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दो किमी बंधे पर भवन बना जमाया लोगों ने कब्जा

Thu, 18 Jan 2018 12:36 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़ Updated Thu, 18 Jan 2018 12:36 AM IST
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Two km scored a building tied people occupied
शहर के कालीचौरा स्थित शहर सुरक्षा बंधे पर हुआ अवैध निर्माण। - फोटो : अमर उजाला
बाढ़खंड किस पर अपनी कार्यशैली को अंजाम देता है इसका अंदाजा शहर की सुरक्षा के लिए बने शहर सुरक्षा बांध और एडवांस बांध की हालत को देखकर लगाया जा सकता है। विभाग नोटिस जारी करने तक सिमटा रहा और लोग बंधे पर अपना आशियाना बनाने में जुटे रहे।
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जिसका परिणाम है कि नगर के एलवल से लेकर राजा जी किला तक बंधे का नक्शा ही बदल चुका है। बंधे के स्थान पर आलीशान बिल्डिंगें बन चुकी हैं। लेकिन शासन के निर्देश पर विभाग अब इन अवैध निर्माणों के प्रति कार्रवाई के मूड में आ चुका है।
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नगर की जीवनदायिनी कही जाने वाली तमसा नदी पहले शहर से सटे गुरुघाट और रामघाट के रास्ते होकर गुजरती थी। तब नगर को बाढ़ की विभिषिका से बचाने के लिए एडवांस बांध का निर्माण किया गया था।
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लेकिन जब नदी ने अपना रूख बदला तो उसके किनारे-किनारे करतालपुर बाइपास से रैदोपुर तिराहा, डीएवी कालेज, कालीचौरा, एलवल, कालीनगंज, दलालघाट होते हुए राजा जी के किले तक शहर सुरक्षा बांध का निर्माण कराया गया।

इस बांध के सुरक्षा की जिम्मेदारी बाढ़ खंड की थी। लेकिन बाढ़ खंड ने अपनी जिम्मेदारियों को नहीं समझा और वह इसके प्रति उदासीन बना रहा। जिसका परिणाम है कि शहर सुरक्षा बांध हो या एडवांस बांध दोनों पर अतिक्रमण होते रहे।

अतिक्रमण होने तक विभाग आंखें मूंदे बैठा रहा लेकिन जब अतिक्रमण हो गया तो विभाग ने नोटिस जारी कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। एडवांस बांध के किनारे की जो जमीन बांढ़खंड के अधीन आती है उस जमीन पर आलीशान होटल और बिल्डिंगें खड़ी हो चुकी हैं।

सूत्रों की मानें इनके कई मुकदमें भी न्यायालयों में चल रहे हैं। लेकिन सबसे बुरी हालत तो शहर सुरक्षा बांध की है। इस बंधे की हालत देखें काली चौरा क्षेत्र में कई स्थानों पर पीछे से लोगों ने बंधे को काटकर अपने कब्जा जमा रखा है।

नगर के एलवल मुहल्ले से राजा जी के किला तक का पूरा बंधा ही गायब हो चुका है। जिस पर लगभग 100 से अधिक मकान बन चुके हैं। सूत्रों की मानें तो इस बंधे पर नगर के कई मानिंदों ने भी जमीन कब्जा कर रखी है।

हालांकि कालीनगंज में बंधे का कुछ अस्तित्व पता चलता है। जिस पर बांसफोर अपनी मड़ई बनाकर निवास करते हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो पूर्व में बंधे पर कब्जा जमाए लोगों को नोटिस जारी हो चुकी है।

कई लोगों ने विभाग के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा भी कर रखा है। नाम न छापने की शर्त पर एक विभागीय कर्मचारी ने बताया कि बंधे पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए शासन की ओर से निर्देश मिला है। जल्द ही शासन के निर्देशानुसार समिति बनाकर कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।

अगर ऐसा हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी कि यह कैसी जमीन है। अगर जांच में यह जमीन बंधे की निकली तो बंधे को खाली कराया जाएगा। - प्रशांत कुमार, एसडीएम सदर।


मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है लेकिन मैं इसकी जांच करवाता हूं। अगर ऐसा हुआ है तो जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी।
 
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