आजमगढ़। हमारा देश बहुत खूबसूरत है, वैसी ही है यहां की डेमोक्रेसी। चाहे आसमान की ऊंचाई पर रहने वाला हो या जमीन पर भीख मांगने वाला, सबको एक तरह का हक है। लेकिन वर्ष 2014 के बाद इस मुल्क की डेमोक्रेसी बर्बाद की जा रही है। ईडी, इलेक्शन कमीशन, पुलिस, इनकम टैक्स विभाग सभी सरकार की कठपुतली बने हैं। कहीं से इंसाफ की उम्मीद नहीं है। दो लोग ऐसी कुर्सियों पर बैठे हैं जिन्होंने सबकुछ हाईजैक कर लिया है। ये कहना है कि महाराष्ट्र के सपा प्रमुख एवं विधायक अबू आसिम आजमी का। वो सरायमीर में एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने आए थे।
अबू आसिम आजमी ने कहा कि पहले लोगों को कोर्ट पर विश्वास था। उम्मीद थी कि देश का कानून मुझे इंसाफ दिलाएगा। ये उम्मीद भी खत्म हो गई है। बिहार के इलेक्शन में जिस तरह से धांधली की गई है, वह आने वाले समय में मुल्क के लिए बहुत बड़ा खतरा है। सभी पार्टियां जो देश के संविधान को मानती हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर, मौलाना अबुल कलाम आजाद में विश्वास रखती हैं। उन्हें देश के बारे में सोचना होगा। उनका एक एमएलए चुनकर आए चलेगा, लेकिन देश का झंडा ऊंचा रहना चाहिए। नहीं तो आने वाला दिन बहुत ही अंधकारमय है। देश की इकॉनमी बर्बाद हो रही है। ला एंड आर्डर खत्म हो चुका है। इस देश में हमें बोलने का पूरा अधिकार है, लेकिन कानून के दायरे में रहकर कोई नरेंद्र मोदी या अमित शाह के खिलाफ बोलेगा तो उसे आतंकवाद, देशद्रोह समझा जा रहा है। वहीं, अगर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के खिलाफ फ्रांस में कोई बोलेगा तो यहां के प्रधानमंत्री कहते हैं कि लोगों को बोलने का पूरा अधिकारी है। हम सब एक होकर के इस देश की गंगा जमुनी तहजीब को बचाना होगा। मुस्लिम-हिंदू एकता को बचाना होगा, ताकि ये देश फिर सोने की चिड़िया बन जाए।