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महोत्सव में दिखगी ठेठ गवईं लोक संस्कृति, खाने को मिलेगा रिकवछ
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आजमगढ़। दिसंबर में होने वाले आजमगढ़ महोत्सव में जहां लोक नृत्य और गीतों की बयार बहेगी, वहीं महोत्सव में ठेठ गवईं संस्कृति का भी नजारा देखने को मिलेगा। आयोजन स्थल पर मड़ई देखने को भी मिलेगी तो खाने में रिकवछ और फरा जैसी देसी लजीज व्यंजन भी मिलेंगे। पहले हर तहसील पर विभिन्न लोकगीत और नृत्य आधारित थीम पर दो दिवसीय आयोजन होंगे। उसके बाद जिला मुख्यालय पर सतरंगी छंटा बिखरेगी।
जनपद की लोक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आयोजित होने वाले आजमगढ़ महोत्सव चार वर्ष बाद फिर होने वाला है। प्रशासन, स्वयंसेवी संगठनों और गणमान्य व्यक्तियों के सहयोग से होने वाले कार्यक्रम का ताना बाना बुन लिया गया है। कार्यक्रम का क्रिएटिव डायरेक्टर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित रंगकर्मी अभिषेक पंडित को बनाया गया है। इस समय तैयारियां जोर शोर से चल रही है। पहले तहसीलों में और इसके बाद शहर के आईटीआई मैदान में होने वाले आजमगढ़ महोत्सव में एमएसएमई का शिल्प मेला, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं का स्टाल, एक जनपद एक उत्पाद का स्टाल और सरकारी विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के स्टाल लगाए जाएंगे। खेल, विधा, कवि सम्मेलन, मुशायरा, सांस्कृतिक प्रतियोगिता, चित्रकला, युवा संवाद कार्यक्रम, वाद-विवाद प्रतियोगिता आदि कार्यक्रम होंगे। इसमें जनपद की लोक संस्कृति का अनुभव होगा। प्रत्येक तहसीलों के अलग-अलग लोकगीत और नृत्य की थीम दी गई है। सदर तहसील में फाग, सगड़ी चैता, लालगंज में धोबिया, मेंहनगर में बिरहा तो मार्टीनगंज में पवारिया नृत्य थीम होगी। इसी तरीके से अन्य तहसीलों को भी थीम मिली है। तहसीलों के विजेता जनपदीय महोत्सव में भाग लेंगे।
आ सकते हैं शंकर या अदनान
जनपदीय महोत्सव में किसी बड़े कलाकार की नाइट कराने की भी योजना बनाई गई है। हालांकि की इस बारे में कोई खुल कर नहीं कह रहा है, लेकिन सूत्रों की माने तो कार्यक्रम में प्रख्यात गायक एवं म्यूजिक डायरेक्टर शंकर महादेवन या अदनान सामी के आने की बात कही जा रही है।
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विदेशी बैंड भी बढ़ाएंगे शोभा
जनपदीय महोत्सव में विदेशी बैंड भी शामिल हो सकते हैं। इसके लिए नीदरलैंड के बैंड से बात हो रहा है। सूत्रों की मानें तो ये बैंड भोजपुरी आधारित है। इसके साथ ही पद्मश्री अनूप रंजन का आदिवासी आधारित बस्तर बैंड भी शामिल होगा। कवि सम्मेलन और मुशायरे में दिग्गज कवि भी जुटेंगे।
बड़े स्तर पर आयोजन की योजना
आजमगढ़ महोत्सव कराने की शुरुआत पूर्व जिलाधिकारी मुकेश मेश्राम ने की थी। उस समय भी इसका आयोजन सिर्फ जिला मुख्यालय पर हुआ था। इसके बाद कुछ अन्य जिलाधिकारी की ओर से भी इसका आयोजन कराया गया लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया। वर्तमान जिलाधिकारी ने इसे और बढ़ी सोच के साथ जिले में आयोजित करने की रणनीति बनाई है। इस बार पहले सभी तहसीलों में महोत्सव का आयोजन होगा। ये सभी आयोजन दो दिवसीय होंगे। इसके बाद तीन दिवसीय आयोजन शहर के आईटीआई मैदान में किया जाएगा।
सात दिसंबर से होगी शुरुआत
