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मिले तीन फर्जी शिक्षक, सेवा समाप्ति की संस्तुति
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आजमगढ़। परिषदीय विद्यालयों में 2010 के बाद नियुक्ति पाए शिक्षकों की जांच में तीन अन्य फर्जी शिक्षक मिले हैं। फर्जी अंकपत्र व पता आदि अंकित किए जाने के चलते इनकी सेवा समाप्त करने की जांच समिति ने संस्तुति कर दी है।
शिक्षकों की जांच शासन करा रहा है। प्रदेश स्तर से ही एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी की चल रही जांच में 28 संदिग्ध शिक्षकों की नियुक्ति को संदिग्ध पाया गया है। इसमें तीन शिक्षकों की जांच पूरी हो गई है। शासन द्वारा गठित की गई जांच समिति में एडीएम प्रशासन, एसपी सिटी के साथ ही एडी बेसिक शामिल हैं। 2010 से अब तक चार हजार से अधिक शिक्षकों की जिले में नियुक्ति हुई है। सभी शिक्षकों के रिकार्ड बीएसए कार्यालय से एडी बेसिक कार्यालय मंगाया गया और जांच की जा रही है। अब तक जांच समिति 28 संदिग्ध फर्जी शिक्षकों की सूची तैयार की है। इसमें 15 शिक्षक दूसरी बार हुए सत्यापन में सही पाए गए। वहीं 10 ऐसे संदिग्ध शिक्षक हैं, जिनके दूसरे सत्यापन आख्या का अभी इंतजार है। इसमें तीन शिक्षकों के फर्जी होने की पुष्टि हो गई है। इनकी सेवा समाप्त करने की संस्तुति जांच टीम ने कर दी है। बीएसए से आख्या लेकर सेवा समाप्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। फर्जी चिह्नित हुए इन शिक्षकों में विनोद कुमार पुत्र राजकुमार मिश्र, लक्ष्मी तिवारी पुत्री हरश्चिंद्र तिवारी व मीना सिंह पुत्री रामनारायण शामिल है। विनोद कुमार के स्नातक प्रमाण पत्र में गड़बड़ी है तो वहीं लक्ष्मी व मीना का पता सत्यापन आख्या में अपुष्ट पाया गया है।
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शिक्षकों की जांच शासन करा रहा है। प्रदेश स्तर से ही एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी की चल रही जांच में 28 संदिग्ध शिक्षकों की नियुक्ति को संदिग्ध पाया गया है। इसमें तीन शिक्षकों की जांच पूरी हो गई है। शासन द्वारा गठित की गई जांच समिति में एडीएम प्रशासन, एसपी सिटी के साथ ही एडी बेसिक शामिल हैं। 2010 से अब तक चार हजार से अधिक शिक्षकों की जिले में नियुक्ति हुई है। सभी शिक्षकों के रिकार्ड बीएसए कार्यालय से एडी बेसिक कार्यालय मंगाया गया और जांच की जा रही है। अब तक जांच समिति 28 संदिग्ध फर्जी शिक्षकों की सूची तैयार की है। इसमें 15 शिक्षक दूसरी बार हुए सत्यापन में सही पाए गए। वहीं 10 ऐसे संदिग्ध शिक्षक हैं, जिनके दूसरे सत्यापन आख्या का अभी इंतजार है। इसमें तीन शिक्षकों के फर्जी होने की पुष्टि हो गई है। इनकी सेवा समाप्त करने की संस्तुति जांच टीम ने कर दी है। बीएसए से आख्या लेकर सेवा समाप्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। फर्जी चिह्नित हुए इन शिक्षकों में विनोद कुमार पुत्र राजकुमार मिश्र, लक्ष्मी तिवारी पुत्री हरश्चिंद्र तिवारी व मीना सिंह पुत्री रामनारायण शामिल है। विनोद कुमार के स्नातक प्रमाण पत्र में गड़बड़ी है तो वहीं लक्ष्मी व मीना का पता सत्यापन आख्या में अपुष्ट पाया गया है।
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