आजमगढ़: भाजपा से छह साल के लिए निष्कासित किए गए एमएलसी यशवंत सिंह, जानें क्यों हुई कार्रवाई?
आजगमढ़ में भाजपा ने एमएलसी यशवंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन्होंने अपने बेटे को एमएलसी चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी बनाया है।
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यूपी के आजमगढ़ जिले में एमएलसी चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा एमएलसी यशवंत सिंह द्वारा पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ अपने पुत्र को मैदान में उतारा गया था जिसे लेकर काफी दिनों से उनके ऊपर कार्रवाई होने के कयास लगाए जा रहे थे। सोमवार को इन अफवाहों पर विराम लग गया और पार्टी ने भाजपा एमएलसी यशवंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
विधानसभा चुनाव के बाद पूर्वांचल में भाजपा की ओर से यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। आजमगढ़- मऊ स्थानीय निकाय प्राधिकारी क्षेत्र से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी फूलपुर-पवई के पूर्व विधायक अरुण कुमार यादव हैं। उनके विरोध में सपा ने निवर्तमान एमएलसी राकेश कुमार यादव को मैदान में उतारा है।
काफी दिनों से था कार्रवाई का अंदेशा
वहीं भाजपा एमएलसी यशवंत सिंह के पुत्र विक्रांत सिंह रिशु ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। पहले लग रहा था कि विक्रांत पर्चा वापस ले लेंगे, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। मामले में यशवंत सिंह के ऊपर काफी दिनों से कार्रवाई का अंदेशा लगाया जा रहा था।
9 अप्रैल को एमएलसी चुनाव
सोमवार को पार्टी ने आखिरकार यशवंत सिंह पर कार्रवाई करते हुए उन्हें छह साल के पार्टी से निष्कासित कर दिया। इस संबंध में प्रदेश महामंत्री और मुख्यालय प्रभारी गोविंद नारायण शुक्ल ने पत्र जारी किया है। जिसमें उनको छह साल के पार्टी से निष्कासित किए जाने की बात कही है।
आजमगढ़ भाजपा एमलएसी पद के प्रत्याशी अरुणकांत यादव सपा विधायक रमाकांत यादव के बेटे हैं। 9 अप्रैल को यूपी विधान परिषद की 36 सीटों के लिए मतदान होना है। हालांकि इसमें से भाजपा कई सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल कर ली है।