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सामाजिक बुराइयों पर चला नाटकों को चाबुक
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Wed, 27 Dec 2017 11:44 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़। वेस्ली इंटर कालेज में चल रहे हुनर रंग महोत्सव का दूसरा दिन सामाजिक बुराइयों पर प्रहार के नाम रहा। विभिन्न प्रांतों के कलाकारों ने नाटकों के माध्यम से सामाजिक बुराइयों पर कड़ा प्रहार किया।
इसके साथ ही एकल व सामूहिक नृत्यों के माध्यम से भी कलाकारों ने अपनी अमिट छाप दर्शकों पर छोड़ी। महोत्सव के दूसरे दिन की शुरूआत राष्ट्रगान के साथ हुई। पूर्व पालिकाध्यक्ष इंदिरा देवी जायसवाल ने दीप प्रज्जवलन कर दूसरे दिन के कार्यक्रम की शुरूआत की।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत एकल नृत्यों की प्रस्तुति के साथ हुई। जिसमें विभिन्न प्रांतों से आए कलाकारों के साथ ही स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुति दी। इसके बाद समूह नृत्यों का दौर शुरू हुआ।
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जिसमें असम से आए कलाकारों की बिहू ने लोगों का मन मोह लिया। समूह नृत्य के बाद नाटकों का दौर शुरू हुआ। नाटकों के माध्यम से विभिन्न प्रांतों से आए कलाकारों ने सामाजिक बुराईयों पर कड़ा प्रहार किया।
अलग-अलग भाषाओं के कलाकारों के अभिनय के जादू के आगे भाषा की बाधा आड़े नहीं आई। नार्थ ईस्ट से आये द वूमन एंड चाइल्ड इंटीग्रीटी डेवलपमेंट अर्गनाइजेशन नागमपाल कंजीबी लेईरक मणिपुर के कलाकारों ने नाटक ‘मीरा’ की प्रस्तुति किया।
नाटक के प्रमुख पात्रों में वनोदिनी देवी, वंदिता देवी और भाविनी देवी ने प्रमुख भूमिका निभायी। कार्यक्रम के दौरान अभिषेक जायसवाल, मनोज यादव, हेमंत श्रीवास्तव, मनोज बरनवाल, मनीष रतन अग्रवाल, अजेंद्र राय, विजय सिंह, नीरज अग्रवाल समेत काफी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। संचालन आयोजन सचिव सुनील दत्त विश्वकर्मा ने किया।
आजमगढ़। राष्ट्रीय साहित्य कला संस्थान के तत्वाधान में आयोजित रंग महोत्सव की दूसरी निशा भोजपुरी गीतों व वेस्टर्न डांस के नाम रही। बाहर से आए कलाकारों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। नृत्य व गीत के बाद नाटकों का दौर शुरू हुआ। दूसरी निशा का उद्घाटन एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने किया।
शहर के हरवंशपुर स्थित सर्वोदय पब्लिक स्कूल प्रांगण में चल रहे बहुभाषीय नाट्य व लोकनृत्य समारोह के दूसरे दिन की शुरूआत प्रत्येक्षा तिवारी के गणेश वंदना से शुरू हुई। इसके पश्चात शुक्ला ब्रदर्स ने भोजपुरी गीतों की प्रस्तुति शुरू किया।
एक के बाद एक प्रस्तुत भोजपुरी गीतों ने उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया था। गीतों के बाद वेस्टर्न डांस की शुरूआत हुई। जिसमें विभिन्न स्थानों से आए कलाकारों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियां दी। गीत व नृत्य के बाद नाटकों की शुरूआत हुई।
धनबाद से आई शारदा नाट्य मंच के कलाकारों द्वारा लक्ष्मीनरायण मिश्रा लिखित नाटक राम रहीम का चौतरा की प्रस्तुति की गई। नाटक के कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
इसके अलावा समूह थियेटर जम्मू कश्मीर के कलाकारों ने नाटक बाबाजीत मल और उड़ान थियेटर आर्ट सोसाइटी बिकानेर ने नाटक आधी रात के बाद का आकर्षक मंचन किया। अंत में फिल्म कलाकार मोनालिसा का सम्मान किया गया।
आयोजन संस्था थाना उन्हें कला श्री के सम्मान से सम्मानित किया गया। राजेंद्र यादव और कंचन यादव ने उन्हें अंगवस्त्रम व ट्रॉफी प्रदान किया। इसके साथ ही संस्थान अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल, नीलिमा श्रीवास्तव, सिद्धार्थ सिंह को आजमगढ़ गौरव सम्मान प्रदान किया गया।
