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Azamgarh News: परशुरामपुर में नई तहसील बनाने का प्रस्ताव फिर उठा
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अपर आयुक्त को ज्ञापन सौंपते देवरा विकास संघर्ष समिति के लोग
आजमगढ़। जनपद की सगड़ी तहसील को विभाजित कर परशुरामपुर में नई तहसील स्थापित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में शासन को पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकृति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देवारा विकास संघर्ष समिति ने अपर आयुक्त को सौंपा।
समिति के लोगों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय जनता की मांग पर प्रशासनिक स्तर से कई बार सगड़ी तहसील के विभाजन का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। जबकि, वर्ष 2008 में तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी और तहसीलदार सगड़ी द्वारा संयुक्त रूप से तहसील विभाजन का प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी को सौंपा गया था। इसके बाद जिलाधिकारी ने अपनी संस्तुति के साथ प्रस्ताव शासन को भेजा। इसके बाद भी विभिन्न तिथियों में यह प्रस्ताव कई बार शासन को प्रेषित किया गया, लेकिन अभी तक इसे स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
उन्होंने बताया कि सगड़ी तहसील जनपद की सबसे बड़ी तहसील है, जिसमें 973 राजस्व ग्राम, चार नायब तहसीलदार क्षेत्र, चार विकास खंड, तीन पूर्ण और चार आंशिक थाना क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा तीन नगर पंचायत और एक नगर पालिका भी इसी तहसील के अंतर्गत आती हैं। क्षेत्रफल की दृष्टि से तहसील पूर्व से उत्तर-पश्चिम तक लगभग 80 किलोमीटर में फैली हुई है। विशेष रूप से घाघरा नदी के उत्तर में बसे गांवों के लोगों को तहसील मुख्यालय तक पहुंचने में काफी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उन्हें प्रशासनिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस मौके पर जय प्रकाश लाल, संजय मिश्र, रिशु मिश्र, अजय यादव आदि उपस्थित थे।
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समिति के लोगों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय जनता की मांग पर प्रशासनिक स्तर से कई बार सगड़ी तहसील के विभाजन का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। जबकि, वर्ष 2008 में तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी और तहसीलदार सगड़ी द्वारा संयुक्त रूप से तहसील विभाजन का प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी को सौंपा गया था। इसके बाद जिलाधिकारी ने अपनी संस्तुति के साथ प्रस्ताव शासन को भेजा। इसके बाद भी विभिन्न तिथियों में यह प्रस्ताव कई बार शासन को प्रेषित किया गया, लेकिन अभी तक इसे स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
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उन्होंने बताया कि सगड़ी तहसील जनपद की सबसे बड़ी तहसील है, जिसमें 973 राजस्व ग्राम, चार नायब तहसीलदार क्षेत्र, चार विकास खंड, तीन पूर्ण और चार आंशिक थाना क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा तीन नगर पंचायत और एक नगर पालिका भी इसी तहसील के अंतर्गत आती हैं। क्षेत्रफल की दृष्टि से तहसील पूर्व से उत्तर-पश्चिम तक लगभग 80 किलोमीटर में फैली हुई है। विशेष रूप से घाघरा नदी के उत्तर में बसे गांवों के लोगों को तहसील मुख्यालय तक पहुंचने में काफी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उन्हें प्रशासनिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस मौके पर जय प्रकाश लाल, संजय मिश्र, रिशु मिश्र, अजय यादव आदि उपस्थित थे।
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