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Azamgarh News: घंटाघर की पुरानी घड़ियों को हटाकर लगाई जाएंगी नई
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आजमगढ़। नगर के सिविल लाइन चौराहे पर स्थित घंटाघर के सुंदरीकरण का कार्य नगरपालिका ने शुरू कर दिया है। पालिका द्वारा पीपीपी मॉडल पर इस घंटाघर का निर्माण कराया जा रहा है। घंटाघर में पहले से लगी घड़ियों को हटाकर उनके स्थान पर नई घड़ियों को लगाया जाएगा।
नगर पालिका द्वारा सिविल लाइन चौराहे पर पूर्व पालिकाध्यक्ष इंदिरा देवी जायसवाल ने घंटाघर का निर्माण कराया। इसके सुंदरीकरण के लिए इस टाइल्स लगाई गईं। घंटाघर में चार घड़ियां लगाई गईं। लगने के बाद यह चारों घड़ियां अलग-अलग समय बताती रहीं।
किसी ने भी इन घड़ियों की टाइमिंग सही कराने की जरूरत नहीं समझी। कुछ दिन तक तो सारी घड़ियां चलती रहीं, लेकिन इसके बाद तीन घड़ियां बंद हो गई सिर्फ एक घड़ी समय बताती रही। इसके बाद यह घड़ी भी बंद हो गई। पालिका के जिम्मेदार बंद घड़ियों के खराब होने और उनकी मरम्मत के लिए लखनऊ से कारीगर आने की बात कहते रहे। सालों बीत गए न तो घड़ियां बनी और ना ही लखनऊ से इन्हें बनाने के लिए कारीगर ही आया। इसका परिणाम हुआ एक-एक कर घंटाघर की घड़ियां गायब होने लगी। अब नगर पालिका प्रशासन ने घंटाघर के सुंदरीकरण का कार्य शुरू कर दिया है।
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इस संबंध में नगरपालिका के ईओ विवेक त्रिपाठी ने बताया कि नगरपालिका ने पीपीपी मॉडल पर घंटाघर चौराहे के सुंदरीकरण कार्य कराया जा रहा है। घंटाघर का सुंदरीकरण कराने के बाद पुरानी घड़ियों के स्थान पर नई घड़ियों को लगाया जाएगा।
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नगर पालिका द्वारा सिविल लाइन चौराहे पर पूर्व पालिकाध्यक्ष इंदिरा देवी जायसवाल ने घंटाघर का निर्माण कराया। इसके सुंदरीकरण के लिए इस टाइल्स लगाई गईं। घंटाघर में चार घड़ियां लगाई गईं। लगने के बाद यह चारों घड़ियां अलग-अलग समय बताती रहीं।
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किसी ने भी इन घड़ियों की टाइमिंग सही कराने की जरूरत नहीं समझी। कुछ दिन तक तो सारी घड़ियां चलती रहीं, लेकिन इसके बाद तीन घड़ियां बंद हो गई सिर्फ एक घड़ी समय बताती रही। इसके बाद यह घड़ी भी बंद हो गई। पालिका के जिम्मेदार बंद घड़ियों के खराब होने और उनकी मरम्मत के लिए लखनऊ से कारीगर आने की बात कहते रहे। सालों बीत गए न तो घड़ियां बनी और ना ही लखनऊ से इन्हें बनाने के लिए कारीगर ही आया। इसका परिणाम हुआ एक-एक कर घंटाघर की घड़ियां गायब होने लगी। अब नगर पालिका प्रशासन ने घंटाघर के सुंदरीकरण का कार्य शुरू कर दिया है।
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इस संबंध में नगरपालिका के ईओ विवेक त्रिपाठी ने बताया कि नगरपालिका ने पीपीपी मॉडल पर घंटाघर चौराहे के सुंदरीकरण कार्य कराया जा रहा है। घंटाघर का सुंदरीकरण कराने के बाद पुरानी घड़ियों के स्थान पर नई घड़ियों को लगाया जाएगा।