{"_id":"ddd05299c6711fd082d83645660f5408","slug":"today-will-be-the-setting-sun-arghya-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डूबते सूर्य को आज दिया जाएगा अर्घ्य ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डूबते सूर्य को आज दिया जाएगा अर्घ्य
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 17 Nov 2015 12:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छठ का महापर्व रविवार की शाम से ही शुरू हो गया। लेकिन मंगलवार को व्रती महिलाएं डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य देंगी। इसके लिए जहां व्रती लोगों ने पूजा में प्रयोग होने वाले सामानों की खरीददारी की वहीं डीएम और एसपी ने भी घाटों पर तैयारी का जायजा लिया।
व्रती महिलाओं ने रविवार को ही लौकी भात खाकर 24 घंटे का निराजल व्रत रखा है। सोमवार को महिलाओं ने साठी के चावल से बनी खीर का सेवन कर 36 घंटे का निराजल व्रत शुरू किया।
मंगलवार की शाम को व्रती महिलाएं तालाब और नदियों के किनारे डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी। बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती महिलाओं का व्रत पूरा होगा।
विज्ञापन
वहीं घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पूजा समितियों और जिला प्रशासन द्वारा सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पूजा समितियों द्वारा घाटों पर छठ मइया की मूर्तियां भी लगाई गई हैं।
घाटों पर छठ मइया के गीत बज रहे हैं। वहीं पूजा में प्रयुक्त होने वाले फलों और सामानों की खरीदारी तेज हो गई। सोमवार को सामान खरीदने के लिए लोगों की भीड़ दुकानों पर उमड़ी।
खरीददारी के चलते सोमवार को पूरा नगर क्षेत्र जाम की समस्या से जूझता रहा। देर शाम जिलाधिकारी सुहास एलवाई और पुलिस अधीक्षक राकेश चंद साहू ने तमसा किनारे स्थित घाटों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने घाटों की साफ-सफाई और प्रकाश की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। पालिकाध्यक्ष इंदिरा देवी जायसवाल ने बताया कि नगर पालिका द्वारा नगर क्षेत्र से सटे 14 घाटों की साफ-सफाई का कार्य पूरा हो चुका है।
हर जगह प्रकाश की व्यवस्था की गई है। वहीं किसी भी दुर्घटना से निपटने के लिए पांच नावों के साथ गोताखोर तैनात रहेंगे। एसपी सिटी विनोद कुमार ने बताया किपुरुष के साथ ही महिला कांस्टेबलों को भी लगाया गया है।
विज्ञापन
व्रती महिलाओं ने रविवार को ही लौकी भात खाकर 24 घंटे का निराजल व्रत रखा है। सोमवार को महिलाओं ने साठी के चावल से बनी खीर का सेवन कर 36 घंटे का निराजल व्रत शुरू किया।
विज्ञापन
मंगलवार की शाम को व्रती महिलाएं तालाब और नदियों के किनारे डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी। बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती महिलाओं का व्रत पूरा होगा।
विज्ञापन
वहीं घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पूजा समितियों और जिला प्रशासन द्वारा सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पूजा समितियों द्वारा घाटों पर छठ मइया की मूर्तियां भी लगाई गई हैं।
घाटों पर छठ मइया के गीत बज रहे हैं। वहीं पूजा में प्रयुक्त होने वाले फलों और सामानों की खरीदारी तेज हो गई। सोमवार को सामान खरीदने के लिए लोगों की भीड़ दुकानों पर उमड़ी।
खरीददारी के चलते सोमवार को पूरा नगर क्षेत्र जाम की समस्या से जूझता रहा। देर शाम जिलाधिकारी सुहास एलवाई और पुलिस अधीक्षक राकेश चंद साहू ने तमसा किनारे स्थित घाटों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने घाटों की साफ-सफाई और प्रकाश की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। पालिकाध्यक्ष इंदिरा देवी जायसवाल ने बताया कि नगर पालिका द्वारा नगर क्षेत्र से सटे 14 घाटों की साफ-सफाई का कार्य पूरा हो चुका है।
हर जगह प्रकाश की व्यवस्था की गई है। वहीं किसी भी दुर्घटना से निपटने के लिए पांच नावों के साथ गोताखोर तैनात रहेंगे। एसपी सिटी विनोद कुमार ने बताया किपुरुष के साथ ही महिला कांस्टेबलों को भी लगाया गया है।