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न्यायालय के लॉकअप की दीवार तोड़कर तीन बंदी फरार
ब्यूरो अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 28 Jul 2015 12:47 AM IST
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आजमगढ़। न्यायालय में पेशी के लिए मंडल कारागार से लाए गए तीन कैदी सोमवार की दोपहर लॉकअप की दीवार तोड़कर फरार हो गए। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तीनों के खिलाफ आजमगढ़, अंबेडकरनगर आदि जिलों में हत्या, हत्या के प्रयास और लूट जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक ने लापरवाही के आरोप में लॉकअप के पास ड्यूटी कर रहे पांच सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही कैदियों की धरपकड़ के लिए पांच टीमों का गठन किया है।
मुआयना करने पहुंचे सीओ नगर डा. केके सरोज के अनुसार फरार होने वाले कैदियों में अंबेडकरनगर के जैतपुर थाना क्षेत्र के बेरवां गांव निवासी रिंकू बंगाली, बरदह थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी कमलेश सरोज और कंधरापुर थाना क्षेत्र के बलाई गांव निवासी कृष्णा विश्वकर्मा शामिल हैं। तीनों आरोपियों के विरुद्ध आजमगढ़, अंबेडकर नगर आदि जिलों के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास और लूट जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। काफी दिनों से ये सभी जेल में थे। सोमवार की सुबह पुलिस लाइन में तैनात एक इंस्पेक्टर, 43 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबलों की सुरक्षा में मंडल कारागार से 113 बंदियों को पेशी के लिए न्यायालय में लाया गया था। उन्हें न्यायालय परिसर में बने लॉकअप में रखा गया था। पुलिस के कुछ जवान बंदियों की पेशी करा रहे थे, जबकि कुछ जवान उनकी सुरक्षा में तैनात थे। कई बंदियों को न्यायालय में पेश किया जा चुका था, लेकिन कमलेश और कृष्णा की पेशी नहीं हो पाई थी। अपराह्न करीब तीन बजे पुलिस वाले जब इन दोनों को ले जाने के लिए आए तो पता चला कि दोनों हैं ही नहीं। उनके साथ रिंकू बंगाली भी नदारद था। खोजबीन के दौरान पता चला कि तीनों कैदी लोहे के नुकीले छड़ से लॉकअप में पीछे की तरफ बनी शौचालय की दीवार से ईंटे निकालकर फरार हो गए। सिपाहियों ने बंदियों के भागने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद महकमे में हड़कंप मच गया। आननफानन में कैदियों को खोजने में पुलिस टीमें लगा दी गईं। जिस वक्त यह घटना घटित हुई उस समय न्यायालय परिसर में काफी भीड़ थी।
कोट :
लॉकअप के पास तैनात पांच पुलिसकर्मियों परमहंस प्रसाद, सोचनाथ राम, अब्बास अहमद, रामचंदर और लल्लन राम को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। साथ ही कैदियों की धरपकड़ के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं।-आकाश कुलहरि, पुलिस अधीक्षक
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मुआयना करने पहुंचे सीओ नगर डा. केके सरोज के अनुसार फरार होने वाले कैदियों में अंबेडकरनगर के जैतपुर थाना क्षेत्र के बेरवां गांव निवासी रिंकू बंगाली, बरदह थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी कमलेश सरोज और कंधरापुर थाना क्षेत्र के बलाई गांव निवासी कृष्णा विश्वकर्मा शामिल हैं। तीनों आरोपियों के विरुद्ध आजमगढ़, अंबेडकर नगर आदि जिलों के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास और लूट जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। काफी दिनों से ये सभी जेल में थे। सोमवार की सुबह पुलिस लाइन में तैनात एक इंस्पेक्टर, 43 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबलों की सुरक्षा में मंडल कारागार से 113 बंदियों को पेशी के लिए न्यायालय में लाया गया था। उन्हें न्यायालय परिसर में बने लॉकअप में रखा गया था। पुलिस के कुछ जवान बंदियों की पेशी करा रहे थे, जबकि कुछ जवान उनकी सुरक्षा में तैनात थे। कई बंदियों को न्यायालय में पेश किया जा चुका था, लेकिन कमलेश और कृष्णा की पेशी नहीं हो पाई थी। अपराह्न करीब तीन बजे पुलिस वाले जब इन दोनों को ले जाने के लिए आए तो पता चला कि दोनों हैं ही नहीं। उनके साथ रिंकू बंगाली भी नदारद था। खोजबीन के दौरान पता चला कि तीनों कैदी लोहे के नुकीले छड़ से लॉकअप में पीछे की तरफ बनी शौचालय की दीवार से ईंटे निकालकर फरार हो गए। सिपाहियों ने बंदियों के भागने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद महकमे में हड़कंप मच गया। आननफानन में कैदियों को खोजने में पुलिस टीमें लगा दी गईं। जिस वक्त यह घटना घटित हुई उस समय न्यायालय परिसर में काफी भीड़ थी।
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कोट :
लॉकअप के पास तैनात पांच पुलिसकर्मियों परमहंस प्रसाद, सोचनाथ राम, अब्बास अहमद, रामचंदर और लल्लन राम को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। साथ ही कैदियों की धरपकड़ के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं।-आकाश कुलहरि, पुलिस अधीक्षक
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