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या हुसैन... की सदाओं संग यौमे आशूरा पर ताजिये दफन

Wed, 10 Aug 2022 12:18 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Aug 2022 12:18 AM IST
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Ya Hossain...'s eternal burial at Yaume Ashura
आजमगढ़। मोहर्रम की दसवीं पर शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक विविध आयोजन किए गए। इस बार परंपराओं के अनुरूप जुलूस निकाला गया और अखड़ों में कलकारों ने करतब दिखाया। इतना ही नहीं नवीं पर इमाम चौक पर स्थापित किए गए अखाड़ों को कर्बला ले जाकर दफन किया गया। वहीं शिया समुदाय के लोगों द्वारा जंजीरी मातम आदि का आयोजन किया गया।
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शहर में स्थित इमाम चौक पर स्थापित ताजियों का जुलूस शाम चार बजे से निकला। अखाड़ों के साथ-साथ चल रहा ताजिया जुलूस निर्धारित रास्तों से होता हुआ कर्बला मैदान पहुंचा जहां ताजियों को दफन किया गया। इसके बाद अखाड़ा जुलूस के साथ शहर के मुख्य चौक पर पहुंचा जहां कलाकारों के बीच मुकाबला हुआ।
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मेजवां संवाददाता के अनुसार फूलपुर कस्बा व ग्रामीण क्षेत्रों में दसवीं मोहर्रम का जुलूस अकीदत के साथ निकला। या अली या मौला की सदाओं से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। जुलूस का समापन कर्बला में हुआ। जहां ताजियांओं को ठंडा किया गया। अंजुमनों द्वारा निकाले गए ताजिया जुलूस के दौरान जंजीर व कमां का मातम कर शहीद इमाम को खिराजे अकीदत पेश की गई। कई स्थानों पर आग पर चल कर मातम किया गया। मेजवां में अंजुमन अब्बासिया के सेक्रेटरी आफताब हुसैन के नेतृत्व में जुलूस निकाल गया। इब्ने हसन, बरसातू मियां चौक पर मजलिस की गई। अंजुमन फरोगे अजा की तरफ से चमांवा में जुलजेनाह की शबीह निकाली गई। दसमड़ा में गुलजारे पंजतन की ओर से जुलूस निकाला गया। जिसमें अलम, जुलजनाह, अली अकबर का ताबूत बरामद किया गया। जुलूस में अलम के साथ तिरंगा भी लहराया गया।
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अकीदत व एहतराम के साथ निकला ताजिया जुलूस
मुबारकपुर। कस्बा व आसपा के इलाकों में मुहर्रम की दसवीं पर ताजिया जुलूस अकीदत व एहतराम के साथ निकाला गया। क्षेत्र के लगभग 65 इमामबाड़ों व इमाम चौको से ताजिया जुलूस निकाला गया। जो अपने परंपरागत मार्गो से होता हुआ शाह के पंजे पर पहुंच कर संपन्न हुआ। जहां ताजियों को दफन किया गया। वहीं सुन्नी समुदाय के लोगों ने अपने ताजियां को पूरारानी सब्जी मंडी स्थित मदम रसूल पर पहुंच कर दफन किए। जलूस में अंजुमन अंसार हुसैनी रजि., अंजुमन अंसार हुसैनी, अंजुमन मासूमियां, अंजुमन अंसारे हुसैनी क़दीम रजि., अंजुमन मासूमियाँ क़दीम रजि. आदि अंजुमनों के सदस्यों द्वारा ग़मगीन माहौल में वाक़याते कर्बला पर आधारित नौहा ख्वानी व सीनाजनी कर शहीदाने कर्बला को मंजूम खिराजे अक़ीदत पेश करते रहे जिसे सुनकर उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गयीं। इसी दौरान मोहल्ला हैदराबाद कपूरा शाह दीवान की बाग़ मेन रोड पर अंजुमन मासूमियाँ रजि. के दस्तों द्वारा जंजीर और क़माँ का मातम पेश कर कर्बला के शहीदों को मंजूम खिराजे अक़ीदत पेश किया। सीओ सदर सौम्या सिंह के नेतृत्व में फोर्स जुलूस के साथ चल रही थी।
अंगारों पर चल किया मातम, पेश की खिराजे अकीदत
सगड़ी। तहसील क्षेत्र में मुहर्रम की दसवीं पर जुलूस अकीदत व एहतराम के साथ निकला। क्षेत्र के पारीपट्टी, खतीबपुर, डोरवा, सुंदर सराय बल्लो, जीयनपुर कस्बा, समुद्रपुर, खालिसपुर में जुलूस निर्धारित रास्तों से गुजरा और कर्बला पहुंच कर ताजियों को दफन किया गया। खतीबपुर में अंगारे पर चल कर युवाओं में मातम किया। समुद्रपुर में अंजुमनों ने नौहा पढ़ा और मातम किया। सेक्रेटरी जर्रार हुसैन ने जुलूस में अपने संबोधन में मोहम्मद साहब के नवासे इमामे हुसैन के बलिदान और उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला। इस मौके पर सबी रजा, नेहाल मेहंदी, जर्रार हुसैन, जीशान मेंहदी, आदिल अब्बास, दीपक गुप्ता, पुरुषोत्तम यादव, ज्ञानेंद्र मिश्र, चेयरमैन हरिशंकर यादव, विजय चौहान गुलाब चौहान आदि मौजूद रहे।

हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक है कोतवालीपुर का ताजिया
अहरौला। क्षेत्र के कोतवालीपुर अवर्शन से निकलने वाले ताजिया जुलूस एकता का प्रतीक है। बताते चलें कि गांव के बटोही यादव वर्षों से मुुस्लिमों के लिए ताजिया बनाते आ रहे हैं और मोहर्रम के दिन स्वयं ताजिया उठाकर मुस्लिम समुदाय के लोगों को सौंपते हैं। गांव के मुनव्वर, जलालुद्दीन, महबूब, फूंनन, शिवभोले सिंह, पूर्व प्रधान चंद्रशेखर सिंह आदि लोगों ने बताया कि गांव का ताजिया हिंदू और मुस्लिम एकता का मिसाल है। यहां बटोही यादव पुश्त दर पुश्त से इस परंपरा का निर्वहन करते आ रहे। आज भी बटोही यादव पूरी श्रद्धा और लगन से मोहर्रम पर निकलने वाले ताजिया को बनाते हैं और उसे पूरी श्रद्धा से मुस्लिम भाइयों के साथ विदा करते हैं। इसी प्रकार क्षेत्र के अन्य जगहों से मोहर्रम का जुलूस ताजिया के साथ ढोल बजाते हुए निकाला गया। नियत स्थान पर जुलूस पहुंच कर ताजिया को दफन किया गया। इस दौरान जगह-जगह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे।
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