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Azamgarh News: काम के दबाव से छिन रही नींद, तेजी से बढ़ रही अनिद्रा की समस्या

Tue, 14 Apr 2026 12:23 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2026 12:23 AM IST
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Work pressure is taking away sleep, insomnia is on the rise
बलरामपुर। बढ़ते काम के दबाव और बदलती जीवनशैली के कारण लोगों में अनिद्रा (नींद न आने) की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग, मानसिक तनाव और अनियमित दिनचर्या के चलते लोगों की नींद प्रभावित हो रही है। इसका असर अब उनके स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है।
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मंडलीय जिला चिकित्सालय के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित सिंह ने बताया कि ओपीडी में नींद से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हमारी ओपीडी में 150 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इनमें करीब 50 मरीज अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे हैं। पहले इतनी बड़ी संख्या में अनिद्रा के केस नहीं आते थे, लेकिन पिछले कुछ समय से यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
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डॉ. सिंह ने बताया कि देर रात तक मोबाइल, लैपटॉप का इस्तेमाल, मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या और नशे (शराब, तंबाकू आदि) के कारण लोगों की नींद पूरी तरह प्रभावित हो रही है। युवा वर्ग में तो यह समस्या और भी ज्यादा देखी जा रही है। काम के दबाव में लोग रात-दिन एक कर देते हैं, जिससे शरीर की प्राकृतिक नींद चक्र बिगड़ रहा है।
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उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अनिद्रा केवल थकान का कारण नहीं है, बल्कि इससे उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, डिप्रेशन और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया गया तो यह समस्या और विकराल रूप ले लेगी।
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बच्चों में भी बढ़ रही समस्या
0 से 12 वर्ष तक के बच्चों में चिड़चिड़ापन, बार-बार रोना, पढ़ाई में ध्यान न लगना, कमजोरी और जल्दी बीमार पड़ने जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं। दिन में अधिक नींद आना, सुस्ती और गतिविधियों में कमी इसके प्रमुख लक्षण हैं।
युवाओं में तनाव बना कारण
18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में अनिद्रा के कारण तनाव और चिंता बढ़ रही है। इससे काम में गलतियां, उत्पादकता में कमी, वजन बढ़ना और हार्मोन असंतुलन जैसी दिक्कतें सामने आ रही हैं। लगातार थकान, सिरदर्द और चिड़चिड़ापन इसके सामान्य लक्षण हैं।
मध्य आयु वर्ग भी प्रभावित
40 से 60 वर्ष के लोगों में नींद की कमी से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोग का खतरा बढ़ रहा है। रात में बार-बार नींद खुलना, शरीर में दर्द और कमजोरी इसके संकेत हैं।

उम्र के अनुसार जरूरी नींद
6 से 10 वर्ष: 9 से 11 घंटे
18 से 25 वर्ष: 7 से 9 घंटे
26 से 33 वर्ष: 6 से 9 घंटे
34 से 40 वर्ष: 6 से 8 घंटे

अनियमित दिनचर्या, देर रात तक स्क्रीन का उपयोग और मानसिक तनाव अनिद्रा के प्रमुख कारण हैं। पर्याप्त नींद न लेने से शरीर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और सिरदर्द, थकान व चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। रात 10 बजे तक सोने की कोशिश करें। सोने से पहले मोबाइल-लैपटॉप बंद रखें। नियमित व्यायाम और संतुलित भोजन अपनाएं। तनाव कम करने के लिए ध्यान (मेडिटेशन) या योग करें। इससे इस समस्या से निजात मिल सकती है। -डॉ. सुमित सिंह, मानसिक रोग विशेषज्ञ।
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