जिला प्रशासन की ओर से आजमगढ़ महोत्सव को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। पहले तहसीलों से इसकी शुरुआत होगी। सबसे पहले आयोजन निजामाबाद और मेंहनगर तहसील में होगा। संभावना जताई जा रही है कि सात दिसंबर से दो दिवसीय आयोजन होगा। 9-10 में लालगंज और बूढ़नपुर, 11-12 सगड़ी और मार्टीनगंज, 13 से 14 दिसंबर को सदर और फूलपुर में आयोजन होगा। इसके लिए एसडीएम व्यवस्था सीमिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं। तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद शहर के आईटीआई मैदान में जनपदीय महोत्सव 16 से 18 दिसंबर तक होगा।
महोत्सव के संचालन के लिए जनपद में बनी 11 समितियां
आजमगढ़। जनपदीय आजमगढ़ महोत्सव के संचालन के लिए जिलाधिकारी एनपी सिंह की ओर से 11 समितियों का गठन किया गया है। इसमें अवस्था सुविधाओं के दो समिति पंडाल और लोक सज्जा समिति, मंच व्यवस्था समिति के अध्यक्ष सीडीओ बनाए गए हैं। वित्त व्यवस्था समिति, अवस्थान एवं परिवहन व्यवस्था समिति, स्वागत समिति के अध्यक्ष एडीएम एफआर बनाए गए हैं।
सीआरओ की अध्यक्षता में आमंत्रण, विद्यालयी कार्यक्रम एवं पुरस्कार तथा प्रचार-प्रसार एवं स्मारिका प्रकाशन समिति बनाई गई है। एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में नागरिक सुरक्षा एवं यातायात, स्वास्थ्य एवं सफाई तथा आजमगढ़ महोत्सव प्रकोष्ठ बनाया गया है। सीडीओ ओवरआल इंचार्ज होंगे। सबी समितियों में सहयोग के लिए चार से सात अधिकारियों और को रखा गया है। डीएम ने गठित समितियों के अध्यक्ष एवं व्यवस्थाधिकारियों को महोत्सव के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। किसी समिति को अतिरिक्त सहायता के रूप में सहयोगियों की आवश्यकता होगी तो डीएण से अनुमोदन लेगा। तहसील में महोत्सव के आयोजन के लिए व्यवस्था समिति के अध्यक्ष और सदस्य उपयुक्त स्थल का चयन करेंगे। जनपद के समान तहसील स्तरीय समितियों का गठन करेंगे। इसकी सूचना 10 नवंबर तक डीएम को देंगे।
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जनपद की लोक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आयोजित होने वाले आजमगढ़ महोत्सव चार वर्ष बाद फिर होने वाला है। प्रशासन, स्वयंसेवी संगठनों और गणमान्य व्यक्तियों के सहयोग से होने वाले कार्यक्रम का ताना बाना बुन लिया गया है। कार्यक्रम का क्रिएटिव डायरेक्टर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित रंगकर्मी अभिषेक पंडित को बनाया गया है। इस समय तैयारियां जोर शोर से चल रही है। पहले तहसीलों में और इसके बाद शहर के आईटीआई मैदान में होने वाले आजमगढ़ महोत्सव में एमएसएमई का शिल्प मेला, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं का स्टाल, एक जनपद एक उत्पाद का स्टाल और सरकारी विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के स्टाल लगाए जाएंगे। खेल, विधा, कवि सम्मेलन, मुशायरा, सांस्कृतिक प्रतियोगिता, चित्रकला, युवा संवाद कार्यक्रम, वाद-विवाद प्रतियोगिता आदि कार्यक्रम होंगे। इसमें जनपद की लोक संस्कृति का अनुभव होगा। प्रत्येक तहसीलों के अलग-अलग लोकगीत और नृत्य की थीम दी गई है। सदर तहसील में फाग, सगड़ी चैता, लालगंज में धोबिया, मेंहनगर में बिरहा तो मार्टीनगंज में पवारिया नृत्य थीम होगी। इसी तरीके से अन्य तहसीलों को भी थीम मिली है। तहसीलों के विजेता जनपदीय महोत्सव में भाग लेंगे।