प्रतिभा सम्मान से आलिया, जावेद को अलंकृत किया गया। इस अवसर पर भोजपुरी फिल्मों के खलनायक संजय पांडेय, कामेडियन सीपी भट्ट, राहुल श्रीवास्तव, अभिषेक जायसवाल, राजेंद्र प्रसाद यादव, सिद्धार्थ सिंह, विजयलक्ष्मी, राघवेंद्र मिश्रा, शरद गुप्ता, दिवाकर श्रीवास्तव, चंद्रकांत, राज, अवनीश, डॉ. पूनम तिवारी, मनोज अंगूरिया, संजय अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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इसके साथ ही एकल व सामूहिक नृत्यों के माध्यम से भी कलाकारों ने अपनी अमिट छाप दर्शकों पर छोड़ी। महोत्सव के दूसरे दिन की शुरूआत राष्ट्रगान के साथ हुई। पूर्व पालिकाध्यक्ष इंदिरा देवी जायसवाल ने दीप प्रज्जवलन कर दूसरे दिन के कार्यक्रम की शुरूआत की।
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सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत एकल नृत्यों की प्रस्तुति के साथ हुई। जिसमें विभिन्न प्रांतों से आए कलाकारों के साथ ही स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुति दी। इसके बाद समूह नृत्यों का दौर शुरू हुआ।
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जिसमें असम से आए कलाकारों की बिहू ने लोगों का मन मोह लिया। समूह नृत्य के बाद नाटकों का दौर शुरू हुआ। नाटकों के माध्यम से विभिन्न प्रांतों से आए कलाकारों ने सामाजिक बुराईयों पर कड़ा प्रहार किया।
अलग-अलग भाषाओं के कलाकारों के अभिनय के जादू के आगे भाषा की बाधा आड़े नहीं आई। नार्थ ईस्ट से आये द वूमन एंड चाइल्ड इंटीग्रीटी डेवलपमेंट अर्गनाइजेशन नागमपाल कंजीबी लेईरक मणिपुर के कलाकारों ने नाटक ‘मीरा’ की प्रस्तुति किया।
नाटक के प्रमुख पात्रों में वनोदिनी देवी, वंदिता देवी और भाविनी देवी ने प्रमुख भूमिका निभायी। कार्यक्रम के दौरान अभिषेक जायसवाल, मनोज यादव, हेमंत श्रीवास्तव, मनोज बरनवाल, मनीष रतन अग्रवाल, अजेंद्र राय, विजय सिंह, नीरज अग्रवाल समेत काफी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। संचालन आयोजन सचिव सुनील दत्त विश्वकर्मा ने किया।
आजमगढ़। राष्ट्रीय साहित्य कला संस्थान के तत्वाधान में आयोजित रंग महोत्सव की दूसरी निशा भोजपुरी गीतों व वेस्टर्न डांस के नाम रही। बाहर से आए कलाकारों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। नृत्य व गीत के बाद नाटकों का दौर शुरू हुआ। दूसरी निशा का उद्घाटन एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने किया।
शहर के हरवंशपुर स्थित सर्वोदय पब्लिक स्कूल प्रांगण में चल रहे बहुभाषीय नाट्य व लोकनृत्य समारोह के दूसरे दिन की शुरूआत प्रत्येक्षा तिवारी के गणेश वंदना से शुरू हुई। इसके पश्चात शुक्ला ब्रदर्स ने भोजपुरी गीतों की प्रस्तुति शुरू किया।
एक के बाद एक प्रस्तुत भोजपुरी गीतों ने उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया था। गीतों के बाद वेस्टर्न डांस की शुरूआत हुई। जिसमें विभिन्न स्थानों से आए कलाकारों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियां दी। गीत व नृत्य के बाद नाटकों की शुरूआत हुई।
धनबाद से आई शारदा नाट्य मंच के कलाकारों द्वारा लक्ष्मीनरायण मिश्रा लिखित नाटक राम रहीम का चौतरा की प्रस्तुति की गई। नाटक के कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
इसके अलावा समूह थियेटर जम्मू कश्मीर के कलाकारों ने नाटक बाबाजीत मल और उड़ान थियेटर आर्ट सोसाइटी बिकानेर ने नाटक आधी रात के बाद का आकर्षक मंचन किया। अंत में फिल्म कलाकार मोनालिसा का सम्मान किया गया।
आयोजन संस्था थाना उन्हें कला श्री के सम्मान से सम्मानित किया गया। राजेंद्र यादव और कंचन यादव ने उन्हें अंगवस्त्रम व ट्रॉफी प्रदान किया। इसके साथ ही संस्थान अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल, नीलिमा श्रीवास्तव, सिद्धार्थ सिंह को आजमगढ़ गौरव सम्मान प्रदान किया गया।
प्रतिभा सम्मान से आलिया, जावेद को अलंकृत किया गया। इस अवसर पर भोजपुरी फिल्मों के खलनायक संजय पांडेय, कामेडियन सीपी भट्ट, राहुल श्रीवास्तव, अभिषेक जायसवाल, राजेंद्र प्रसाद यादव, सिद्धार्थ सिंह, विजयलक्ष्मी, राघवेंद्र मिश्रा, शरद गुप्ता, दिवाकर श्रीवास्तव, चंद्रकांत, राज, अवनीश, डॉ. पूनम तिवारी, मनोज अंगूरिया, संजय अग्रवाल आदि मौजूद रहे।