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आज पद्मश्री से होंगे सम्मानित
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 07 Apr 2015 11:47 PM IST
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जनपद के अशोक भगत को बुधवार को राष्ट्रपति की ओर से पद्मश्री सम्मान प्रदान किया जाएगा। उन्हें यह पुरस्कार झारखंड के जनजातीय क्षेत्र के किए गए विकास कार्यों और उनके प्रयासों के लिए दिया जा रहा है।
अशोक तहबरपुर ब्लाक के किशुनदासपुर गांव के हैं। राममूरत राय और जामवंती देवी की वे इकलौती संतान हैं। प्राथमिक शिक्षा गांव से ली। रसायन से स्नातक और राजनीति विज्ञान में परास्नातक की शिक्षा गोरखपुर विवि से हासिल की। अशोक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राज्य संगठन सचिव रहे। जेपी आंदोलन में आपातकाल के दौरान एक वर्ष तक जेल में रहे। उन्होंने ग्रामीण विकास वाहिनी उत्तर प्रदेश और अरविंदो नवनिर्माण प्रकल्प की स्थापना की।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सक्रिय सदस्य रहे भगत ने जनजातीय सेवा और विकास के लिए अपनी टीम के साथ विशुनपुर गुमला की सुरम्य घाटी को अपनी कर्मस्थली बनाया। जहां शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार का नामोनिशान नहीं था। आदिम जनजातियां कई-कई दिनों का मांस का सेवन कर लिया करते थे। यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी, कृषि एवं जल, जंगल, जमीन के लिए उन्होंने प्रयास किया।
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अशोक तहबरपुर ब्लाक के किशुनदासपुर गांव के हैं। राममूरत राय और जामवंती देवी की वे इकलौती संतान हैं। प्राथमिक शिक्षा गांव से ली। रसायन से स्नातक और राजनीति विज्ञान में परास्नातक की शिक्षा गोरखपुर विवि से हासिल की। अशोक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राज्य संगठन सचिव रहे। जेपी आंदोलन में आपातकाल के दौरान एक वर्ष तक जेल में रहे। उन्होंने ग्रामीण विकास वाहिनी उत्तर प्रदेश और अरविंदो नवनिर्माण प्रकल्प की स्थापना की।
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सक्रिय सदस्य रहे भगत ने जनजातीय सेवा और विकास के लिए अपनी टीम के साथ विशुनपुर गुमला की सुरम्य घाटी को अपनी कर्मस्थली बनाया। जहां शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार का नामोनिशान नहीं था। आदिम जनजातियां कई-कई दिनों का मांस का सेवन कर लिया करते थे। यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी, कृषि एवं जल, जंगल, जमीन के लिए उन्होंने प्रयास किया।
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