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कुपोषित बच्चों की करें पहचान
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 01 Mar 2015 12:10 AM IST
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कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार की शाम राज्य पोषण मिशन के अन्तर्गत जिला पोषण समिति की बैठक हुई। प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार मिश्र ने कहा कि कुपोषण पूरे समाज के लिए कलंक है।
हमें यह दृढ़ संकल्प करना होगा कि कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें कुपोषणमुक्त बनाए। न्होंने कहा कि चार मार्च को सभी गांवों में ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) का आयोजन किया जाएगा।
जिसमें गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबीन, ब्लड परीक्षण के साथ ही टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के अवसर पर सभी एएनएम, आशाओं एवं कार्यकत्रयों की गांवों में उपस्थिति करें।
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उन्होंने सीएमओ से कहा कि कुपोषित बच्चों की अद्यतन स्थिति के संबंध में आईसीडीएस विभाग से लगातार समन्वय बनाए रखें। डिप्टी कलेक्ट रितु सुहास ने कहा कि 0-6 वर्ष तक के बच्चों का वजन कराने के लिए विशेष रूप ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक किया जाए।
उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को डिजिटल डायरी बनाने के लिए अपने स्तर से कार्यवाही करें।
उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। कहा कि जहां तक हो सके अपने स्तर से लोगों को कुपोषण के बारे में जागरूक किया जाए।
उनसे भी अपेक्षा की जाए कि वह आैरों को जागरूक करें। इसके लिए महिलाओं को भी आगे आने का आह्वान किया गया। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी सेराज अहमद,
जिला विद्यालय निरीक्षक कृष्ण पाल सिंह यादव, जिला
बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी विपिन सोनकर, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. संजय कुमार थे।
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हमें यह दृढ़ संकल्प करना होगा कि कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें कुपोषणमुक्त बनाए। न्होंने कहा कि चार मार्च को सभी गांवों में ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) का आयोजन किया जाएगा।
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जिसमें गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबीन, ब्लड परीक्षण के साथ ही टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के अवसर पर सभी एएनएम, आशाओं एवं कार्यकत्रयों की गांवों में उपस्थिति करें।
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उन्होंने सीएमओ से कहा कि कुपोषित बच्चों की अद्यतन स्थिति के संबंध में आईसीडीएस विभाग से लगातार समन्वय बनाए रखें। डिप्टी कलेक्ट रितु सुहास ने कहा कि 0-6 वर्ष तक के बच्चों का वजन कराने के लिए विशेष रूप ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक किया जाए।
उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को डिजिटल डायरी बनाने के लिए अपने स्तर से कार्यवाही करें।
उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। कहा कि जहां तक हो सके अपने स्तर से लोगों को कुपोषण के बारे में जागरूक किया जाए।
उनसे भी अपेक्षा की जाए कि वह आैरों को जागरूक करें। इसके लिए महिलाओं को भी आगे आने का आह्वान किया गया। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी सेराज अहमद,
जिला विद्यालय निरीक्षक कृष्ण पाल सिंह यादव, जिला
बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी विपिन सोनकर, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. संजय कुमार थे।