आजमगढ़। ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में चलाया जा रहा कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। निजीकरण के फैसले के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय आह्वान पर जनपद के कर्मचारियों ने भी हाइडिल से मशाल जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी किया।
मशाल जुलूस सिधारी हाइडिल कालोनी से निकलकर मऊ रोड, शंकरजी की मूर्ति, सिधारी पुल, रैदोपुर होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। इसके बाद यह जुलूस कलेक्ट्रेट भवन से होते हुए वापस हाईडिल कालोनी में आकर समाप्त हो गया। संयोजक प्रभु नारायण पांडेय प्रेमी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को निजी हाथों में सौंपने के फैसले पर तेजी से आगे कदम बढ़ा रही है। इसके कारण प्रदेश भर के विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों के तहत जगह-जगह विरोध सभा कर जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिया गया। निजीकरण के विरोध में और सरकार की हठधर्मिता के कारण सभी संगठनों के सदस्य प्रदेश भर में मशाल जुलूस निकालकर विरोध किया। कहा कि यदि सरकार निजीकरण का फैसला वापस नहीं लेती है तो समस्त विद्युत कर्मचारी पांच अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले जायेंगे। मशाल जुलूस में इंजी निखिल शेखर, जयशंकर वर्मा, इंजी आशुतोष, इंजी चंदन यादव, राजनरायन सिंह, जयप्रकाश यादव आदि मौज्ूद रहे।

बिजली के निजीकरण के विरोध में मशाल जुलूस निकालते बिजलीकर्मी।- फोटो : AZAMGARH