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Azamgarh News: यात्रियों की बसों में ढोया जा रहा ट्रांसपोर्ट का माल, छत पर चार फीट तक लाद रहे सामान
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निजी बसों पर कुछ इस तरह से ढोए जा रहे ट्रांसपोर्ट के सामान।संवाद
- फोटो : 1
नियमों को ताक पर रखकर निजी बसों में यात्रियों के सामान की आड़ में ट्रांसपोर्ट का माल और पार्सल ढोया जा रहा है। निजी बस संचालक चंद रुपये की कमाई के लिए बसों की छत पर कैरियर लगाकर चार से पांच फीट तक सामान लादकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा रहे हैं।
बस के अंदर और डिग्गी में भी यात्रियों के लगेज से अधिक पार्सल भरे जा रहे हैं। इससे यात्रियों को परेशानी के साथ हादसे का खतरा भी बना रहता है। इस पार्सल में क्या है यह भी किसी को पता नहीं रहता है।
दिल्ली, लखनऊ समेत अन्य लंबे रूटों पर चलने वाली निजी बसों में बड़े पैमाने पर सामान ढोए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। पड़ताल में सामने आया कि कई बसों में यात्रियों के बैठने की जगह और डिग्गी तक पार्सल से भरी रहती है।
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इसके अलावा बस की छत पर कैरियर लगाकर भारी सामान ले जाया जाता है। खास बात यह है कि तेज रफ्तार से चलने वाली बसों की छत पर अधिक ऊंचाई तक सामान लादे जाने से उनके असंतुलित होने का खतरा बढ़ जाता है।
निजी बसों में अंदर यात्रियों के सामान के साथ बड़ी संख्या में पार्सल रखे जाते हैं। डिग्गी में भी ट्रांसपोर्ट का सामान भरा रहता है। कई बसों की छत पर कैरियर लगाकर चार से पांच फीट तक ऊंचाई में माल लाद दिया जाता है।
दिल्ली जाने वाली बसों में यह स्थिति अधिक देखने को मिलती है। बसों की छत पर अधिक सामान होने से उनका संतुलन प्रभावित होने की आशंका रहती है। तेज रफ्तार में बस के लहराने से कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
इसके बावजूद नियमित जांच और कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यात्री बस में यात्रियों के निर्धारित लगेज को ही ले जाने की अनुमति है। इसके बावजूद ट्रांसपोर्ट का माल ढोकर निजी बस संचालक अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं।
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टैक्स चोरी का भी खेल, बसों से बिना रिकॉर्ड भेजा जा रहा माल
आजमगढ़। निजी बसों में ट्रांसपोर्ट का सामान ढोने के पीछे टैक्स चोरी का खेल भी होने की आशंका है। ट्रकों से माल भेजने पर नियमानुसार ई-वे बिल समेत अन्य दस्तावेजों की जरूरत होती है, जबकि बसों में पार्सल के रूप में सामान भेजे जाने पर उसकी निगरानी और रिकॉर्डिंग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में सामान की वास्तविक मात्रा, कीमत और स्रोत का सत्यापन मुश्किल हो जाता है। संवाद
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छत पर भारी माल से बिगड़ सकता है बस का संतुलन
आजमगढ़। बस की छत पर भारी और अधिक ऊंचाई तक सामान लादने से वाहन का गुरुत्व केंद्र ऊपर हो जाता है। इससे तेज रफ्तार में बस के असंतुलित होने, अचानक ब्रेक लगाने पर नियंत्रण बिगड़ने और मोड़ पर पलटने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा यदि पार्सल में ज्वलनशील पदार्थ मौजूद हो तो आग लगने की स्थिति में यात्रियों के लिए खतरा कई गुना बढ़ सकता है।
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बसों में यात्री केवल अपना निर्धारित सामान ले जा सकते हैं। इसका मानक तय है। यात्री वाहन में ट्रांसपोर्ट का सामान ले जाना गलत है। यात्री वाहन में अधिक यात्री बैठाए जाने या माल वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक माल लादे जाने पर परिवहन विभाग कार्रवाई कर सकता है। यात्री वाहन में अधिक माल ले जाने की स्थिति में विभाग के सॉफ्टवेयर में कार्रवाई का विकल्प उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में वाणिज्यकर विभाग कार्रवाई करेगा।
अतुल कुमार यादव, एआरटीओ प्रवर्तन
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बसों में ओवरलोड ट्रांसपोर्ट का सामान ले जाना गलत है। ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाती है। हर समय वाहनों की जांच संभव नहीं है। यदि बिना बिल-बाउचर के सामान ले जाया जा रहा है तो यह नियम विरुद्ध है। ऐसे मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि अधिक जानकारी चाहिए तो ऑफिस में आकर लीजिए। फोन पर कोई सूचना नहीं दी जाएगी।
