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ग्राम सचिवों ने सीडीओ को बताई पीड़ा
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:31 AM IST
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ग्राम सचिवों ने सीडीओ को बताई समस्याएं
बागपत। जनपद में तैनात ग्राम सचिवों ने सीडीओ चांदनी सिंह को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा जिला स्तरीय अफसरों को नियम विरुद्ध कार्य करने से मना करने पर वेतन रोकने और निलंबित की धमकी देते हैं। कम मजदूरी भी बाधा पहुंचा रही है। सभी ने नियमानुसार कार्य कराने की मांग की।
मंगलवार को जिलेभर के ग्राम सचिव संघ के बैनर पर कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। वक्ताओं ने कहा जिला स्तरीय अफसर मनरेगा में नियम विरुद्ध कार्य करने के लिए दबाव डालते हैं। विरोध करने पर निलंबित और वेतन रोकने की धमकी दी जाती है। इससे ग्राम सचिवों का मानसिक, आर्थिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
उन्होंने बताया मनरेगा कार्यों में सचिवों के साथ अफसरों की भी जिम्मेदारी है, लेकिन प्रताड़ित केवल सचिवों को किया जाता है। इसके अलावा 350 से 500 रुपये के बीच मजदूरी है, मनरेगा में 175 रुपये दिए जा रहे हैं जो बेहद कम है। अधिकारी 14वां वित्त एवं राज्य वित्त का हवाला देते हैं। ग्राम सचिवों ने सीडीओ को बताया मनरेगा में अनावश्यक दबाव बनाकर नियम विरुद्ध कार्य कराने की पद्धति पर विराम लगाया जाए। इससे पहले ग्राम सचिव कलक्ट्रेट पहुंचे, डीएम के न मिलने पर विकास भवन में सीडीओ को ज्ञापन सौंपा। इसमें लोकपाल सिंह, प्रमोद, कर्मवीर, कृष्णपाल, संजय, फारूख, सर्वेश, शाहिद, सुबोध, ललित, प्रदीप आदि रहे।
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बागपत। जनपद में तैनात ग्राम सचिवों ने सीडीओ चांदनी सिंह को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा जिला स्तरीय अफसरों को नियम विरुद्ध कार्य करने से मना करने पर वेतन रोकने और निलंबित की धमकी देते हैं। कम मजदूरी भी बाधा पहुंचा रही है। सभी ने नियमानुसार कार्य कराने की मांग की।
मंगलवार को जिलेभर के ग्राम सचिव संघ के बैनर पर कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। वक्ताओं ने कहा जिला स्तरीय अफसर मनरेगा में नियम विरुद्ध कार्य करने के लिए दबाव डालते हैं। विरोध करने पर निलंबित और वेतन रोकने की धमकी दी जाती है। इससे ग्राम सचिवों का मानसिक, आर्थिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया मनरेगा कार्यों में सचिवों के साथ अफसरों की भी जिम्मेदारी है, लेकिन प्रताड़ित केवल सचिवों को किया जाता है। इसके अलावा 350 से 500 रुपये के बीच मजदूरी है, मनरेगा में 175 रुपये दिए जा रहे हैं जो बेहद कम है। अधिकारी 14वां वित्त एवं राज्य वित्त का हवाला देते हैं। ग्राम सचिवों ने सीडीओ को बताया मनरेगा में अनावश्यक दबाव बनाकर नियम विरुद्ध कार्य कराने की पद्धति पर विराम लगाया जाए। इससे पहले ग्राम सचिव कलक्ट्रेट पहुंचे, डीएम के न मिलने पर विकास भवन में सीडीओ को ज्ञापन सौंपा। इसमें लोकपाल सिंह, प्रमोद, कर्मवीर, कृष्णपाल, संजय, फारूख, सर्वेश, शाहिद, सुबोध, ललित, प्रदीप आदि रहे।
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