{"_id":"5f415a698ebc3e41103b95d0","slug":"vighnaharta-ganesh-worshiped-on-ganesh-chaturthi-azamgarh-news-vns5428734179","type":"story","status":"publish","title_hn":"गणेश चतुर्थी पर पूजे गए विघ्नहर्ता गणेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गणेश चतुर्थी पर पूजे गए विघ्नहर्ता गणेश
विज्ञापन
आजमगढ़। गणेश चतुर्थी के अवसर पर नगर के लाल डिग्गी स्थित बड़ा गणेश मंदिर में दर्शन पूजन के लिए शनिवार की सुबह से श्रद्घालुओं का तांता लगा था। कोरोना को देखते हुए इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ पहले की अपेक्षा कम रही। जो भी श्रद्धालु मंदिर पहुंचे उन्होंने नियमों का पालन करते हुए विघ्नहर्ता की पूजा अच्रना की।
जनपद में गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्घा और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया। बहुत से लोगों ने इस दौरान घरों में ही पूजा अर्चना की। हर बार नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर भगवान गणेश के प्रतिमाओं की स्थापना होती थी। पंडाल सजाए जाते थे। श्रद्घालुओं द्वारा यहां पहुंच कर पूजा अर्चना की जाती थी। लेकिन इस बार नगर क्षेत्र में कहीं भी मूर्ति की स्थापना नहीं की गई। लेकिन नगर के लालडिग्गी स्थित बड़ा गणेश मंदिर में सुबह से ही दर्शन पूजन के लिए श्रद्घालुओं का तांता लगा हुआ था। पूरे मंदिर को आकर्षक ढ़ंग से सजाया गया था।
फाइन आर्ट सेंटर की ओर से मंदिर परिसर में आकर्षक रंगोली बनाई गई थी। जो भी यहां पहुंचता रंगोली को एक नजर जरूर देखता था। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने वालों के लिए मास्क अनिवार्य किया गया था। बाहर ही लोगों के हाथ को सैनिटाइज कराने और मास्क लगाने के बाद ही अंदर प्रवेश दिया जा रहा था। साथ ही लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का भी निर्देश दिया जा रहा था। वहीं नगर के पुरानी कोतवाली स्थित शिव मंदिर परिसर में भगवान गणेश की एक छोटी प्रतिमा को रखा गया था। यहां पर भी सुबह से ही दर्शन पूजन के लिए श्रद्घालू पहुंच रहे थे। शाम के समय मंदिरों में भगवान गणेश की आरती उतारी गई और श्रद्घालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया। दर्शन के बाद लोगों ने मंदिर के बाहर बैठे भिखारियों में यथा संभव दान भी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनपद में गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्घा और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया। बहुत से लोगों ने इस दौरान घरों में ही पूजा अर्चना की। हर बार नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर भगवान गणेश के प्रतिमाओं की स्थापना होती थी। पंडाल सजाए जाते थे। श्रद्घालुओं द्वारा यहां पहुंच कर पूजा अर्चना की जाती थी। लेकिन इस बार नगर क्षेत्र में कहीं भी मूर्ति की स्थापना नहीं की गई। लेकिन नगर के लालडिग्गी स्थित बड़ा गणेश मंदिर में सुबह से ही दर्शन पूजन के लिए श्रद्घालुओं का तांता लगा हुआ था। पूरे मंदिर को आकर्षक ढ़ंग से सजाया गया था।
विज्ञापन
फाइन आर्ट सेंटर की ओर से मंदिर परिसर में आकर्षक रंगोली बनाई गई थी। जो भी यहां पहुंचता रंगोली को एक नजर जरूर देखता था। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने वालों के लिए मास्क अनिवार्य किया गया था। बाहर ही लोगों के हाथ को सैनिटाइज कराने और मास्क लगाने के बाद ही अंदर प्रवेश दिया जा रहा था। साथ ही लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का भी निर्देश दिया जा रहा था। वहीं नगर के पुरानी कोतवाली स्थित शिव मंदिर परिसर में भगवान गणेश की एक छोटी प्रतिमा को रखा गया था। यहां पर भी सुबह से ही दर्शन पूजन के लिए श्रद्घालू पहुंच रहे थे। शाम के समय मंदिरों में भगवान गणेश की आरती उतारी गई और श्रद्घालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया। दर्शन के बाद लोगों ने मंदिर के बाहर बैठे भिखारियों में यथा संभव दान भी किया।
विज्ञापन