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Azamgarh News: लंपी बीमारी से फिर दो गायों की मौत, पशुपालक परेशान
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लाटघाट। हरैया विकास खंड क्षेत्र में लंपी बीमारी से पशुओं की मौत का सिलसिला जारी है। शनिवार को रौनापार गांव निवासी बुज्झा चौबे की एक गाय की मौत हो गई। इससे पहले वातन गांव निवासी राम प्रसाद की गाय दो दिन पहले बीमारी की चपेट में आकर मौत हो गई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी केवल पालतू पशुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जंगली जानवर नीलगाय भी संक्रमित होकर मर रहे हैं। रौनापार निवासी सुनील सिंह ने बताया कि खेतों में गन्ने के बीच बीमार और मरी हुई नीलगाय देखी जा रही हैं।
गांव के कई पशुपालकों सुनील सिंह, विभूति तिवारी, महेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, राजबहादुर, राजेंद्र यादव, फूलचंद, बिसेन का पूरा के ग्रामीणों ने बताया कि उनके पशु बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। इससे पूरे क्षेत्र में पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पशु चिकित्साधिकारी हरैया सूर्य प्रकाश ने बताया कि लंपी एक वायरल व छुआछूत की बीमारी है। संक्रमित पशु के संपर्क में आने से अन्य पशु भी बीमार हो जाते हैं। कामचलाऊ व्यवस्था के तहत बकरियों में लगने वाली गोटपॉक्स वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन वह पूरी तरह कारगर नहीं है।
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ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी केवल पालतू पशुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जंगली जानवर नीलगाय भी संक्रमित होकर मर रहे हैं। रौनापार निवासी सुनील सिंह ने बताया कि खेतों में गन्ने के बीच बीमार और मरी हुई नीलगाय देखी जा रही हैं।
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गांव के कई पशुपालकों सुनील सिंह, विभूति तिवारी, महेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, राजबहादुर, राजेंद्र यादव, फूलचंद, बिसेन का पूरा के ग्रामीणों ने बताया कि उनके पशु बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। इससे पूरे क्षेत्र में पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पशु चिकित्साधिकारी हरैया सूर्य प्रकाश ने बताया कि लंपी एक वायरल व छुआछूत की बीमारी है। संक्रमित पशु के संपर्क में आने से अन्य पशु भी बीमार हो जाते हैं। कामचलाऊ व्यवस्था के तहत बकरियों में लगने वाली गोटपॉक्स वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन वह पूरी तरह कारगर नहीं है।
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