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दो दिनों में अस्पताल की व्यवस्था सुधारने की चेतावनी

Fri, 07 Jan 2022 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jan 2022 11:48 PM IST
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Warning to improve hospital system in two days
जिला अस्पताल में निजी कंबल ओढ़ कर सोया मरीज और खिड़की से शीशे गायब।-प्लान खबर की फोटो - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। जिले में पदभार ग्रहण करने के बाद नवागत जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने शुक्रवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रशासन को दो दिनों में व्यवस्था सुधारने का निर्देश देने के साथ ही बाहर से दवा लिखे जाने व ओपीडी में समय से डॉक्टरों के न बैठने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दिया।
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जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी बृहस्पतिवार की शाम जिले में पदभार ग्रहण करने के साथ ही कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की बात कही थी। इसी के क्रम में शुक्रवार को जिलाधिकारी जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल के ओपीडी, लैब, वार्ड का निरीक्षण किया और जहां कहीं भी कमियां मिली उसे दो दिनों के अंदर दुरूस्त करने का निर्देश दिया। इस दौरान डॉक्टरों के समय से ओपीडी में नहीं बैठने की शिकायत हुई। जिस पर उन्होंने कहा कि ऐसे मात्र एक प्रतिशत डॉक्टर होते है जो लापरवाही करते है। वर्तमान में कोरोना काल चल रहा है। ऐसे में इन एक प्रतिशत की श्रेणी में आने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई तो नहीं की जाएगी लेकिन व्यवस्था में सुधार का एसआईसी को निर्देश दिया गया है। कुछ लोगों ने जिलाधिकारी से बाहर की दवा लिखे जाने की शिकायत भी किया। जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में आने वाले किसी भी मरीज को बाहर की दवा न लिखी जाए। जो दवा उपलब्ध न हो उसे अस्पताल प्रशासन मंगा कर मरीजों को नि:शुल्क उपलब्ध कराए।
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चिह्नित मेडिकल हाल से दवा लेने का बनाते है दबाव
आजमगढ़। जिला अस्पताल के ज्यादातर डॉक्टर बाहर की दवा लिखते है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इन डॉक्टरों का चिह्नित मेडिकल हाल भी है, जहां से ही दवा लेने की बात मरीजों से कही जाती है। इतना ही नहीं डॉक्टर की ओपीडी पर ही मौजूद मेडिकल हालों के दलाल मरीजों को वहां से साथ ले भी जाते है। कमरा नंबर आठ पर एक मरीज मिला, जिसने बताया कि डॉक्टर ने उसे पहले बाहर की दवा लिखी और अपने चिन्हित मेडिकल हाल से दवा भी लेने को कहा। उसने जब पैसा न होने की बात कही तो डॉक्टर ने पर्ची पर बाहर की दवा काट दिया और फिर अंदर की दवा लिखा।
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