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नेताओं ने नहीं सुनी तो खुद बना ली राह
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 06 Aug 2015 12:13 AM IST
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घाघरा की विभीषिका का सामना करने वाले सोनौरा गांव के लोगों ने प्रशासन और चुनाव में वोट बटोरने के लिए सिर्फ आश्वासन देने वाले नेताओं को आईना दिखाते हुए खुद ही रास्ता बना लिया। गांव के लोग कई बार जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रशासन से गुहार लगा चुके थे लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
पुल न सही, खरैलिया ढाला से 500 मीटर दूर हनुमान मंदिर के पास लोगों ने बांस और लकड़ी के सहारे चह का निर्माण कर आवागमन के लिए रास्ता बना लिया। बताते चलें कि सगड़ी तहसील के उत्तरी छोर से होकर गुजरने वाली घाघरा में बाढ़ के दौरान कई गांवों का संपर्क मार्ग पानी में डूब जाता है। इतना ही नहीं, कुछ गांवों का संपर्क मार्ग नदी में पानी बढ़ने से जलमग्न हो जाता है।
सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को पानी में घुसकर दूसरी जगह आना-जाना पड़ता है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि खरैलिया ढाला से सोनौरा तक पुल बनवाने की घोषणा कई बार कर चुके हैं लेकिन हालात जस के तस हैं। चुनाव खत्म और जनप्रतिनिधि नदारद। ग्रामीण पुल की मांग को लेकर पूर्व भाजपा सांसद रमाकांत यादव, मंत्री शिवपाल यादव, विधायक अभय नरायन पटेल आदि से गुहार लगा चुके हैं। जब कोई फायदा नहीं हुआ तो ग्राम प्रधान रामकरन सिंह पटेल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आवागमन के लिए चह का निर्माण किया। इस चह से क्षेत्र के सोनौरा, झनसनपुर, मगर्वी, अजमगरा सहित दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को आवागमन के लिए सुविधा हो गई है।
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ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से खरैलिया ढाला से सोनौरा जाने वाले मार्ग पर पुल निर्माण की मांग की है। खरैलिया ढाला से सोनौरा की दूरी दो किलोमीटर है। चह का निर्माण न होने से लोगों को सात किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि हनुमान मंदिर के पास गर्मी के मौसम को छोड़कर अन्य दिनों में पानी भरा रहता है।
घाघरा का जलस्तर प्रतिघंटे दो सेमी की स्पीड से बढ़ रहा है। इससे ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ने लगी है। विगत कई दिनों की घटोतरी के बाद मंगलवार से धीरे-धीरे बढ़ रही घाघरा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी शुरू हो गई है। मंगलवार को नदी का जलस्तर बदहुआं नाले पर 70.70 मीटर था, जो बुधवार को 42 सेमी बढ़कर 71.12 मीटर पर पहुंच गया। डिघिया नाले पर नदी का जलस्तर मंगलवार को 69.61 मीटर मापा गया था, जो बुधवार को 55 सेमी बढ़कर 70.16 मीटर पर पहुंच गया।
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पुल न सही, खरैलिया ढाला से 500 मीटर दूर हनुमान मंदिर के पास लोगों ने बांस और लकड़ी के सहारे चह का निर्माण कर आवागमन के लिए रास्ता बना लिया। बताते चलें कि सगड़ी तहसील के उत्तरी छोर से होकर गुजरने वाली घाघरा में बाढ़ के दौरान कई गांवों का संपर्क मार्ग पानी में डूब जाता है। इतना ही नहीं, कुछ गांवों का संपर्क मार्ग नदी में पानी बढ़ने से जलमग्न हो जाता है।
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सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को पानी में घुसकर दूसरी जगह आना-जाना पड़ता है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि खरैलिया ढाला से सोनौरा तक पुल बनवाने की घोषणा कई बार कर चुके हैं लेकिन हालात जस के तस हैं। चुनाव खत्म और जनप्रतिनिधि नदारद। ग्रामीण पुल की मांग को लेकर पूर्व भाजपा सांसद रमाकांत यादव, मंत्री शिवपाल यादव, विधायक अभय नरायन पटेल आदि से गुहार लगा चुके हैं। जब कोई फायदा नहीं हुआ तो ग्राम प्रधान रामकरन सिंह पटेल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आवागमन के लिए चह का निर्माण किया। इस चह से क्षेत्र के सोनौरा, झनसनपुर, मगर्वी, अजमगरा सहित दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को आवागमन के लिए सुविधा हो गई है।
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ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से खरैलिया ढाला से सोनौरा जाने वाले मार्ग पर पुल निर्माण की मांग की है। खरैलिया ढाला से सोनौरा की दूरी दो किलोमीटर है। चह का निर्माण न होने से लोगों को सात किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि हनुमान मंदिर के पास गर्मी के मौसम को छोड़कर अन्य दिनों में पानी भरा रहता है।
घाघरा का जलस्तर प्रतिघंटे दो सेमी की स्पीड से बढ़ रहा है। इससे ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ने लगी है। विगत कई दिनों की घटोतरी के बाद मंगलवार से धीरे-धीरे बढ़ रही घाघरा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी शुरू हो गई है। मंगलवार को नदी का जलस्तर बदहुआं नाले पर 70.70 मीटर था, जो बुधवार को 42 सेमी बढ़कर 71.12 मीटर पर पहुंच गया। डिघिया नाले पर नदी का जलस्तर मंगलवार को 69.61 मीटर मापा गया था, जो बुधवार को 55 सेमी बढ़कर 70.16 मीटर पर पहुंच गया।