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उर्दू को बचाने की जिम्मेदारी सबकी
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sat, 02 May 2015 11:59 PM IST
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अल्लामा इकबाल एजूकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी मुबारकपुर के तत्वावधान में शुक्रवार की रात नगरपालिका मुबारकपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिब्ली नेशनल पीजी कालेज के उर्दू विभागाध्यक्ष शबाबुद्दीन ने कहा कि केवल सरकार द्वारा उर्दू भाषा को दूसरी भाषा स्वीकार करने से ही उर्दू की तरक्की नहीं हो सकती बल्कि सरकार द्वारा दी गई इस सौगात को बचाए रखने की पूरी जिम्मेदारी हम सभी की है। इसे जिंदा रखने के लिए जागरूकता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि हमें अपने परिवार, समाज तथा प्रदेश में उर्दू भाषा पढ़ने, बोलने, लिखने और सरकारी कार्यालयों में प्रचलित करना होगा, तभी इसका लाभ मिलेगा। समाजसेवी अम्मार अदीबी ने प्रदेश सरकार को बधाई दी। पालिकाध्यक्ष डा. शमीम अहमद ने कहा कि उर्दू सभी भाषाओं से मीठी है। कारी शफीक अहमद, मौलाना इनामुर्रहमान, महमूद आलम, आमिर फहीम, मास्टर तनवरी अहमद, नेहाल हासिम, अंसार अहमद, मौलाना रहमतुल्ला ने प्रदेश सरकार को उर्दू को दूसरी भाषा घोषित करने पर बधाई दी।
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उन्होंने कहा कि हमें अपने परिवार, समाज तथा प्रदेश में उर्दू भाषा पढ़ने, बोलने, लिखने और सरकारी कार्यालयों में प्रचलित करना होगा, तभी इसका लाभ मिलेगा। समाजसेवी अम्मार अदीबी ने प्रदेश सरकार को बधाई दी। पालिकाध्यक्ष डा. शमीम अहमद ने कहा कि उर्दू सभी भाषाओं से मीठी है। कारी शफीक अहमद, मौलाना इनामुर्रहमान, महमूद आलम, आमिर फहीम, मास्टर तनवरी अहमद, नेहाल हासिम, अंसार अहमद, मौलाना रहमतुल्ला ने प्रदेश सरकार को उर्दू को दूसरी भाषा घोषित करने पर बधाई दी।
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