{"_id":"5f11de058ebc3e638e078335","slug":"the-water-level-of-ghagra-falls-below-the-danger-point-azamgarh-news-vns5364132194","type":"story","status":"publish","title_hn":"घटकर खतरा बिंदू से नीचे आया घाघरा का जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घटकर खतरा बिंदू से नीचे आया घाघरा का जलस्तर
विज्ञापन
श्लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में तेजी से घटाव का सिलसिला शुरू हो गया है। दो दिन में ही नदी घटकर दो गेजों पर खतरा बिंदू से नीचे गया है। विगत 24 घंटे में नदी के जलस्तर में बदरहुंआ गेज पर 32 और डिघिया गेज पर 43 सेमी की घटोत्तरी दर्ज की गई। नदी के जलस्तर में घटाव के साथ ही कटान भी तेज हो गई है। जिसे देख ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
बदरहुंआ नाले पर गुरुवार को नदी का जलस्तर 71: 57 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को 32 सेमी घटकर 71:25 मीटर पर आ गया। नदी यहां पर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 11 सेमी नीचे आ गई। वहीं डिघिया नाले पर गुरुवार को नदी का जलस्तर 70.45 मीटर दर्ज किया गया था। जो शुक्रवार को 43 सेमी घटकर 70.02 पर आ गया है। यहां पर नदी खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 38 सेमी नीचे आ गई है। घाघरा नदी का जलस्तर काफी नीचे हो जाने से घाघरा के तटवर्ती क्षेत्र में कटान का डर सताने लगा है। वहीं आराजी सेमरी और आराजी पहाड़प़ुर में नदी की धारा में चार एकड़ जमीन विलीन हो गई। देवारा खास राजा के मुरारी का पूरा, त्रिलोकी का पूरा, अचलनगर के गरीब दूबे और दुबान में कटान धीरे-धीरे शुरू हो गई है। सेमरी गांव का प्राइमरी विद्यालय घाघरा की कटान के निशाने पर है।गांवों में जलजमाव होने से गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। गांव में जगह जगह जमे पानी के सड़ने से संक्रामक बीमारी फैल सकती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी जो आठ गांव पानी से घिरे थे उन गांवों में ब्लीचिंग पाउडर आदि का छिड़काव नहीं हुआ और ना ही क्लोरीन की गोली बांटी गई। इससे अब गांव में धीरे-धीरे बीमारी का डर सताने लगा है। लोगों में सर्दी, जुखाम, खांसी और खुजली जैसी बीमारियां पांव पसारने लगी हैं।
विज्ञापन
बदरहुंआ नाले पर गुरुवार को नदी का जलस्तर 71: 57 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को 32 सेमी घटकर 71:25 मीटर पर आ गया। नदी यहां पर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 11 सेमी नीचे आ गई। वहीं डिघिया नाले पर गुरुवार को नदी का जलस्तर 70.45 मीटर दर्ज किया गया था। जो शुक्रवार को 43 सेमी घटकर 70.02 पर आ गया है। यहां पर नदी खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 38 सेमी नीचे आ गई है। घाघरा नदी का जलस्तर काफी नीचे हो जाने से घाघरा के तटवर्ती क्षेत्र में कटान का डर सताने लगा है। वहीं आराजी सेमरी और आराजी पहाड़प़ुर में नदी की धारा में चार एकड़ जमीन विलीन हो गई। देवारा खास राजा के मुरारी का पूरा, त्रिलोकी का पूरा, अचलनगर के गरीब दूबे और दुबान में कटान धीरे-धीरे शुरू हो गई है। सेमरी गांव का प्राइमरी विद्यालय घाघरा की कटान के निशाने पर है।गांवों में जलजमाव होने से गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। गांव में जगह जगह जमे पानी के सड़ने से संक्रामक बीमारी फैल सकती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी जो आठ गांव पानी से घिरे थे उन गांवों में ब्लीचिंग पाउडर आदि का छिड़काव नहीं हुआ और ना ही क्लोरीन की गोली बांटी गई। इससे अब गांव में धीरे-धीरे बीमारी का डर सताने लगा है। लोगों में सर्दी, जुखाम, खांसी और खुजली जैसी बीमारियां पांव पसारने लगी हैं।
विज्ञापन