कुमार अमित, असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी, आजमगढ़
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बस के अंदर और डिग्गी में भी यात्रियों के लगेज से अधिक पार्सल भरे जा रहे हैं। इससे यात्रियों को परेशानी के साथ हादसे का खतरा भी बना रहता है। इस पार्सल में क्या है यह भी किसी को पता नहीं रहता है।
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दिल्ली, लखनऊ समेत अन्य लंबे रूटों पर चलने वाली निजी बसों में बड़े पैमाने पर सामान ढोए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। पड़ताल में सामने आया कि कई बसों में यात्रियों के बैठने की जगह और डिग्गी तक पार्सल से भरी रहती है।
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इसके अलावा बस की छत पर कैरियर लगाकर भारी सामान ले जाया जाता है। खास बात यह है कि तेज रफ्तार से चलने वाली बसों की छत पर अधिक ऊंचाई तक सामान लादे जाने से उनके असंतुलित होने का खतरा बढ़ जाता है।
निजी बसों में अंदर यात्रियों के सामान के साथ बड़ी संख्या में पार्सल रखे जाते हैं। डिग्गी में भी ट्रांसपोर्ट का सामान भरा रहता है। कई बसों की छत पर कैरियर लगाकर चार से पांच फीट तक ऊंचाई में माल लाद दिया जाता है।
दिल्ली जाने वाली बसों में यह स्थिति अधिक देखने को मिलती है। बसों की छत पर अधिक सामान होने से उनका संतुलन प्रभावित होने की आशंका रहती है। तेज रफ्तार में बस के लहराने से कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
इसके बावजूद नियमित जांच और कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यात्री बस में यात्रियों के निर्धारित लगेज को ही ले जाने की अनुमति है। इसके बावजूद ट्रांसपोर्ट का माल ढोकर निजी बस संचालक अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं।
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टैक्स चोरी का भी खेल, बसों से बिना रिकॉर्ड भेजा जा रहा माल
आजमगढ़। निजी बसों में ट्रांसपोर्ट का सामान ढोने के पीछे टैक्स चोरी का खेल भी होने की आशंका है। ट्रकों से माल भेजने पर नियमानुसार ई-वे बिल समेत अन्य दस्तावेजों की जरूरत होती है, जबकि बसों में पार्सल के रूप में सामान भेजे जाने पर उसकी निगरानी और रिकॉर्डिंग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में सामान की वास्तविक मात्रा, कीमत और स्रोत का सत्यापन मुश्किल हो जाता है। संवाद
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छत पर भारी माल से बिगड़ सकता है बस का संतुलन
आजमगढ़। बस की छत पर भारी और अधिक ऊंचाई तक सामान लादने से वाहन का गुरुत्व केंद्र ऊपर हो जाता है। इससे तेज रफ्तार में बस के असंतुलित होने, अचानक ब्रेक लगाने पर नियंत्रण बिगड़ने और मोड़ पर पलटने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा यदि पार्सल में ज्वलनशील पदार्थ मौजूद हो तो आग लगने की स्थिति में यात्रियों के लिए खतरा कई गुना बढ़ सकता है।
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बसों में यात्री केवल अपना निर्धारित सामान ले जा सकते हैं। इसका मानक तय है। यात्री वाहन में ट्रांसपोर्ट का सामान ले जाना गलत है। यात्री वाहन में अधिक यात्री बैठाए जाने या माल वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक माल लादे जाने पर परिवहन विभाग कार्रवाई कर सकता है। यात्री वाहन में अधिक माल ले जाने की स्थिति में विभाग के सॉफ्टवेयर में कार्रवाई का विकल्प उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में वाणिज्यकर विभाग कार्रवाई करेगा।
अतुल कुमार यादव, एआरटीओ प्रवर्तन
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बसों में ओवरलोड ट्रांसपोर्ट का सामान ले जाना गलत है। ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाती है। हर समय वाहनों की जांच संभव नहीं है। यदि बिना बिल-बाउचर के सामान ले जाया जा रहा है तो यह नियम विरुद्ध है। ऐसे मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि अधिक जानकारी चाहिए तो ऑफिस में आकर लीजिए। फोन पर कोई सूचना नहीं दी जाएगी।
कुमार अमित, असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी, आजमगढ़

निजी बसों पर कुछ इस तरह से ढोए जा रहे ट्रांसपोर्ट के सामान।संवाद- फोटो : 1