लाटघाट। जनपद की उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर कई दिनों तक लगातार बढ़ने के बाद अब घटने लगा है। जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई है। जिसके कारण बगहवा गांव के अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है।
बृहस्पतिवार को डिघिया गेज पर घाघरा नदी का जलस्तर 71.09 मीटर दर्ज किया गया था। जो शुक्रवार को घटकर 70.88 मीटर हो गया। वहीं बदरहुंआ गेज पर बृहस्पतिवार को घाघरा नदी का जलस्तर 71.79 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को घटकर 71.57 मीटर हो गया है। डिघिया गेज पर घाघरा का खतरा बिंदू 70.40 मीटर और बदरहुंआ पर 71.68 मीटर है। डिघिया में नदी का जलस्तर अभी भी खतरा बिंदू से ऊपर बना हुआ है जबकि बदरहुंआ में जलस्तर खतरा बिंदू से नीचे आ गया है। विगत 24 घंटे में डिघिया नाले पर 21 सेमी और बदरहुआ पर 22 सेमी कम हुआ है। नदी का पानी घटने से कटान और तेज हो गई है। सगड़ी तहसील के देवारा खास राजा के बगहवा गांव का अस्तित्व खतरे में है। बगहवा में 10 घरों से टकराकर नदी बह रही है। इस गांव का अस्तित्व खतरे में है। एक दर्जन से अधिक बस्तियों में चारों तरफ से पानी भर गया है। संपर्क मार्ग और पुलिया पानी में डूब गए हैं। अजगरा, बेलहिया, सोनौरा, मानिकपुर, चक्की में नाव की आवश्यकता है। लोग अपने व्यक्तिगत नाव से आवागमन कर रहे हैं। तहसील प्रशासन की ओर से अब तक नाव का इंतजाम नहीं किया गया है। सैकड़ों बीघा धान, पशुओं का हरा चारा की फसल बर्बाद हो गई है। घाघरा नदी की कटान गांगेपुर रिंग बांध पर तेज कर दिया है। रिंग बांध का भी अस्तित्व खतरे में है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता और अवर अभियंता बराबर नजर बनाए हुए हैं। सहायक अभियंता का कहना है कि हम लोग पूरी ताकत के साथ बंधे को बचाने में लगे हुए हैं बंधे पर कोई खतरा नहीं है।