प्रसूता की मौत पर बवाल: अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन, ऑपरेशन के बाद दोनों किडनी फेल होने का आरोप; FIR
Azamgarh News: जिले में प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि ऑपरेशन के बाद दोनों किडनी फेल होने से मौत हुई। कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजनों के बीच एडिशनल सीएमओ ने अस्पताल सील कर दिया। डॉक्टर और दो स्टाफ नर्स के खिलाफ एफआईआर की संस्तुति की गई।
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UP News: आजमगढ़ थाना क्षेत्र के पूना पोखरा स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद गंभीर हुई प्रसूता की उपचार के दौरान मौत हो जाने पर शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित परिजन शव लेकर पवईलाडपुर स्थित एक मकान में संचालित अस्पताल पहुंचे और शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
परिजनों ने चिकित्सक पर गलत ऑपरेशन और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। मामला बढ़ने पर पहुंचे एडिशनल सीएमओ डॉ. आलेंद्र कुमार ने अस्पताल का निरीक्षण किया और अनियमितताएं मिलने पर उसे सील करा दिया। साथ ही संबंधित चिकित्सक व दो स्टाफ नर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी।
सरायमीर थाना क्षेत्र के पूना पोखरा निवासी सुनील ठठेरा ने बताया कि उनकी बहन मनीषा (28) को प्रसव पीड़ा होने पर 12 फरवरी को पूना पोखरा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि चिकित्सक ने परिजनों की सहमति के बिना तत्काल ऑपरेशन कर दिया, जिससे एक बेटी का जन्म हुआ।
ऑपरेशन के बाद महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई। बाद में उसे दूसरे अस्पताल भेजा गया, जहां जांच में दोनों किडनी खराब होने की जानकारी मिली। इसके बाद वह लंबे समय तक डायलिसिस पर रही और शुक्रवार सुबह करीब 9.30 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
सुनील का आरोप है कि गलत ऑपरेशन और इलाज में लापरवाही के कारण उसकी बहन की दोनों किडनी खराब हो गईं। उन्होंने बताया कि इलाज पर अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और उनके पास दो लाख 88 हजार रुपये के उपचार संबंधी बिल भी मौजूद हैं।
महिला की मौत के बाद परिजन शव लेकर पवईलाडपुर स्थित अस्पताल पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी भुवनेश चौबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। परिजनों का कहना था कि जब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
घटना की सूचना पर एडिशनल सीएमओ डॉ. आलेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई अनियमितताएं मिलीं। मौके पर कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था और केवल दो स्टाफ नर्स मिलीं, जो अस्पताल से संबंधित आवश्यक अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं कर सकीं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सील कर दिया।
एडिशनल सीएमओ ने चिकित्सक डॉ. अंगद पाल, स्टाफ नर्स रेनू विश्वकर्मा और सहयोगी रोशनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई किए जाने के लिए सरायमीर थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। देर शाम करीब चार बजे तक परिजन अस्पताल के बाहर डटे रहे। तत्काल चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग करते रहे।