लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा की बाढ़ अब सामान्य होने की ओर अग्रसर है। वहीं जलस्तर घटने से कटान में तेजी आ गई है। बगहवा में कटान से कई परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। कटान की जद में आए लोग खुद अपना आशियाना तोड़कर पलायन करने को विवश हो गए हैं।
कृषि योग्य भूमि के लगातार कटने से किसानों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो रहा है। गांगेपुर, महुला देवारा, परसिया, अचल नगर में नदी कटान कर रही है। बगहवा कटान की जद में आए घरों में रहने वाले लोग अपने हाथों अपने घर उजाड़कर पलायन कर रहे हैं। घाघरा के जलस्तर में तेजी से गिरावट आ रही है। यही कारण है कि कटान में तेजी आ रही है। ग्राम पंचायत देवारा खास राजा के मजरा बगहवा में कटान तेज हो गई है। ज्यों-ज्यों घाघरा नदी का जलस्तर घट रहा है त्यों त्यों कटान बढ़ रही है। कटान करते हुए नदी गांव के बिल्कुल नजदीक आ गई है। गांव जाने वाली रोड आधी कट गई है। पिछले साल भी नदी ने गांव को निशाना बनाया था। जिसमें तीन बस्तियां समाहित हो गई थी। संपर्क मार्ग कट रहे हैं। जमा पानी से दुर्गंध आ रहा है। गांव में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। अभी भी गांव में ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरीन की गोली वितरण नहीं कराई गई। गांव के चारों तरफ जहां पानी लगा है। वहीं धान की फसल पूर्ण रूप से बर्बाद हो गई है। बाढ़ के पानी से फसलें सूख रही हैं और डूब गई हैं। फसल डूब जाने से किसानों के सामने संकट उत्पन्न हो गया है। घाघरा नदी में कतर्निया घाट से 147000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। आज भी साहडीह, सोनौरा, अजगरा मगरवी आदि गांव में नावें चलाई जा रही हैं।