अवैध टिकट के काले कारोबार में लिप्त वांछित ने कोर्ट में किया सरेंडर, आरपीएफ को कई दिनों से थी तलाश
छत्तीसगढ़ के गुंडरदेही रेलवे स्टेशन के पीआरएस सिस्टम से निकला तत्काल टिकट आजमगढ़ में प्रिंट करने के मामले में फरार चल रहा एक वांछित टिकट दलाल ने 27 नवंबर को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। आरपीएफ मुख्य आरोपी की तलाश में लगी हुई थी। आरोपी जौनपुर जनपद का बताया जा रहा है।
आरपीएफ थाना प्रभारी रमेश चंद मीना ने बताया कि आजमगढ़ आदर्श रेलवे स्टेशन पर 12 नवंबर को चेकिंग के दौरान दो यात्रियों के पास से रेलवे आरक्षण काउंटर टिकट की डुप्लीकेट कॉपी पाई गई। जांच हुई तो पता चला कि टिकट के स्टॉक नंबर एवं काउंटर कोड में छेड़छाड़ एवं बदलाव किया गया है। दोनों यात्रियों से पूछताछ में पता चला कि मुबारकपुर के रहने वाले आदर्श कुमार यादव की दुकान से डुप्लीकेट टिकट लिया गया है।
बताए गए पते पर आरपीएफ की टीम ने छापा मारा। पकड़े गए आरोपी ने आदमपुर निवासी उदयभान चौहान का नाम बताया। उदयभान ने बताया कि एक विकास कुमार नाम का व्यक्ति है, जिससे सिर्फ मोबाइल के माध्यम से ही संपर्क है। उससे टिकट का लेनदेन बताए गए बैंक खाते से ही किया जाता है।
इसके बाद आरोपी विकास की तलाश शुरू हुई। मुखबिर की सूचना पर आरपीएफ ने अपनी टीम के साथ टीडी कॉलेज एरिया जौनपुर में दबिश देकर फरार चल रहे आरोपी विकास कुमार नाविक निवासी होनई थाना बक्सा जनपद जौनपुर को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में बताया कि उदयभान चौहान को उसने ही तत्काल टिकट उपलब्ध कराया था।
उसने बताया कि जौनपुर का ही रहने वाला विनोद नाम का व्यक्ति उसे टिकट उपलब्ध कराता था। आरपीएफ थाना प्रभारी रमेश चंद मीना ने बताया कि वांछित चल रहा आरोपी विनोद 27 नवंबर को कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। हालांकि इस मामले में मुख्य आरोपी कौन है इसकी जांच चल रही है।