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जलस्तर में कमी जारी, रूक-रूक कर हो रही कटान
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देवारा क्षेत्र के गांगेपुर में घाघरा की कटान को रोकने के लिए डाले जा रहे बंबूक्रेट।
- फोटो : AZAMGARH
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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। नदी रुक-रुक कर कटान कर रही है। देवारा क्षेत्र के कई गांवों के संपर्क मार्गों से अभी बाढ़ का पानी नहीं हटा है, जिसके कारण इन गांवों के लोग नाव से आवागमन करने को विवश है।
बृहस्पतिवार को डिघिया गेज पर घाघरा नदी का जलस्तर 71.02 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को एक सेमी घटकर 71.01 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है। बदरहुआं गेज पर जलस्तर 71.71 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को चार सेमी घटकर 71.67 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। नदी अपने तटवर्ती क्षेत्रों के गांवों के पास कटान कर रही है। देवारा खास राजा के बगहवा का पुरा में घाघरा नदी कटान तेज हो गई है। यहां13 घर बह चुके हैं। लोग दूसरी जगह शरण लिए हुए हैं। बगहवा का पुरा में अब 57 घर बच गए हैं, जिनमें दो दर्जन घरों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। कटी हुई जमीन और घरों का तहसील प्रशासन ने सर्वे नहीं किया है और न रिपोर्ट भेजी है।
झगरहवा का पुरा, साधु का पुरा, बासु का पूरा आदि गांव के पास घाघरा नदी आबादी की जमीन के साथ खेती योग्य जमीन को काट रही है। गांगेपुर रिंग बंधे के पास घाघरा नदी कटान का दबाव बनाए हुए हैं। कटान को रोकने के लिए शासन-प्रशासन लगा हुआ है। रास्तों के जलमग्न होने के कारण देवारावासियों का नावों से आवागमन करना पड़ रहा है। बेलहिया पुल पिछले साल की बाढ़ में बह गया था। इससे आधा दर्जन गांव के लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। खरैलिया से सोनौरा संपर्क मार्ग, मानिकपुर से अभ्भन पट्टी संपर्क मार्ग, हाजीपुर से देवारा खास राजा संपर्क मार्ग पर पानी होने से लोग पैदल पानी से होकर आवागमन कर रहे हैं। रोजमर्रा के सामानों को लेने के लिए लोग पैदल ही पानी से होकर आवागमन कर रहे हैं। बड़े-बूढ़े बच्चों के लिए पानी से होकर आवागमन खतरा बना हुआ है। मजबूरी में उनको बंधे के इस पार बाजारों में आना पड़ता है। बीमार होने पर दवा लेने के लिए आठ किमी दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाजीपुर आना पड़ता है। डॉक्टर उपस्थित नहीं रहते हैं। मजबूर होकर लोगों को झोलाछाप डॉक्टर से दवा लेना पड़ता है। बाढ़ चौकियां संचालित हैं लेकिन इन बाढ़ चौकियों पर राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बिकास विभाग के कर्मचारी नहीं दिखते हैं। देवारा वासियों को इन बाढ़ चौकियों से कोई सहायता नहीं मिल पा रही है।
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विधायक ने किया गांगेपुर रिंगबांध का निरीक्षण
लाटघाट। सगड़ी विधायक वंदना सिंह ने बृहस्पतिवार की शाम महुला गढ़वाल बांध के उत्तर घाघरा नदी के हो रही कटान गागेपुर रिंग बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि विभाग की लापरवाही के चलते घाघरा काटते हुए रिंग बांध के पास पहुंच गई। बनाई गई परियोजना से जो ठोकर बनाया जा रहा था वह भी कट गया। पानी कम होने पर उसी पैसे में ठोकर का निर्माण कराया जाएगा। बेलहिया ढ़ाला पर 2020 की बाढ़ में जो पुल बह गया उसके लिए और कटान को लेकर हमने विधानसभा में सवाल लगाया है।
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बृहस्पतिवार को डिघिया गेज पर घाघरा नदी का जलस्तर 71.02 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को एक सेमी घटकर 71.01 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है। बदरहुआं गेज पर जलस्तर 71.71 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को चार सेमी घटकर 71.67 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। नदी अपने तटवर्ती क्षेत्रों के गांवों के पास कटान कर रही है। देवारा खास राजा के बगहवा का पुरा में घाघरा नदी कटान तेज हो गई है। यहां13 घर बह चुके हैं। लोग दूसरी जगह शरण लिए हुए हैं। बगहवा का पुरा में अब 57 घर बच गए हैं, जिनमें दो दर्जन घरों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। कटी हुई जमीन और घरों का तहसील प्रशासन ने सर्वे नहीं किया है और न रिपोर्ट भेजी है।
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झगरहवा का पुरा, साधु का पुरा, बासु का पूरा आदि गांव के पास घाघरा नदी आबादी की जमीन के साथ खेती योग्य जमीन को काट रही है। गांगेपुर रिंग बंधे के पास घाघरा नदी कटान का दबाव बनाए हुए हैं। कटान को रोकने के लिए शासन-प्रशासन लगा हुआ है। रास्तों के जलमग्न होने के कारण देवारावासियों का नावों से आवागमन करना पड़ रहा है। बेलहिया पुल पिछले साल की बाढ़ में बह गया था। इससे आधा दर्जन गांव के लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। खरैलिया से सोनौरा संपर्क मार्ग, मानिकपुर से अभ्भन पट्टी संपर्क मार्ग, हाजीपुर से देवारा खास राजा संपर्क मार्ग पर पानी होने से लोग पैदल पानी से होकर आवागमन कर रहे हैं। रोजमर्रा के सामानों को लेने के लिए लोग पैदल ही पानी से होकर आवागमन कर रहे हैं। बड़े-बूढ़े बच्चों के लिए पानी से होकर आवागमन खतरा बना हुआ है। मजबूरी में उनको बंधे के इस पार बाजारों में आना पड़ता है। बीमार होने पर दवा लेने के लिए आठ किमी दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाजीपुर आना पड़ता है। डॉक्टर उपस्थित नहीं रहते हैं। मजबूर होकर लोगों को झोलाछाप डॉक्टर से दवा लेना पड़ता है। बाढ़ चौकियां संचालित हैं लेकिन इन बाढ़ चौकियों पर राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बिकास विभाग के कर्मचारी नहीं दिखते हैं। देवारा वासियों को इन बाढ़ चौकियों से कोई सहायता नहीं मिल पा रही है।
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विधायक ने किया गांगेपुर रिंगबांध का निरीक्षण
लाटघाट। सगड़ी विधायक वंदना सिंह ने बृहस्पतिवार की शाम महुला गढ़वाल बांध के उत्तर घाघरा नदी के हो रही कटान गागेपुर रिंग बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि विभाग की लापरवाही के चलते घाघरा काटते हुए रिंग बांध के पास पहुंच गई। बनाई गई परियोजना से जो ठोकर बनाया जा रहा था वह भी कट गया। पानी कम होने पर उसी पैसे में ठोकर का निर्माण कराया जाएगा। बेलहिया ढ़ाला पर 2020 की बाढ़ में जो पुल बह गया उसके लिए और कटान को लेकर हमने विधानसभा में सवाल लगाया है।