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हड़ताल के कारण वजन दिवस हुआ फ्लाप
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Tue, 24 Oct 2017 11:32 PM IST
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आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़। सरकार द्वारा अतिकुपोषित और कुपोषित बच्चों के इलाज के लिए वजन दिवस कार्यक्रम निर्धारित किया गया। जिसके तहत मंगलवार को जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन किया जाना था लेकिन आंगनबाड़ी और सहायिकाओं की हड़ताल के कारण वजन दिवस का पहला दिन फ्लाप साबित हुआ।
सीएमओ डा. एसके तिवारी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हड़ताल पर होने के कारण सभी केंद्रों पर वजन दिवस कार्यक्रम फ्लाप रहा है। अगला कार्यक्रम 27 अक्तूबर को आयोजित किया गया है। उक्त तिथि तक अगर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हड़ताल पर रहेंगी तो उनसे वार्ता के बाद अगली तिथि घोषित की जाएगी।
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इसी क्रम में सीडीपीओ आशा पांडेय ने बताया कि शहर में 27 बच्चों का वजन किया गया। जिसमें तीन-चार बच्चे भर्ती किए जाने योग्य थे। उनके माता-पिता ने छठ त्योहार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराए जाने की बात कही है। जहानागंज संवाददाता के अनुसार सीडीपीओ इफ्तेखार अहमद ने बताया कि कोई भी सेंटर खुला नहीं होने के कारण किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र पर वजन दिवस पर बच्चों का वजन नहीं हुआ।
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उन्होंने बताया कि इस विकास खंड में कुल 213 हैं। 24अक्तूबर को वजन दिवस पर सभी तीन से पाच वर्ष के बच्चों का वजन होना था। जिसके लिए प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक की ड्यूटी भी उनकी मदद के लिए लगाई गई थी।
अतरौलिया। विकासखंड अतरौलिया कार्यालय पर अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने धरना प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सीडीपीओ को ज्ञापन सौंपा।
ब्लाक अध्यक्ष प्रतिमा सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने घोषणा पत्र में सरकार बनने के 120 दिन के अंदर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को सम्मानजनक मानदेय दिए जाने का वादा किया था। साथ ही सबरी संकल्प योजना का क्रियांवयन करने और घोटाले में सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी।
लेकिन 45000 करोड़ के पंजीरी घोटाले की जांच नहीं कराई गई। सरकार ने श्वेत पत्र में यह स्वीकार किया है कि एक विशेष बिजनेस समूह को लाभ दिलाने के लिए बच्चों के निवाले का व्यापार किया गया है। उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित 300 दिन हॉट कुक्ड मिल चलाने के आदेश को लागू न करना अनियमितता है।
लेकिन सिंडिकेट यथावत कार्य कर रहा है उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आंगनबाड़ी केंद्र बदहाल हैं ना तो वजन मशीन है और ना तो पोषण कार्यक्रम के प्रचार प्रसार के लिए कोई व्यवस्था है। जिसके कारण अभिभावक आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चे नहीं भेज रहे हैं। इस मौके पर सरिता सिंह, सोनू सिंह, विद्योत्तमा देवी, रेखा देवी, शशिकला, विमला, सुमन पांडेय, कुसुम, संतोष, राजबाला आदि उपस्थित थे।