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लक्ष्य के सापेक्ष 19.59 फीसद ही हो पाई गेहूं की खरीद
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गेहूं खरीद का प्रतिशत बढ़ाने के लिए सरकार ने 15 दिन का और समय दिया था। आज गेहूं खरीद का अंतिम दिन है। 90 दिनों में क्रय केंद्रों से महज 1396.84 मिट्रिक टन ही गेहूं की खरीद हो पाई है जो निर्धारित लक्ष्य से काफी कम है। सरकार ने समय तो बढ़ा दिया लेकिन किसानों के पास गेहूं नहीं रह गया था कि वह क्रय केंद्रों पर ले जाकर बेचें। ऐसे में गेहूं क्रय के लिए लगी तीन विभागों की 73 एजेंसियों से 19.59 फीसदी ही खरीद हो पाई।
जिले को इस बार 71 हजार मिट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था। 1 अप्रैल से गेहूं की खरीदारी भी शुरू हो गई थी। 15 जून तक लक्ष्य को पूरा करना था। लक्ष्य को पूरा करने के लिए खाद्य विभाग ने 21, भारतीय खाद्य निगम ने 02 व पीसीएफ ने 50 गेहूं क्रय केंद्र खोले। जिले में शुरू से ही गेहूं की खरीद काफी धीमी रही। इसका कारण बाजार भाव से समर्थन मूल्य का कम होना बताया जा रहा था। व्यापारी गांव में जाकर किसानों के घरों से अच्छे दाम देकर गेहूं उठा ले गए। इससे क्रय केंद्रों पर किसानों का टोटा रहा। किसान भी व्यापारियों से अच्छे दाम मिलने पर आसानी से उनको अपना गेहूं दे दिए। क्रय केंद्रों पर लक्ष्य के हिसाब से काफी कम गेहूं की खरीद देख सरकार ने खरीद की तिथि 15 जून से बढ़ाकर 30 जून कर दिया। 15 दिन का समय बढ़ने के बाद भी क्रय एजेंसियां गेहूं की खरीदारी करने में काफी पीछे रहीं। 29 जून को खरीदारी का 90 दिन पूरा हो गया लेकिन क्रय केंद्र लक्ष्य का एक चौथाई भाग भी गेहूं की खरीद नहीं कर सके। 71 हजार लक्ष्य के सापेक्ष कुल 1396.84 मिट्रिक टन ही खरीदारी हुई। जिसमें खाद्य विभाग 41.26 एमटी, भारतीय खाद्य निगम 159.90 एमटी व पीसीएफ 9616.68 एमटी ने गेहूं की खरीदारी किया। जनपद में कुल 19.59 गेहूं की खरीद हो पाई।
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जिले को इस बार 71 हजार मिट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था। 1 अप्रैल से गेहूं की खरीदारी भी शुरू हो गई थी। 15 जून तक लक्ष्य को पूरा करना था। लक्ष्य को पूरा करने के लिए खाद्य विभाग ने 21, भारतीय खाद्य निगम ने 02 व पीसीएफ ने 50 गेहूं क्रय केंद्र खोले। जिले में शुरू से ही गेहूं की खरीद काफी धीमी रही। इसका कारण बाजार भाव से समर्थन मूल्य का कम होना बताया जा रहा था। व्यापारी गांव में जाकर किसानों के घरों से अच्छे दाम देकर गेहूं उठा ले गए। इससे क्रय केंद्रों पर किसानों का टोटा रहा। किसान भी व्यापारियों से अच्छे दाम मिलने पर आसानी से उनको अपना गेहूं दे दिए। क्रय केंद्रों पर लक्ष्य के हिसाब से काफी कम गेहूं की खरीद देख सरकार ने खरीद की तिथि 15 जून से बढ़ाकर 30 जून कर दिया। 15 दिन का समय बढ़ने के बाद भी क्रय एजेंसियां गेहूं की खरीदारी करने में काफी पीछे रहीं। 29 जून को खरीदारी का 90 दिन पूरा हो गया लेकिन क्रय केंद्र लक्ष्य का एक चौथाई भाग भी गेहूं की खरीद नहीं कर सके। 71 हजार लक्ष्य के सापेक्ष कुल 1396.84 मिट्रिक टन ही खरीदारी हुई। जिसमें खाद्य विभाग 41.26 एमटी, भारतीय खाद्य निगम 159.90 एमटी व पीसीएफ 9616.68 एमटी ने गेहूं की खरीदारी किया। जनपद में कुल 19.59 गेहूं की खरीद हो पाई।
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