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दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचरियों की हुई चुनाव की दौरान मौत
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आजमगढ़। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान लगभग 36000 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इस ड्यूटी के दौरान काफी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी संक्रमित हुए। हालांकि कोरोना से कई संक्रमित कर्मचारियों की मौत हुई लेकिन चुनाव ड्यूटी के बाद उनका निधन हुआ है। सिर्फ दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ऐसे थे जिनकी चुनाव ड्यूटी के दौरान मौत हुई। इनके लिए 15-15 लाख मुआवजे की संस्तुति जिला प्रशासन की ओर से की गई है।
जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ने कोरोना के संक्रमण को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। इस चुनाव को संपन्न कराने के लिए हजारों संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों को लगाया गया था। चुनाव प्रशिक्षण के दौरान ही काफी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी संक्रमित हो गए। यहां तक की अधिकारियों में सीडीओ, डीडीओ और पीडी भी इस दौरान संक्रमित होकर होम आइसोलेशन में पहुंच गए। 19 अप्रैल केे संपन्न हुई मतदान की प्रक्रिया के बाद काफी संख्या में कर्मचारी संक्रमित हो गए। इनमें से कई कर्मचारियों और शिक्षकों की उपचार के दौरान मौत भी हो चुकी है। शासन की ओर से जब चुनाव के दौरान संक्रमितों की सूची मांगी गई तो जिला प्रशासन की ओर से मात्र दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की मौत को ही चुनाव के दौरान हुआ माना गया। इन कर्मचारियों को मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए शासन को संस्तुति कर दी गई है। जबकि समाज कल्याण विभाग द्वारा पांच, होमगार्ड दो, जिला पंचायत राज विभाग के दो और नगर निकायों के दो कर्मचारियों की मौत होने की सूचना उपलब्ध कराई गई थी। जिसमें सिर्फ नगर पालिका आजमगढ़ के सफाई कर्मी विरेंद्र और नगर पंचायत सरायमीर के सफाई कर्मी राजन अस्थाना की चुनाव के दौरान मौत हुई पाई गई।
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सिर्फ कर्मचारी ही चुनाव ड्यूटी के दौरान मृत हुए थी। इनकी सामान्य मौत हुई थी। इसमें नगर पालिका आजमगढ़ के विरेंद्र की अतरौलिया में मतपेटी जमा करते समय हार्ट अटैक से हुई थी। जबकि सरायमीर के सफाईकर्मी राजन अस्थाना की मौत घर जाते समय मार्ग दुर्घटना में मौत हुई थी। दोनों को 15-15 लाख रुपये मुआवजा देने के लिए शासन से संस्तुति की गई है।
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लालजी दुबे, डीपीआरओ।
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जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ने कोरोना के संक्रमण को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। इस चुनाव को संपन्न कराने के लिए हजारों संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों को लगाया गया था। चुनाव प्रशिक्षण के दौरान ही काफी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी संक्रमित हो गए। यहां तक की अधिकारियों में सीडीओ, डीडीओ और पीडी भी इस दौरान संक्रमित होकर होम आइसोलेशन में पहुंच गए। 19 अप्रैल केे संपन्न हुई मतदान की प्रक्रिया के बाद काफी संख्या में कर्मचारी संक्रमित हो गए। इनमें से कई कर्मचारियों और शिक्षकों की उपचार के दौरान मौत भी हो चुकी है। शासन की ओर से जब चुनाव के दौरान संक्रमितों की सूची मांगी गई तो जिला प्रशासन की ओर से मात्र दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की मौत को ही चुनाव के दौरान हुआ माना गया। इन कर्मचारियों को मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए शासन को संस्तुति कर दी गई है। जबकि समाज कल्याण विभाग द्वारा पांच, होमगार्ड दो, जिला पंचायत राज विभाग के दो और नगर निकायों के दो कर्मचारियों की मौत होने की सूचना उपलब्ध कराई गई थी। जिसमें सिर्फ नगर पालिका आजमगढ़ के सफाई कर्मी विरेंद्र और नगर पंचायत सरायमीर के सफाई कर्मी राजन अस्थाना की चुनाव के दौरान मौत हुई पाई गई।
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सिर्फ कर्मचारी ही चुनाव ड्यूटी के दौरान मृत हुए थी। इनकी सामान्य मौत हुई थी। इसमें नगर पालिका आजमगढ़ के विरेंद्र की अतरौलिया में मतपेटी जमा करते समय हार्ट अटैक से हुई थी। जबकि सरायमीर के सफाईकर्मी राजन अस्थाना की मौत घर जाते समय मार्ग दुर्घटना में मौत हुई थी। दोनों को 15-15 लाख रुपये मुआवजा देने के लिए शासन से संस्तुति की गई है।
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लालजी दुबे, डीपीआरओ।