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Azamgarh News: जिले की नहरों में 23 जून तक पहुंचेगा पानी, परेशान न हों किसान
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धान की अच्छी उपज के लिए किसान रोपाई से पूर्व खेत में संडा लगाते हैं लेकिन अब तक नहर में पानी ही नहीं आया है।
इसके कारण किसान परेशान हैं। जिनके पास अपने संसाधन हैं वह तो संडा लगा रहे हैं लेकिन जिनके पास अपने संसाधन नहीं हैं वह नहरों की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं। वहीं विभाग के अधिकारियों की माने तो 23 जून के बाद ही जिले की नहरों में पानी आएगा।
जनपद में शारदा सहायक खंड 32 और खंड 23 की कुल 343 नहर व शाखाएं हैं। इनसे एक लाख 72 हजार हेक्टयर की सिंचाई होती है। इस बार 1.50 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई का लक्ष्य है। अगले महीने से धान की रोपाई शुरू हो जाएगी। खेतों में किसानों ने धान की नर्सरी तैयार है।
अब धान की नर्सरी को उखाड़कर संडा लगाया जाना है, लेकिन दोनों खंडों की किसी भी नहर में पानी नहीं है। नहर में पानी न आने से मेंहनगर, पवई, फरिहा, अहरौला, फूलपुर, महाराजगंज, सगड़ी, बरदह, जहानागंज आदि क्षेत्रों के किसान परेशान हैं। वह खेतों में संडा नहीं लगा पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब पानी की जरूरत होती है तो नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाता है। जब जरूरत खत्म हो जाती है तो पानी आ जाता है। इससे फसल को भी नुकसान होता। एक माह पूर्व पानी छोड़ा गया था। अगर समय से संडा नहीं लगा तो आगे चलकर धान की रोपाई प्रभावित होने लगेगी।
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इसके कारण किसान परेशान हैं। जिनके पास अपने संसाधन हैं वह तो संडा लगा रहे हैं लेकिन जिनके पास अपने संसाधन नहीं हैं वह नहरों की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं। वहीं विभाग के अधिकारियों की माने तो 23 जून के बाद ही जिले की नहरों में पानी आएगा।
जनपद में शारदा सहायक खंड 32 और खंड 23 की कुल 343 नहर व शाखाएं हैं। इनसे एक लाख 72 हजार हेक्टयर की सिंचाई होती है। इस बार 1.50 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई का लक्ष्य है। अगले महीने से धान की रोपाई शुरू हो जाएगी। खेतों में किसानों ने धान की नर्सरी तैयार है।
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अब धान की नर्सरी को उखाड़कर संडा लगाया जाना है, लेकिन दोनों खंडों की किसी भी नहर में पानी नहीं है। नहर में पानी न आने से मेंहनगर, पवई, फरिहा, अहरौला, फूलपुर, महाराजगंज, सगड़ी, बरदह, जहानागंज आदि क्षेत्रों के किसान परेशान हैं। वह खेतों में संडा नहीं लगा पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब पानी की जरूरत होती है तो नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाता है। जब जरूरत खत्म हो जाती है तो पानी आ जाता है। इससे फसल को भी नुकसान होता। एक माह पूर्व पानी छोड़ा गया था। अगर समय से संडा नहीं लगा तो आगे चलकर धान की रोपाई प्रभावित होने लगेगी।
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