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पुराने रनवे से नहीं चलेगा काम, बनाना होगा नया
आजमगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jan 2018 11:49 PM IST
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अंधऊ हवाई पट्टी के कायाकल्प की कवायद
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आजमगढ़। केंद्रीय विमान पत्तन प्राधिकरण की ओर से गत शुक्रवार को जारी अधिसूचना में दूसरे चरण में आजमगढ़ में भी रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम ‘उड़ान’ के तहत हवाई अड्डा बनाने की घोषणा की गई है। इसके लिए पिछले दिनों दिल्ली से आई टीम सर्वे भी कर चुकी है फिलहाल पुरानी हवाई पट्टी पर व्यवसायिक हवाई अड्डा बनाना संभव नहीं दिख रहा है। इसलिए तीन किमी के नये हवाई पट्टी पर विचार किया जा रहा है।
नागरिक उड्यन विभाग ने रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम ‘उड़ान’ के तहत केन्द्रीय विमान पत्तन प्राधिकरण से एयरपोर्ट निर्माण कराने के लिए शुक्रवार को अधिसूचना जारी की थी। इसमें प्रदेश में आजमगढ़ समेत 12 नए हवाई अड्डे बनाने की बात कही गई थी। दूसरे चरण में आजमगढ़ में बनने वाले हवाईअड्डे के लिए दिल्ली से आई टीम कुछ दिन पहले मंदुरी हवाई पट्टी का स्थलीय सर्वे भी कर चुकी है। सर्वे के बाद टीम पूरी हवाई पट्टी और इसके आसपास के क्षेत्र के नक्शा आदि आपने साथ ले गई है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से 2008-09 में मंदुरी में बनी डेढ़ किमी लंबी हवाई पट्टी को देखरेख की जिम्मेदारी जिला प्रशासन के माध्यम से पीडब्ल्यूडी को सौंपा गया था। पीडब्ल्यूडी के एई राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सर्वे के दौरान ये बात आई कि कमर्शियल हवाई अड्डे के लिए तीन किमी लंबे रन-वे की आवश्यकता होगी। वर्तमान रन-वे की लंबाई मात्र डेढ़ किमी ही है। इसे दोनों तरफ इसे बढ़ाना संभव भी नहीं है। क्योंकि एक तरण दो सौ मीटर पर नेशनल हाईवे और एक तरफ हिच्छन पट्टी गांव बसा हुआ है। इस स्थिति में कमर्शियल हवाई अड्डे के लिए दक्षिण में नया रन-वे डेवलप करना होगा। वर्तमान में हवाई पट्टी की कुल चौड़ाई लगभग 60 मीटर ही है। इस स्थिति में अन्य इंफ्रास्टक्चर भी डेवलप होने में समस्या है। इस स्थिति में नये हवाई पट्टी और अन्य निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जा सकता है।
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रेशमी साड़ी उद्योग और अन्य व्यवसाय को लगेंगे पंख
जनपद में यदि हवाई अड्डा बना तो मंदुरी स्थित हवाई पट्टी लोग लखनऊ और दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे। इससे जिले के साड़ी और ब्लैक पॉटरी उद्योग को पंख लगने की उम्मीद है। क्योंकि मुबारकपुर में बनी साडिय़ों का अधिकतर व्यवसाय दक्षिण से जुड़ा हुआ है। परिवहन मानचित्र पर आजमगढ़ के न होने के कारण ही मुबारकपुर की रेशमी साड़ी उद्योग को अपनी पहचान नहीं मिल पाई है। बनारसी साड़ी को लेकर वाराणसी आगे बढ़ता गया, लेकिन मुख्य उद्योग होने के बाद बी मुबारकपुर का कहीं नाम नहीं हुआ।
हालांकि प्रदेश की पिछली सपा सरकार में भी तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव वे हवाई पट्टी के विस्तार की घोषणा की थी। नये रन-वे के लिए सर्वे भी किया गया था, लेकिन इस मसले पर कुछ हुआ नहीं। अब एक बार फिर हवाई अड्डे की घोषणा के बाद नये रन-वे के लिए सर्वे की उम्मीद जताई जा रही है।
मुंबई और विदेश जाने वालों की भी सुविधा
