जहानागंज। प्रथम समाजवादी विचारक एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का समूचा जीवन संघर्षों से भरा पड़ा है। एक साधारण परिवार में जन्म लेने के बाद प्रधानमंत्री जैसी महत्वपूर्ण कुर्सी तक पहुंचना, उनके कुशल व्यक्तित्व का परिचायक है। आज के राजनीतिक परिवेश में देश के पूर्व पीएम का संघर्षमय जीवन अत्यंत प्रासंगिक है। उक्त बातें पूर्व मंत्री और विधान परिषद सदस्य यशवंत सिंह ने कही। वह बृहस्पतिवार को ट्रस्ट परिसर में आयोजित पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की 14वीं पुण्यतिथि पर हुई संगोष्ठी में बोल रहे थे।
कहा कि आज देश में सत्ता के लिए संघर्ष हो रहा है। राजनेता जाति, मजहब किसी का भी सहारा ले रहे हैं। इसके विपरीत चंदशेखर का व्यक्तित्व था कि सत्ता को लात मारकर उन्होंने संघर्षों का रास्ता चुना। इसी का परिणाम है कि लोकतंत्र जब तानाशाही की ओर चलता है तो उनके संघर्षों की याद आती है। उन्होंने समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए आचार्य नरेंद्र देव, जय प्रकाश लोहिया के विचारों और स्मृतियों को जन-जन तक पहुंचाया। वह जो ठान लेते थे उस पर चलने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता था। अपनी निर्भीकता, अदम्य साहस, बेबाक वक्ता और अन्याय के विरुद्ध संघर्षों के लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत एमएलसी ने चंद्रशेखर की मूर्ति पर माला पहनाकर की। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य स्वतंत्र सिंह मुन्ना, रमेश कन्नोजिया, अरविंद सिंह, सुनील सिंह, बल्लू, उदय शंकर चौरसिया, लालबहादुर सिंह, अशोक पांडेय आदि उपस्थित थे।