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सुबह से शाम तक कतार में लगने पर ही मिल रही यूरिया
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रानी की सराय। किसानों ने तो गेंहू की बुवाई तो कर दी। लेकिन सिंचाई के बाद जब यूरिया खेतों में डालने का समय आया तो अब उन्हें तरह-तरह की मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड निजामाबाद किसान पूरे दिन यूरिया के लिए कतार में भूखे-प्यासे खड़े रहते हैं। वहीं दूसरी तरह सहकारी समिति लिमिटेड निजामाबाद द्वारा किसानों से कोविड नियमों का पालन कराने की कोई व्यवस्था भी नहीं की गई है।
किसान मन्नू ने बताया की फरिहां बाजार में जब यूरिया के लिए गए तो दूकानदार ने एक बोरी यूरिया के पीछे शर्त रखा कि एक बोरी यूरिया लेने पर तीन पैकेट जिंक लेना होगा, नही तो यूरिया नहीं मिलेगी। एक बोरी यूरिया की कीमत 300 रूपये और तीन पैकेट जिंक की 180 रुपये की आती है। यानि हमें एक बोरी यूरियार 480 रूपये की पड़ रही है। कुछ किसानों ने बताया कि यूरिया के साथ हम लोग जो जिंक खेतो में डालते हैं, खेतो की गुणवत्ता को देखते हुए डालते हैं। बाजारों में दुकानदारों की मनमानी से हम पहले ही परेशान थे। अब समिति पर पूरा दिन यूरिया के लिए खड़ रहना पड़ रहा है। किसानों ने डीएम का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए समिति पर यूरिया वितरण के बेहतर प्रबंध किए जाने की मांग की है।
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किसान मन्नू ने बताया की फरिहां बाजार में जब यूरिया के लिए गए तो दूकानदार ने एक बोरी यूरिया के पीछे शर्त रखा कि एक बोरी यूरिया लेने पर तीन पैकेट जिंक लेना होगा, नही तो यूरिया नहीं मिलेगी। एक बोरी यूरिया की कीमत 300 रूपये और तीन पैकेट जिंक की 180 रुपये की आती है। यानि हमें एक बोरी यूरियार 480 रूपये की पड़ रही है। कुछ किसानों ने बताया कि यूरिया के साथ हम लोग जो जिंक खेतो में डालते हैं, खेतो की गुणवत्ता को देखते हुए डालते हैं। बाजारों में दुकानदारों की मनमानी से हम पहले ही परेशान थे। अब समिति पर पूरा दिन यूरिया के लिए खड़ रहना पड़ रहा है। किसानों ने डीएम का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए समिति पर यूरिया वितरण के बेहतर प्रबंध किए जाने की मांग की है।
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