फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Worship for whole night on Shab-e-Barat

शब-ए-बरात पर पूरी रात इबादत की इबादत

Sat, 19 Mar 2022 11:21 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Mar 2022 11:21 PM IST
विज्ञापन
Worship for whole night on Shab-e-Barat
शब-ए-बरात का त्योहार शुक्रवार को पूरी रात इबादत कर मनाया गया। घर में औरतें और मस्जिदों में पुरुषों ने इबादत करते हुए गुजारी पूरी रात। शब-ए-बरात की इस रात को सभी रातों से बेहतर माना जाता है। इस दिन अल्लाह सच्चे दिल से मांगी गई माफी को कबूल कर उसके गुनाहों को माफ कर देता है।
विज्ञापन

शब-ए-बरात और होली का त्योहार शुक्रवार को पडने के कारण जिला प्रशासन ने जुमे की नमाज के समय में परिवर्तन कर सकुशल जुमा की नमाज जहां अदा कराई, वही रात में शब-ए-बारत के त्योहार को सकुशल संपन्न कराया। इस दिन लोगों ने अपने परिजनों के नाम फातिहा कराया और उनके गुनाहों की माफी के लिए उनके कब्रिस्तान पर जाकर दोआ मांगी। इसके साथ ही शहर के दलालघाट स्थित सूफी हजरत याकूब की मजार, बिलरिया की चुंगी स्थित गुमशहीद बाबा की मजार, तहसील परिसर में स्थित चंदन शहीद बाबा की मजार, मुहल्ला अनंतपुरा स्थित दलेल खां गाजी बाबा की मजार, लखरांव शहीद बाबा की मजार, कोट किला स्थित शहीद बाबा की मजार पर जाकर फातिहा पढ़ा और दुआ मांगी। वही रशाद नगर स्थित पुरानी और नई कब्रिस्तान, बम्हस्थान स्थित नक्कटिया कब्रिस्तान, अनंतपुरा स्थित दलेल खां गाजी वाली कब्रिस्तान को लाइटों से सजाया गया था। जिन कब्रिस्तानों में जिनके परिजन दफन थे वहां जाकर उनकी मगफिरत के लिए दुआ मांगी। अपने-अपने परिजनों की कब्रिस्तान और शहीदों की मजार से आने के बाद पूरी रात महिलाओं ने जहां ने घरों में रहकर इबादत किया वही पुरुष और बच्चे मस्जिदों में इबादत कर पूरी रात गुजारी। इस दिन मुसलमान सारी रात जागकर अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगे और इबादत करते रहे। कहा जाता है कि सच्चे दिल से मांगी गई माफी इस रात को अल्लाह कबूल कर लेता है। शब-ए-बारात में इबादत करने वालों पर खुदा की रहमत रहती है। इस दिन हलुआ सहित अन्य पकवान बनाकर अपने परिजनों के नाम फातिहा कराया गया। शाबान महीने की 14 वीं की रात में खुदा आसमान और दुनिया के बीच आकर कहता है, कि है कोई बंदा जो अपनी मुश्किलों से निजात मांगता है। मै उसको निजात दूं। यह रात सभी रातों में बेहतर है। इस दिन पूरी रात इबादत की गई। शाबान का महीना रहमतों और बरकतों का महीना कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed