदय से भारत उदय की कल्पना पर काम। किसानों के लिए बजट याद दिलाया। कहा कि किसानों को लागत का डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य भी सुनिश्चित करना तय किया है। चेताया कि किसानों को गुमराह करने वालों की अगर किसान शिकायत करेंगे तो कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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