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अपने बंधे को बचाने में नाकाम साबित हो रहा बाढ़खंड

Sat, 05 Feb 2022 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Feb 2022 11:27 PM IST
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Tied up occupied buildings
शहर के एलवल क्षेत्र में शहर सुरक्षा बांध पर अवैध निर्माण।-प्लान खबर की फोटो - फोटो : AZAMGARH
शहर की सुरक्षा के लिए बने शहर सुरक्षा बांध पर जगह-जगह लोगों ने कब्जा जमा लिया है। बंधे के अगल बगल भवन का निर्माण कराने वाले लोगों ने अतिक्रमण शुरू कर दिया है जबकि कई लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने बंधे पर ही इमारतें बना दी हैं। इसके बाद भी बाढ़ खंड कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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शहर की सुरक्षा के लिए बाढ़ खंड की ओर से शहर सुरक्षा बांध का निर्माण कराया गया है। ताकि नदी का पानी सीधे शहर में प्रवेश न कर सके। वर्तमान में स्थिति यह है कि यह बांध अतिक्रमण का शिकार हो गया है। शासन से मांगी गई रिपोर्ट पर विभाग ने यह तो लिखकर भेज दिया कि उसकी जमीनों पर कहीं कब्जा नहीं है लेकिन अगर देखा जाए तो शहर क्षेत्र के कई इलाकों में बंधे का अस्तित्व ही गायब हो चुका है। लोगों ने बंधे के ऊपर बिल्डिंगें खड़ी कर ली हैं। विभाग सिर्फ इन लोगों को नोटिस जारी कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर चुका है लेकिन अपनी जमीन और बंधों पर हुए अतिक्रमण को खाली नहीं करा सका है। इसका परिणाम है कि नगर के बच्चा बाबू पेट्रोल पंप से लेकर राजा जी किला तक बंधे का पूरा अस्तित्व ही खत्म हो गया है। पता ही नहीं चलता कि यहां बंधा था। वहीं नगर कोतवाली के सामने से होकर लाल डिग्गी तक जाने वाले बंधे पर अतिक्रमण शुरू हो गया है। लोगों ने इसके किनारे मकान बनाने के बाद बंधे तक सटाकर बाउंड्री कराना शुरू कर दिया है। यहां तक कि लोगों ने रेगुलेटरों पर भी कब्जा जमा लिया है जिसका खामियाजा इस बार हुई बारिश में कई मुहल्ले के लोगों को भुगतना पड़ा था। जलभराव से महीनों तक लोग या तो घरों में कैद हुए थे या फिर घर छोड़कर दूसरी जगह आशियाना बसाने को विवश हुए थे। सबकुछ जानते हुए भी विभाग मौन साधे बैठा है।
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बंधे के पास निर्माण के हैं मानक
आजमगढ़। शहर सुरक्षा बांध पर जहां लोगों का कब्जा है वहीं कुछ लोगों की ओर से इस पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं विभाग के अधिशासी अभियंता की मानें तो हर क्षेत्र में बंधे से भवन बनाने की दूरी का अलग मानक है। अगर गहराई अधिक है तो उसका मानक अलग है और गहराई कम है तो उसका मानक अलग है। अब तो यह क्षेत्र की प्रकृति पर निर्भर करता है।
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हम सीधे लोगों से कब्जे को खाली नहीं करा सकते हैं। इसके लिए पहले उन्हें नोटिस जारी की जाती है। तीन नोटिस जारी करने के बाद भी अगर अतिक्रमण को नहीं हटाया जाता है तो जबरदस्ती उनसे अतिक्रमण केे खाली कराया जाता है। बंधे पर कब्जा करने वालों में किसी को एक तो किसी को दो नोटिस जारी हुआ है। जैसे ही तीसरा नोटिस जारी होगा उसे खाली कराया जाएगा।-दिलीप कुमार, अधिशासी अभियंता बाढ़खंड।
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