आजमगढ़ डबल मर्डर: गांव का ही युवक निकला नानी-नातिन का हत्यारोपी, पुलिस मुठभेड़ में हुआ घायल
नानी व नतिन की रविवार रात धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी थी। मामले की जांच व हत्यारे का पता लगाने के लिए एसपी ने चार टीमें लगाई थीं।
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आजमगढ़ में दीदारगंज थाना क्षेत्र के गुवांई गांव में नानी और नातिन की हत्या का आरोपी बैरकडीह पुल के पास सोमवार को हुई मुठभेड़ में पुलिस की गोली से घायल हो गया। उसे दीदारगंज पीएचसी से जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से घर में लूटी गई धनराशि, जेवरात, हत्या में प्रयुक्त औजार और असलहा बरामद किया है।
पकड़ा गया आरोपी गुवांई गांव का ही निवासी है। पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि दीदारगंज थाना क्षेत्र के गुवांई गांव में एक घर में 50 वर्षीय लीलावती गुप्ता पत्नी उमाशंकर गुप्ता और अहरौला गांव निवासी उनकी 13 वर्षीय नातिन आंचल गुप्ता की धारदार हथियार से हत्या कर दी र्गइ थी। मामले की जांच के लिए चार टीमें लगी थीं।
पुलिस की जांच में पता चला कि डबल मर्डर के मामले में संदिग्ध एक व्यक्ति अरनौला के पास वाहन का इंतजार कर रहा है। वह कहीं भागने की फिराक में है। पुलिस सक्रिय हुई और बताए हुए स्थान पर पहुंच कर उसे हिरासत में ले लिया। पकड़ा गया आरोपी चंद्रजीत चौहान ग्राम गुवांई थाना दीदारगंज का है। पुलिस ने उसके पास से 74 हजार रुपये व एक मोबाइल बरामद किया।
पुलिस ने गहनता से पूछताछ की तो उसने 13 मार्च की रात हुए दोहरे हत्या को अंजाम देना स्वीकार किया। उक्त रुपये घटनास्थल से ही लूटना बताया गया। शेष पैसा व आला कत्ल पहन्सूल अमृतगंज बाजार में अपने खेत में छिपाना बताया गया।
उक्त सूचना पर पुलिस द्वारा अमृतगंज बाजार के पास स्थित खेत से घटना के दिन पहने हुए खून से सने कपड़े में आठ लाख नब्बे हजार चार 400 रुपये एक जींस का पैंट, जूता व सफेद बनियान व आला कत्ल पहसुल हन्सूल रामद किया गया।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे पैसे की सख्त जरूरत थी। गांव में यह चर्चा थी कि मृतका लीलावती जमीन लिखाने के लिए प्रयास में थी और उसके लिए पैसा इकट्ठा करके घर में लाकर रखी है। बताया कि 12 मार्च की रात में करीब 8.30 बजे मृतका के घर में चैनल खुला हुआ था तो वह अंदर घुसकर बरामदे में रखे तख्ते के नीचे छुप गया।
रात में मृतका व उसकी नातिनी चैनल में ताला बंद करके सो गई। वह रात में वहीं छिपा रहा। रात में मृतका लीलावती बाथरूम करने उठी तब उसने उसके सिर पर लोहे के पाइप से वार कर दिया जिससे वह गिर पड़ी और गिरते पड़ते कमरे के अंदर जाकर पहसुल उठा ली।
इसी बीच उसकी नातिन आ गई तो उसपर वार किया। उसने दोनों की हत्या कर दी। घटना के बाद वह बक्से की चाबी खोज कर बक्से का ताला खोला और उसमें से पैसे और जेवर निकाल लिया। पैसे व जेवर एक झोले में रख कर वह छत पर पहुचकर, छत से लगे अमरूद के पेड़ के सहारे उतरकर वहां से भाग गया।
उसने बताया कि जेवर व कत्ल में प्रयुक्त पाइप बैरकडीह तालाब के पास छिपा दिया है। एसओ दीदारगंज मय हमराह अभियुक्त को साथ लेकर बरामदगी के लिए रवाना हुए। अभियुक्त द्वारा बैरकडीह के पास जेवर व आला कत्ल स्वयं द्वारा छिपाया जाना बताया गया।
पुलिस टीम मौके पर बरामदगी के लिए पहुंची तो अभियुक्त द्वारा जेवर व पाइप देते हुए वहां पर पूर्व से छिपाए तमंचे को एकाएक उठाकर पुलिस पार्टी पर भागते हुए चार फायर किया गया। पुलिस द्वारा भी आत्मरक्षार्थ किए गए फायर से अभियुक्त के बाए घुटने में गोली लगी जिससे वह घायल हो गया।
अनावरण करने वाली पुलिस टीम को किया पुरस्कृत
आजमगढ़ में घटी इस प्रकार की जघन्य हत्याकांड से जनमानस में काफी आक्रोश था। जिसका पुलिस टीम द्वारा 35 घंटे में सफल अनावरण करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। घटना के अनावरण के लिए एडीजी जोन वाराणसी द्वारा 50 हजार रुपये व डीआईजी परिक्षेत्र आजमगढ़ द्वारा 50 हजार रुपये तथा पुलिस अधीक्षक द्वारा 25 हजार रुपये से घटना का अनावरण करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत किया गया।