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कोर्ट ने चार के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए
Updated Sun, 25 Mar 2018 01:03 AM IST
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बागपत।
किसान से धोखाधड़ी कर कार का बीमा कराने के नाम पर हजारों रुपये लेने के मामले में बागपत न्यायालय ने कंपनी के मालिक समेत चार लोगों के खिलाफ बड़ौत कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए है।
दोघट निवासी किसान अरुण पुत्र इंद्रपाल ने बताया कि 8 फरवरी 2017 को उसने आल्टो कार का बीमा राजस्नेह मेरठ से कराया था। बीमा 12 फरवरी 2017 से 11 फरवरी 2018 तक वैद्य था। उसने राजस्नेह आटो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड मेरठ के खाते में 4832 रुपये भी ट्रांसफार्मर कर दिए थे। 18 अक्तूबर 2017 को उसकी गाड़ी दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गई थी। जब वह गाड़ी ठीक कराने बीमा राजस्नेह कंपनी पर पहुंचा तो कर्मचारियों ने गाड़ी ठीक करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि बीमा वैद्य नहीं है। गाड़ी बीमा से ठीक नहीं हो सकती। उसने कंपनी के मालिक व मैनेजर से जानकारी की तो उन्होंने बताया कि वे भूलवश बीमा दर्ज नहीं कर पाए। उसे पैसा वापस दे दिया जाएगा। उन्होंने उसके साथ धोखाधड़ी कर कूटरचित कागज तैयार किए और रुपये ठग लिए। थाने पर रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक बागपत को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन फिर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। उसने इस संबंध में बागपत न्यायालय में वाद दायर कर दिया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने बड़ौत कोतवाली पुलिस को राजस्नेह कंपनी के मालिक प्रियांक, मैनेजर अजय भारद्वाज, बड़ौत मैनेजर राजहंस यादव व कर्मचारी राजीव मान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए है। इस संबंध में बड़ौत कोतवाली प्रभारी एके सिंह ने बताया कि अभी उन्हें कोर्ट के आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेश प्राप्त होते ही रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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किसान से धोखाधड़ी कर कार का बीमा कराने के नाम पर हजारों रुपये लेने के मामले में बागपत न्यायालय ने कंपनी के मालिक समेत चार लोगों के खिलाफ बड़ौत कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए है।
दोघट निवासी किसान अरुण पुत्र इंद्रपाल ने बताया कि 8 फरवरी 2017 को उसने आल्टो कार का बीमा राजस्नेह मेरठ से कराया था। बीमा 12 फरवरी 2017 से 11 फरवरी 2018 तक वैद्य था। उसने राजस्नेह आटो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड मेरठ के खाते में 4832 रुपये भी ट्रांसफार्मर कर दिए थे। 18 अक्तूबर 2017 को उसकी गाड़ी दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गई थी। जब वह गाड़ी ठीक कराने बीमा राजस्नेह कंपनी पर पहुंचा तो कर्मचारियों ने गाड़ी ठीक करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि बीमा वैद्य नहीं है। गाड़ी बीमा से ठीक नहीं हो सकती। उसने कंपनी के मालिक व मैनेजर से जानकारी की तो उन्होंने बताया कि वे भूलवश बीमा दर्ज नहीं कर पाए। उसे पैसा वापस दे दिया जाएगा। उन्होंने उसके साथ धोखाधड़ी कर कूटरचित कागज तैयार किए और रुपये ठग लिए। थाने पर रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक बागपत को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन फिर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। उसने इस संबंध में बागपत न्यायालय में वाद दायर कर दिया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने बड़ौत कोतवाली पुलिस को राजस्नेह कंपनी के मालिक प्रियांक, मैनेजर अजय भारद्वाज, बड़ौत मैनेजर राजहंस यादव व कर्मचारी राजीव मान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए है। इस संबंध में बड़ौत कोतवाली प्रभारी एके सिंह ने बताया कि अभी उन्हें कोर्ट के आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेश प्राप्त होते ही रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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