स्थानीय बाजार से गुजरी शारदा सहायक खंड-32 की उपशाखा फरिहां माइनर में झाड़ियां उगी हैं। टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। जिससे किसान परेशान हैं और वह खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने माइनर की सफाई कराने की मांग की है।
उपशाखा फरिहां माइनर कूड़ा-करकट और खरपतवार से भरी है। जबकि इस माइनर की सफाई हर वर्ष मई से जून के महीने में करा दी जाती थी। लेकिन इस वर्ष अधिकारियों को दिखाने के लिए बड़ागांव पुलिया के दोनों तरफ सौ-सौ मीटर व असीलपुर पुलिया के समीप नहर की सफाई कर कोरम पूरा कर दिया गया है। खरपतवार से पटी इस माइनर से असीलपुर, फरिहा, बनगांव, परसहा, कोटिया, जहांगीरपुर, सरायभाऊ, मक्खनपट्टी, नंदपुर, बड़ागांव, गंधवई आदि गांव के किसानों की सैकड़ों बीघे की फसल की सिंचाई का एकमात्र साधन है। इस माइनर की कुल लंबाई लगभग 10 किमी के आसपास है। जब से विभागीय कर्मचारी ठेकेदारी के माध्यम से नहर की सफाई जेसीबी से करवाने लगे तब से इस माइनर की दशा दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। जिससे पानी तीन से चार किमी भी नहीं पहुंच पा रहा है। जेई शैलेंद्र यादव ने बताया कि माइनर की सफाई कराई गई थी। लेकिन गंधुवई गांव के समीप कुछ लोग व्यक्तिगत मछली पालन करने वाले तालाब का पानी नहर में बहाते हैं। इसी वजह से नहर की सफाई पूर्ण रूप से नहीं हो पाई है। किसानों की समस्या को देखते हुए जल्द से जल्द पानी हेड से टेल तक पहुंचाया जाएगा।