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आ सकते हैं शंकर या अदनान
जनपदीय महोत्सव में किसी बड़े कलाकार की नाइट कराने की भी योजना बनाई गई है। हालांकि की इस बारे में कोई खुल कर नहीं कह रहा है, लेकिन सूत्रों की माने तो कार्यक्रम में प्रख्यात गायक एवं म्यूजिक डायरेक्टर शंकर महादेवन या अदनान सामी के आने की बात कही जा रही है।
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विदेशी बैंड भी बढ़ाएंगे शोभा
जनपदीय महोत्सव में विदेशी बैंड भी शामिल हो सकते हैं। इसके लिए नीदरलैंड के बैंड से बात हो रहा है। सूत्रों की मानें तो ये बैंड भोजपुरी आधारित है। इसके साथ ही पद्मश्री अनूप रंजन का आदिवासी आधारित बस्तर बैंड भी शामिल होगा। कवि सम्मेलन और मुशायरे में दिग्गज कवि भी जुटेंगे।
बड़े स्तर पर आयोजन की योजना
आजमगढ़ महोत्सव कराने की शुरुआत पूर्व जिलाधिकारी मुकेश मेश्राम ने की थी। उस समय भी इसका आयोजन सिर्फ जिला मुख्यालय पर हुआ था। इसके बाद कुछ अन्य जिलाधिकारी की ओर से भी इसका आयोजन कराया गया लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया। वर्तमान जिलाधिकारी ने इसे और बढ़ी सोच के साथ जिले में आयोजित करने की रणनीति बनाई है। इस बार पहले सभी तहसीलों में महोत्सव का आयोजन होगा। ये सभी आयोजन दो दिवसीय होंगे। इसके बाद तीन दिवसीय आयोजन शहर के आईटीआई मैदान में किया जाएगा।
सात दिसंबर से होगी शुरुआत
जिला प्रशासन की ओर से आजमगढ़ महोत्सव को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। पहले तहसीलों से इसकी शुरुआत होगी। सबसे पहले आयोजन निजामाबाद और मेंहनगर तहसील में होगा। संभावना जताई जा रही है कि सात दिसंबर से दो दिवसीय आयोजन होगा। 9-10 में लालगंज और बूढ़नपुर, 11-12 सगड़ी और मार्टीनगंज, 13 से 14 दिसंबर को सदर और फूलपुर में आयोजन होगा। इसके लिए एसडीएम व्यवस्था सीमिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं। तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद शहर के आईटीआई मैदान में जनपदीय महोत्सव 16 से 18 दिसंबर तक होगा।
महोत्सव के संचालन के लिए जनपद में बनी 11 समितियां
आजमगढ़। जनपदीय आजमगढ़ महोत्सव के संचालन के लिए जिलाधिकारी एनपी सिंह की ओर से 11 समितियों का गठन किया गया है। इसमें अवस्था सुविधाओं के दो समिति पंडाल और लोक सज्जा समिति, मंच व्यवस्था समिति के अध्यक्ष सीडीओ बनाए गए हैं। वित्त व्यवस्था समिति, अवस्थान एवं परिवहन व्यवस्था समिति, स्वागत समिति के अध्यक्ष एडीएम एफआर बनाए गए हैं।
सीआरओ की अध्यक्षता में आमंत्रण, विद्यालयी कार्यक्रम एवं पुरस्कार तथा प्रचार-प्रसार एवं स्मारिका प्रकाशन समिति बनाई गई है। एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में नागरिक सुरक्षा एवं यातायात, स्वास्थ्य एवं सफाई तथा आजमगढ़ महोत्सव प्रकोष्ठ बनाया गया है। सीडीओ ओवरआल इंचार्ज होंगे। सबी समितियों में सहयोग के लिए चार से सात अधिकारियों और को रखा गया है। डीएम ने गठित समितियों के अध्यक्ष एवं व्यवस्थाधिकारियों को महोत्सव के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। किसी समिति को अतिरिक्त सहायता के रूप में सहयोगियों की आवश्यकता होगी तो डीएण से अनुमोदन लेगा। तहसील में महोत्सव के आयोजन के लिए व्यवस्था समिति के अध्यक्ष और सदस्य उपयुक्त स्थल का चयन करेंगे। जनपद के समान तहसील स्तरीय समितियों का गठन करेंगे। इसकी सूचना 10 नवंबर तक डीएम को देंगे।