आजमगढ़। सिधारी थाना क्षेत्र के धन्नी सराय गांव निवासी युवक को बाइक सवार बदमाशों ने गोली नहीं मारी थी, बल्कि अवैध पिस्टल की सफाई के दौरान चली गोली ही उसे लगी थी। पुलिस को झूठी सूचना दी गई थी। जांच के बाद पुलिस ने घायल युवक को उसके भाई के साथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से दो पिस्टल भी बरामद हुई है।
धन्नी सराय गांव निवासी 32 वर्षीय कमलदेव यादव पुत्र राजाराम रविवार को गोली लगने से घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस को सूचना दिए बगैर ही परिजन उसे अस्पताल ले गए और फिर मरहम पट्टी कराने के बाद वह घर भी आ गया। बाद में पुलिस को घटना की सूचना दी गई और यह बताया गया कि कमलदेव शेविंग कराने के लिए गया था और वापस लौटते समय बाइक सवार दो युवकों ने उसे पीछे से गोली मार दी। लेकिन, जांच में यह बात सामने आई कि कमलदेव अपने दरवाजे पर अवैध पिस्टल की सफाई कर रहा था। तभी पिस्टल से गोली चल गई। गोली उसके हथेली और जांघ में लग गई। उस समय कमलदेव का भाई कमलाकांत भी अवैध पिस्टल लिए हुए था। उन्होंने पुलिस को फर्जी सूचना दी कि बदमाशों ने कमलदेव को गोली है। जांच के बाद पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से दो पिस्टल भी बरामद किया। एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ में दोनों भाइयों ने यह स्वीकार कर लिया है कि एक वैवाहिक समारोह के दौरान फायरिंग के लिए वे पिस्टल की सफाई कर रहे थे और इसी दौरान फायर हो गया। दोनों का संबंधित धाराओं में चालान कर दिया गया है।