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मरीजों से प्रति डाक्टर्स करें सदव्यवहार, सहानुभूति महत्वपूर्ण
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कमिश्नरी कार्यालय के सभागार में चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर बैठक को संबोधित करती मंडलायुक्त कन?
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने कहा कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों के प्रति चिकित्सकों और अन्य स्टाफ का सदव्यवहार और उनकी सहानुभूति मरीजों के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण होती है। इसलिए सभी सरकारी अस्पतालों के डाक्टर्स और स्टाफ इस ओर विशेष ध्यान दें। ताकि सुदूर क्षेत्रों से आने वाले मरीज अपने सुदृढ़ इलाज के प्रति आशान्वित और ऊर्जावान रहें।
उन्होंने कहा कि मरीजों, उनके परिजनों के साथ ही जनप्रतिनिधियों के प्रति भी सदैव आदर व सम्मान का भाव रखा जाए। कमिश्नर बुधवार को अपने कार्यालय सभागार में मंडल के तीनों जनपदों के जिला चिकित्सालयों में लॉकडाउन की अवधि में की गयी सर्जरी, प्रसव आदि चिकित्सकीय कार्यों की समीक्षा कर रही थीं। अधिकांश मरीज गरीब तबके से संबंधित होते हैं, इसलिए सभी सुविधाओं का लाभ मुहैया कराया जाए। जिला चिकित्सालय नॉन कोविड घोषित हैं, इसलिए फील्ड वर्कर्स एवं अन्य संसाधनों से आमजन को अवगत कराएं कि उन चिकित्सालयों में पूर्व की भांति ओपीडी एवं सर्जरी आदि चिकित्सीय कार्य संचालित हैं। जिला चिकित्सालयों में कोरोना वायरस से संक्रमित एवं संदिग्ध मरीजों का न तो इलाज किया जाता है और न ही उन्हें वहां भर्ती किया जाता है।
आजमगढ़ में 250 के आसपास हुई सर्जरी
आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने समीक्षा में पाया कि आजमगढ़ के जिला चिकित्सालय में 115 और महिला चिकित्सालय में 134 सर्जरी हुई है। मऊ में जिला और महिला चिकित्सालय में मेजर सर्जरी की स्थिति खराब पाई गई। सीएमएस को निर्देशित किया कि सीरियस मरीजों को वापस नहीं किया जाना है। डायलिसिस या आपरेशन की आवश्यकता है तो उसे अनिवार्य रूप से भर्ती कर उसकी सैंपलिंग कराएं। जांच रिपोर्ट आने की प्रतीक्षा किए बगैर उनका इलाज शुरू करें। सीएमएस बलिया ने बताया कि जिला चिकित्सालय में 11ञ5 और महिला चिकित्सालय में लगभग चार दर्जन आपरेशन किए गए हैं। इस मौके पर अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. एनएल यादव, एसआईसी जिला चिकित्सालय आजमगढ डा. अनूप कुमार सिंह, सीएमएम मऊ डा. बृज कुमार, सीएमएस बलिया डा. बीपी सिंह, सीएमएस महिला अस्पताल आजमगएढ़ डा. अमिता अग्रवाल, सीएमएस महिला अस्पताल मऊ डा. सी सिन्हा के साथ ही डा. सुमिता सिन्हा, डा. केके झा आदि उपस्थित थे।
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उन्होंने कहा कि मरीजों, उनके परिजनों के साथ ही जनप्रतिनिधियों के प्रति भी सदैव आदर व सम्मान का भाव रखा जाए। कमिश्नर बुधवार को अपने कार्यालय सभागार में मंडल के तीनों जनपदों के जिला चिकित्सालयों में लॉकडाउन की अवधि में की गयी सर्जरी, प्रसव आदि चिकित्सकीय कार्यों की समीक्षा कर रही थीं। अधिकांश मरीज गरीब तबके से संबंधित होते हैं, इसलिए सभी सुविधाओं का लाभ मुहैया कराया जाए। जिला चिकित्सालय नॉन कोविड घोषित हैं, इसलिए फील्ड वर्कर्स एवं अन्य संसाधनों से आमजन को अवगत कराएं कि उन चिकित्सालयों में पूर्व की भांति ओपीडी एवं सर्जरी आदि चिकित्सीय कार्य संचालित हैं। जिला चिकित्सालयों में कोरोना वायरस से संक्रमित एवं संदिग्ध मरीजों का न तो इलाज किया जाता है और न ही उन्हें वहां भर्ती किया जाता है।
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आजमगढ़ में 250 के आसपास हुई सर्जरी
आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने समीक्षा में पाया कि आजमगढ़ के जिला चिकित्सालय में 115 और महिला चिकित्सालय में 134 सर्जरी हुई है। मऊ में जिला और महिला चिकित्सालय में मेजर सर्जरी की स्थिति खराब पाई गई। सीएमएस को निर्देशित किया कि सीरियस मरीजों को वापस नहीं किया जाना है। डायलिसिस या आपरेशन की आवश्यकता है तो उसे अनिवार्य रूप से भर्ती कर उसकी सैंपलिंग कराएं। जांच रिपोर्ट आने की प्रतीक्षा किए बगैर उनका इलाज शुरू करें। सीएमएस बलिया ने बताया कि जिला चिकित्सालय में 11ञ5 और महिला चिकित्सालय में लगभग चार दर्जन आपरेशन किए गए हैं। इस मौके पर अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. एनएल यादव, एसआईसी जिला चिकित्सालय आजमगढ डा. अनूप कुमार सिंह, सीएमएम मऊ डा. बृज कुमार, सीएमएस बलिया डा. बीपी सिंह, सीएमएस महिला अस्पताल आजमगएढ़ डा. अमिता अग्रवाल, सीएमएस महिला अस्पताल मऊ डा. सी सिन्हा के साथ ही डा. सुमिता सिन्हा, डा. केके झा आदि उपस्थित थे।
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