आजमगढ़। हवाई अड्डा बनने के बाद गल्फ कंट्री में रहने वाले यहां के लोगों को भी काफी सुविधा मिलेगी। जनपद के काफी संख्या में लोग खाड़ी देशों में आते-जाते रहते हैं। इसके लिए उन्हें वाराणसी से पेलन पकड़नी पड़ती थी। हवाी सुविधा शुरू होने के बाद वो यहां से लखनऊ और वहां से गल्फ कंट्री के लिए सीधे उड़ान भर सकेंगे। इसके अलावा मुंबई आने-जाने वालों को भी सुविधा मिलेगी।
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नागरिक उड्यन विभाग ने रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम ‘उड़ान’ के तहत केन्द्रीय विमान पत्तन प्राधिकरण से एयरपोर्ट निर्माण कराने के लिए शुक्रवार को अधिसूचना जारी की थी। इसमें प्रदेश में आजमगढ़ समेत 12 नए हवाई अड्डे बनाने की बात कही गई थी। दूसरे चरण में आजमगढ़ में बनने वाले हवाईअड्डे के लिए दिल्ली से आई टीम कुछ दिन पहले मंदुरी हवाई पट्टी का स्थलीय सर्वे भी कर चुकी है। सर्वे के बाद टीम पूरी हवाई पट्टी और इसके आसपास के क्षेत्र के नक्शा आदि आपने साथ ले गई है।
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एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से 2008-09 में मंदुरी में बनी डेढ़ किमी लंबी हवाई पट्टी को देखरेख की जिम्मेदारी जिला प्रशासन के माध्यम से पीडब्ल्यूडी को सौंपा गया था। पीडब्ल्यूडी के एई राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सर्वे के दौरान ये बात आई कि कमर्शियल हवाई अड्डे के लिए तीन किमी लंबे रन-वे की आवश्यकता होगी। वर्तमान रन-वे की लंबाई मात्र डेढ़ किमी ही है। इसे दोनों तरफ इसे बढ़ाना संभव भी नहीं है। क्योंकि एक तरण दो सौ मीटर पर नेशनल हाईवे और एक तरफ हिच्छन पट्टी गांव बसा हुआ है। इस स्थिति में कमर्शियल हवाई अड्डे के लिए दक्षिण में नया रन-वे डेवलप करना होगा। वर्तमान में हवाई पट्टी की कुल चौड़ाई लगभग 60 मीटर ही है। इस स्थिति में अन्य इंफ्रास्टक्चर भी डेवलप होने में समस्या है। इस स्थिति में नये हवाई पट्टी और अन्य निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जा सकता है।
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रेशमी साड़ी उद्योग और अन्य व्यवसाय को लगेंगे पंख
जनपद में यदि हवाई अड्डा बना तो मंदुरी स्थित हवाई पट्टी लोग लखनऊ और दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे। इससे जिले के साड़ी और ब्लैक पॉटरी उद्योग को पंख लगने की उम्मीद है। क्योंकि मुबारकपुर में बनी साडिय़ों का अधिकतर व्यवसाय दक्षिण से जुड़ा हुआ है। परिवहन मानचित्र पर आजमगढ़ के न होने के कारण ही मुबारकपुर की रेशमी साड़ी उद्योग को अपनी पहचान नहीं मिल पाई है। बनारसी साड़ी को लेकर वाराणसी आगे बढ़ता गया, लेकिन मुख्य उद्योग होने के बाद बी मुबारकपुर का कहीं नाम नहीं हुआ।
हालांकि प्रदेश की पिछली सपा सरकार में भी तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव वे हवाई पट्टी के विस्तार की घोषणा की थी। नये रन-वे के लिए सर्वे भी किया गया था, लेकिन इस मसले पर कुछ हुआ नहीं। अब एक बार फिर हवाई अड्डे की घोषणा के बाद नये रन-वे के लिए सर्वे की उम्मीद जताई जा रही है।
मुंबई और विदेश जाने वालों की भी सुविधा
आजमगढ़। हवाई अड्डा बनने के बाद गल्फ कंट्री में रहने वाले यहां के लोगों को भी काफी सुविधा मिलेगी। जनपद के काफी संख्या में लोग खाड़ी देशों में आते-जाते रहते हैं। इसके लिए उन्हें वाराणसी से पेलन पकड़नी पड़ती थी। हवाी सुविधा शुरू होने के बाद वो यहां से लखनऊ और वहां से गल्फ कंट्री के लिए सीधे उड़ान भर सकेंगे। इसके अलावा मुंबई आने-जाने वालों को भी सुविधा मिलेगी।