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विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों का हो रहा सत्यापन
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आजमगढ़। बेसिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को अब स्वेटर और ड्रेस देने की जगह इसकी राशि उनके अभिभावकों के खातों में भेजी जाएगी। वर्तमान शिक्षा सत्र से यह व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके लिए एक प्रोफार्मा पर बच्चों और अभिभावकों का पूरा विवरण भरा जा रहा है। ताकि उनके खाते में धनराशि भेजी जा सके जिससे कि वह ड्रेस की खरीदारी कर सके ।
जिले में 2705 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। जिसमें प्राथमिक 1737, उच्च प्राथमिक विद्यालय 484 व 481 कंपोजिट विद्यालय शामिल है। उक्त विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को निशुल्क दो सेट यूनिफार्म समय से मिल सकेगा। ड्रेस वितरण योजना को पारदर्शी बनाने के लिए शासन की तरफ से नई व्यवस्था शुरू की गई है। अब बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में दो सेट यूनिफार्म की धनराशि 600 रुपया सीधे भेजने का फैसला लिया है। अभिभावकों की जिम्मेदारी होगी कि वह उस धनराशि से अपने बच्चों की समय से ड्रेस बनवाएंगे। इसके लिए विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के अभिभावकों की खाता संख्या के साथ सूची तैयार की जा रही है। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए प्रेरणा पोर्टल पर उपलब्ध विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों का सत्यापन किया जा रहा है। विद्यालयों को 15 जुलाई तक विद्यार्थियों के अभिभावकों का डाटा अपलोड किया जाना है। इससे लगभग चार लाख बच्चों को फायदा मिलेगा।
छात्र-छात्राओं की यूनिफार्म की धनराशि अभिभावकों के खाते में जाने से वे अपनी पसंद से बच्चों की ड्रेस खरीद सकेंगे। इससे नाप या क्वालिटी को लेकर शिकायत भी नहीं रहेगी। इसके लिए अभिभावकों की खाता संख्या के साथ सूची तैयार कराई जा रही है।
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अम्बरीष कुमार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आजमगढ़।
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जिले में 2705 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। जिसमें प्राथमिक 1737, उच्च प्राथमिक विद्यालय 484 व 481 कंपोजिट विद्यालय शामिल है। उक्त विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को निशुल्क दो सेट यूनिफार्म समय से मिल सकेगा। ड्रेस वितरण योजना को पारदर्शी बनाने के लिए शासन की तरफ से नई व्यवस्था शुरू की गई है। अब बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में दो सेट यूनिफार्म की धनराशि 600 रुपया सीधे भेजने का फैसला लिया है। अभिभावकों की जिम्मेदारी होगी कि वह उस धनराशि से अपने बच्चों की समय से ड्रेस बनवाएंगे। इसके लिए विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के अभिभावकों की खाता संख्या के साथ सूची तैयार की जा रही है। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए प्रेरणा पोर्टल पर उपलब्ध विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों का सत्यापन किया जा रहा है। विद्यालयों को 15 जुलाई तक विद्यार्थियों के अभिभावकों का डाटा अपलोड किया जाना है। इससे लगभग चार लाख बच्चों को फायदा मिलेगा।
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छात्र-छात्राओं की यूनिफार्म की धनराशि अभिभावकों के खाते में जाने से वे अपनी पसंद से बच्चों की ड्रेस खरीद सकेंगे। इससे नाप या क्वालिटी को लेकर शिकायत भी नहीं रहेगी। इसके लिए अभिभावकों की खाता संख्या के साथ सूची तैयार कराई जा रही है।
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अम्बरीष कुमार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आजमगढ़।